Makar Sankranti 2026: तिल के इन अचूक उपायों से खुल सकता है भाग्य, धन और सुख के नए द्वार
Makar Sankranti 2026 को ज्योतिष और शास्त्रों में अत्यंत फलदायी माना गया है. इस दिन तिल से जुड़े दान और उपाय शनि दोष, आर्थिक तंगी और दुर्भाग्य को दूर कर सकते हैं. सही विधि से किए गए उपाय जीवन में स्थायी सुख और समृद्धि ला सकते हैं.
Makar Sankranti 2026: जब सूर्य उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं बल्कि आध्यात्मिक परिवर्तन का दुर्लभ अवसर बन जाती है. वर्ष 2026 की मकर संक्रांति विशेष योग लेकर आ रही है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन तिल से जुड़े उपाय करने से बंद किस्मत खुल सकती है और जीवन में धन, शांति और स्थिरता का आगमन होता है.
तिल और मकर संक्रांति का आध्यात्मिक संबंध

यह दिन सूर्य देव के उत्तरायण होने का भी प्रतीक है, जो सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का संकेत देता है. इसी कारण इस दिन किए गए तिल दान और उपाय सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देते हैं. धार्मिक ग्रंथों में यहां तक कहा गया है कि मकर संक्रांति पर तिल का छोटा सा दान भी व्यक्ति के भाग्य की दिशा बदल सकता है और वर्षों से चली आ रही परेशानियों का अंत कर सकता है.
तिल मिले जल से स्नान का महत्व
तिल युक्त जल से स्नान करने से दुर्भाग्य दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इससे शनि के अशुभ प्रभाव भी कमजोर पड़ते हैं. यह उपाय सरल है, लेकिन इसका प्रभाव गहरा और दीर्घकालिक माना गया है, खासकर वर्ष 2026 की मकर संक्रांति पर.
तिल और गुड़ का दान क्यों कहलाता है महादान
मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का दान करना महादान की श्रेणी में आता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दान शनि दोष को शांत करता है और धन आगमन में आ रही रुकावटों को समाप्त करता है. जो लोग कर्ज, आय में कमी या आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह दान विशेष रूप से लाभकारी माना गया है.
तिल और गुड़ का दान किसी जरूरतमंद, ब्राह्मण या मंदिर में किया जा सकता है. कहा जाता है कि इस दान से जीवन में स्थिरता आती है और व्यक्ति को अपने परिश्रम का पूरा फल मिलने लगता है. वर्ष 2026 में ग्रहों की स्थिति इस दान को और अधिक प्रभावशाली बना रही है.
हवन और तिल की आहुति से घर में सुख शांति
मकर संक्रांति की संध्या को घर में छोटा सा हवन करना अत्यंत शुभ माना गया है. हवन में काले तिल की आहुति देते हुए ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करने से वातावरण शुद्ध होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और माता लक्ष्मी का स्थायी वास होता है.
जिन घरों में बार-बार कलह, रोग या आर्थिक समस्या बनी रहती है, वहां यह उपाय विशेष लाभ देता है. यह केवल धार्मिक क्रिया नहीं बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शांति का भी माध्यम माना गया है.
पितरों और कुबेर दिशा से जुड़ा तिल उपाय
मकर संक्रांति पर पितरों के लिए काले तिल से तर्पण करना अत्यंत आवश्यक बताया गया है. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल में काले तिल डालकर अर्घ्य देने से पितृ दोष शांत होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
साथ ही घर की उत्तर दिशा, जिसे कुबेर की दिशा कहा जाता है, वहां तिल भरकर रखने और अगले दिन दान करने का उपाय भी अत्यंत प्रभावी माना गया है. यह उपाय व्यापार में वृद्धि, नौकरी में तरक्की और अटके हुए धन की वापसी में सहायक होता है. वर्ष 2026 की मकर संक्रांति पर इन उपायों का प्रभाव और भी अधिक बताया गया है.
