
Devraha Baba Biography: जानिए कौन थे 'देवरहा बाबा' ! जिनके दर्शन के लिए राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री भी कभी पहुंचे थे, 33 वर्ष पहले की गई उनकी भविष्यवाणी आज हुई है सच
देवरहा बाबा की भविष्यवाणी
राम मंदिर का निर्माण कायदे से होगा, सबके सहयोग से होगा' 33 वर्ष पहले की गई ये भविष्यवाणी (Predictions) आज सच हो गयी है. अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम लला के मन्दिर निर्माण का कार्य जारी है. यह बात राम मंदिर आंदोलन से पहले ही सिद्ध संत 'देवरहा बाबा' (Devraha Baba) ने कह दी थी. उनके दर्शन के लिए प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति व ब्रिटिश शासक भी जाया करते थे. इनकी कहानी चमत्कारिक किस्सों के रहस्यों से भरी हुई है. 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा (Life Consecration) कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र के साथ मिली बुकलेट (Booklet) में सिद्ध संत (Saint) की तस्वीर छपी हुई है.
ऐसे दिव्य संत मन की बात पहले ही समझ जाया करते थे
22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (Life Consecration) का कार्यक्रम होना है. जिसको लेकर देश और दुनिया के लोग सभी इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. राम मंदिर आंदोलन ( Ram Mandir Andolan) के इतिहास में कई साधू-सन्यासी जुड़े रहे. एक ऐसे संत भी थे, जिन्हें कहा जाता था कि वे मन की बात को पहले ही समझ जाया करते थे. उनकी कही गयी बात कभी गलत साबित नहीं हुई. ऐसे दिव्य संत (Saint) कौन थे, आखिर देश-विदेश व राजनेता व राजघराने के लोग उनकी दर पर मत्था टेकने क्यो जाते थे. उन्होंने राम मंदिर को लेकर क्या कहा था और उनके चमत्कारिक किस्से क्या है यह भी इस लेख के जरिये नीचे जानेंगे.
कौन थे देवरहा बाबा?

दुबला-पतला शरीर, लंबी दाढ़ी, मृग छाल पहने रहने वाले बाबा सरयू नदी किनारे अपने आश्रम में 12 फुट ऊंची मचान पर साधना करते थे. वे मचान से पैर लटकाकर भक्तों को आशीर्वाद देते थे. देवरहा बाबा के जन्म और मृत्यु के सबके अपने अलग-अलग मत हैं. कोई कहता है कि वे 250 वर्ष जिए तो कोई 500 वर्ष बताता है. हालांकि कोई 900 वर्ष भी कहता है. देवरहा बाबा पर राजनेताओं की बड़ी आस्था थी.
प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति व ब्रिटिश शासक की भी रही आस्था, ऐसे पड़ा नाम देवरहा

बाबा के चमत्कारिक किस्सों से भरी कहानी और सटीक भविष्यवाणी
राम नाम और कृष्ण में थी गहरी आस्था


राम नाम नित उर पे मारो ब्रह्म दिखे संशय न जानो'
