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Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी

Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी
महोबा में बीच सड़क कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत में बहस, घंटों चली मान मुनव्वल: Image Credit Original Source

महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने ग्राम प्रधानों के साथ बीच सड़क रोक दिया. जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की बदहाली और गांवों में पानी न पहुंचने को लेकर विवाद बढ़ गया. अखिलेश यादव ने तंज कसा.

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को भाजपा के भीतर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया. जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी न पहुंचने और सड़कों की बदहाली को लेकर विधायक और समर्थकों ने विरोध किया. मामला इतना बढ़ा कि पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई.

बीच सड़क मंत्री का काफिला रोकने से मचा हड़कंप

महोबा जिले में एक दिवसीय दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रामश्री महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से लौट रहा था. तभी कलक्ट्रेट मार्ग पर पहले से मौजूद भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने अचानक काफिला रोक दिया.

विधायक के साथ करीब 100 ग्राम प्रधान भी मौजूद थे. सभी का आरोप था कि जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है और कई गांवों में तीन साल से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है. बीच सड़क काफिला रुकने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जल जीवन मिशन और बदहाल सड़कों को लेकर विधायक का गुस्सा

विधायक बृजभूषण राजपूत का कहना था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण जनता पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है. गांवों में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दी गईं लेकिन आज तक मरम्मत नहीं कराई गई. जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही हैं.

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विधायक का आरोप था कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे जनता का आक्रोश बढ़ रहा है. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मंत्री से सीधे जवाब मांगने का फैसला किया.

समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प, माहौल तनावपूर्ण

काफिला रोकने के दौरान मंत्री के सुरक्षाकर्मियों, पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. देखते ही देखते झड़प का माहौल बन गया. समर्थकों का कहना था कि जब तक मंत्री समस्याओं का समाधान नहीं सुनेंगे, वे पीछे नहीं हटेंगे.

वहीं पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में करने में जुटा रहा. एक समर्थक द्वारा इंस्पेक्टर से बहस करते हुए कहा गया, आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या. इस घटना ने मौके पर तनाव और बढ़ा दिया.

मंत्री को खुद वाहन से उतरना पड़ा, हुई तीखी नोकझोंक

स्थिति बिगड़ने के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को खुद वाहन से नीचे उतरकर सामने आना पड़ा. इसके बाद विधायक और मंत्री के बीच तीखी बातचीत हुई. बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम पहले से प्लानिंग के तहत हुआ क्योंकि बड़ी संख्या में समर्थक पहले से ही सड़क पर गाड़ियां लगाकर मौजूद थे.

मंत्री और विधायक की नोकझोंक ने भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया. मौके पर सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने हालात संभालने की कोशिश की.

मंत्री का आश्वासन, अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने विधायक को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचने का निर्णय लिया. वहां ग्राम प्रधानों और विधायक की शिकायतों को सुनने के लिए घंटों बैठक चली. मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जहां भी शिकायत है, वहां वे खुद जाकर जांच करेंगे.

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा. मंत्री ने विधायक से कहा कि 40 गांवों में कहोगे तो मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा. इससे साफ हुआ कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.

अखिलेश यादव का तंज, भाजपा पर बड़ा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा तंज कसा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक जनता की समस्याओं पर काम करने के बजाय पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे हैं.

अखिलेश ने कहा कि अपनी ही सरकार के मंत्री को विधायक द्वारा बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा के विधायक अगले चुनाव में हारने वाले हैं. उन्होंने इसे हर विधानसभा क्षेत्र की हालत का नमूना बताया.

प्रशासन ने हटवाया जाम, काफिला आगे बढ़ा

घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए समर्थकों को सड़क से हटाया और काफिला आगे बढ़वाया. एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि समर्थकों ने मंत्री को रोककर अपनी समस्याएं बताई थीं, जिसके बाद उन्हें समझाकर अलग किया गया. हालांकि इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और भाजपा के भीतर असंतोष को उजागर कर दिया है.

30 Jan 2026 By Vishwa Deepak Awasthi

Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को भाजपा के भीतर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोक दिया. जल जीवन मिशन के तहत गांवों में पानी न पहुंचने और सड़कों की बदहाली को लेकर विधायक और समर्थकों ने विरोध किया. मामला इतना बढ़ा कि पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई.

बीच सड़क मंत्री का काफिला रोकने से मचा हड़कंप

महोबा जिले में एक दिवसीय दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला रामश्री महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम से लौट रहा था. तभी कलक्ट्रेट मार्ग पर पहले से मौजूद भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने अचानक काफिला रोक दिया.

विधायक के साथ करीब 100 ग्राम प्रधान भी मौजूद थे. सभी का आरोप था कि जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की हालत बेहद खराब हो चुकी है और कई गांवों में तीन साल से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है. बीच सड़क काफिला रुकने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

जल जीवन मिशन और बदहाल सड़कों को लेकर विधायक का गुस्सा

विधायक बृजभूषण राजपूत का कहना था कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण जनता पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है. गांवों में पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कें खोद दी गईं लेकिन आज तक मरम्मत नहीं कराई गई. जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़कें लोगों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही हैं.

विधायक का आरोप था कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे जनता का आक्रोश बढ़ रहा है. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने मंत्री से सीधे जवाब मांगने का फैसला किया.

समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी झड़प, माहौल तनावपूर्ण

काफिला रोकने के दौरान मंत्री के सुरक्षाकर्मियों, पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. देखते ही देखते झड़प का माहौल बन गया. समर्थकों का कहना था कि जब तक मंत्री समस्याओं का समाधान नहीं सुनेंगे, वे पीछे नहीं हटेंगे.

वहीं पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में करने में जुटा रहा. एक समर्थक द्वारा इंस्पेक्टर से बहस करते हुए कहा गया, आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या. इस घटना ने मौके पर तनाव और बढ़ा दिया.

मंत्री को खुद वाहन से उतरना पड़ा, हुई तीखी नोकझोंक

स्थिति बिगड़ने के बाद मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को खुद वाहन से नीचे उतरकर सामने आना पड़ा. इसके बाद विधायक और मंत्री के बीच तीखी बातचीत हुई. बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम पहले से प्लानिंग के तहत हुआ क्योंकि बड़ी संख्या में समर्थक पहले से ही सड़क पर गाड़ियां लगाकर मौजूद थे.

मंत्री और विधायक की नोकझोंक ने भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया. मौके पर सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने हालात संभालने की कोशिश की.

मंत्री का आश्वासन, अफसरों पर कार्रवाई की चेतावनी

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री ने विधायक को साथ लेकर डीएम कार्यालय पहुंचने का निर्णय लिया. वहां ग्राम प्रधानों और विधायक की शिकायतों को सुनने के लिए घंटों बैठक चली. मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जहां भी शिकायत है, वहां वे खुद जाकर जांच करेंगे.

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आई तो उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा. मंत्री ने विधायक से कहा कि 40 गांवों में कहोगे तो मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा. इससे साफ हुआ कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है.

अखिलेश यादव का तंज, भाजपा पर बड़ा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा तंज कसा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक जनता की समस्याओं पर काम करने के बजाय पैसे कमाने और जमीन कब्जाने में लगे हैं.

अखिलेश ने कहा कि अपनी ही सरकार के मंत्री को विधायक द्वारा बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा के विधायक अगले चुनाव में हारने वाले हैं. उन्होंने इसे हर विधानसभा क्षेत्र की हालत का नमूना बताया.

प्रशासन ने हटवाया जाम, काफिला आगे बढ़ा

घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए समर्थकों को सड़क से हटाया और काफिला आगे बढ़वाया. एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि समर्थकों ने मंत्री को रोककर अपनी समस्याएं बताई थीं, जिसके बाद उन्हें समझाकर अलग किया गया. हालांकि इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और भाजपा के भीतर असंतोष को उजागर कर दिया है.

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