फतेहपुर शराब कांड:माफ़िया को संरक्षण देने वाले तत्कालीन एसओ समेत तीन एसआई सस्पेंड.!
फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गाँव में अपमिश्रित अवैध शराब पीने से हुई मौतों के मामले में बुधवार को तीन औऱ उपनिरीक्षकों को निलंबित किया है.इनमें से एक पूर्व में गाजीपुर थाना प्रभारी के पद पर भी तैनात थे.पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..
फतेहपुर:गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गाँव में घटित हुई घटना की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है।लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के ऊपर कार्यवाही की तलवार चल रही है।बुधवार को एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को शराब तस्कर को संरक्षण देने के मामले में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। fatehpur news
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने जानकारी देते हुए बताया कि भौली प्रकरण में आरोपी सीमू सिंह निवासी जैतपुर थाना गाजीपुर के ऊपर इसके पहले भी गाजीपुर थाने में 11 मई 2020 को अवैध शराब के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।लेकिन मुकदमें में तत्कालीन पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती गई औऱ शिथिल विवेचना के चलते अभियुक्त सीमू सिंह को मुकदमे से विरक्त कर दिया गया था।
इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना अध्यक्ष आशीष सिंह, विवेचक एसआई घनश्याम शुक्ला औऱ सम्बंधित हल्का प्रभारी एसआई सुरेश शुक्ला को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
एसपी ने बताया था कि अभी जाँच में कई औऱ नाम भी प्रकाश में आए हैं।जो अवैध शराब की तस्करी औऱ अपमिश्रित शराब का कारोबार ज़िले में कर रहें हैं।जिसकी जाँच की जा रही है।उन्होंने बताया था कि सम्पूर्ण कड़ी के खुलासे के लिए लगातार पुलिस टीमें प्रयासरत हैं जल्द ही सम्पूर्ण कड़ी का खुलासा कर दिया जाएगा।
बता दें कि इसके पूर्व भौली प्रकरण में डीएम एसपी ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए आबकारी निरीक्षक संदीप कुमार, बीट के सिपाही, गाजीपुर थाने में तैनात हल्के के उपनिरीक्षक ब्रजेश माथुर, बीट कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।थानाध्यक्ष के खिलाफ भी प्रारम्भिक जाँच सीओ जाफरगंज को सौंपी थी।
फतेहपुर शराब कांड:माफ़िया को संरक्षण देने वाले तत्कालीन एसओ समेत तीन एसआई सस्पेंड.!
फतेहपुर:गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गाँव में घटित हुई घटना की जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है।लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के ऊपर कार्यवाही की तलवार चल रही है।बुधवार को एसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को शराब तस्कर को संरक्षण देने के मामले में दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। fatehpur news
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने जानकारी देते हुए बताया कि भौली प्रकरण में आरोपी सीमू सिंह निवासी जैतपुर थाना गाजीपुर के ऊपर इसके पहले भी गाजीपुर थाने में 11 मई 2020 को अवैध शराब के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।लेकिन मुकदमें में तत्कालीन पुलिस कर्मियों द्वारा लापरवाही बरती गई औऱ शिथिल विवेचना के चलते अभियुक्त सीमू सिंह को मुकदमे से विरक्त कर दिया गया था।
इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना अध्यक्ष आशीष सिंह, विवेचक एसआई घनश्याम शुक्ला औऱ सम्बंधित हल्का प्रभारी एसआई सुरेश शुक्ला को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि भौली गाँव में अपमिश्रित शराब पीने से दो लोगों की मौत औऱ 19 लोगों के बीमार हो जानें के मामले में एसपी के निर्देश पर गठित हुई टीमों द्वारा मंगलवार को गुमटी में रखकर अवैध शराब बेचने वाले दुकानदार सन्तोष लोधी निवासी इन्द्रो थाना गाजीपुर औऱ दुर्गेश सिंह उर्फ़ सीमू सिंह निवासी जैतपुर थाना गाजीपुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। fatehpur liquor case
एसपी ने बताया था कि अभी जाँच में कई औऱ नाम भी प्रकाश में आए हैं।जो अवैध शराब की तस्करी औऱ अपमिश्रित शराब का कारोबार ज़िले में कर रहें हैं।जिसकी जाँच की जा रही है।उन्होंने बताया था कि सम्पूर्ण कड़ी के खुलासे के लिए लगातार पुलिस टीमें प्रयासरत हैं जल्द ही सम्पूर्ण कड़ी का खुलासा कर दिया जाएगा।
बता दें कि इसके पूर्व भौली प्रकरण में डीएम एसपी ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए आबकारी निरीक्षक संदीप कुमार, बीट के सिपाही, गाजीपुर थाने में तैनात हल्के के उपनिरीक्षक ब्रजेश माथुर, बीट कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।थानाध्यक्ष के खिलाफ भी प्रारम्भिक जाँच सीओ जाफरगंज को सौंपी थी।