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फतेहपुर:इस सावन भक्तों को दर्शन नहीं दे पाएंगे भगवान भोले..बन्द कर दिया गया ज़िले का यह प्रसिद्ध सिद्धपीठ..!

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ज़िले में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए प्रशासन के हाँथ पैर फूल गए हैं!ज़िले के एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ को सावन शुरू होने से पहले ही बन्द कर दिया गया है..पढ़े पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर।

फतेहपुर:ज़िले में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।शहर में भी अब संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है।बुधवार को शहर के दक्षिणी गौतम नगर इलाक़े में एक ही परिवार के दस लोगों की रिपोर्ट पाज़िटिव आई।इन्ही 10 पाजीटिव में एक बुजुर्ग की मौत भी हो गई है!बुधवार को ही बहुआ ब्लाक के कृष्णा नगर में भी एक पाज़िटिव मिला है।जिसके चलते प्रशासन के निर्देश पर बहुआ ब्लाक के कीर्तिखेड़ा के नज़दीक स्थित ज़िले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थवईश्वर धाम को गुरुवार से ही बन्द कर दिया गया।मंदिर के कपाट बंद कर मंदिर प्रशासन ने गेट पर ताला जड़ दिया है।मंदिर कमेटी के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर मंदिर को बन्द कर दिया गया है।

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सोमवार से सावन का पवित्र महीना शुरू हो रहा है।ज़िले में पाँच सिद्धपीठ हैं।जिनमें शहर में स्थित ताम्बेश्वर, गाजीपुर अशोथर मार्ग स्थित जागेश्वर, बहुआ ब्लाक स्थित थवईश्वर, पुरानी बिंदकी में ज्वाला देवी मंदिर के समीप जंगल में स्थिति डूडेश्वर मंदिर, मझिलगांव स्थित महाकुंडेश्वर धाम शामिल है।

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वैसे तो इन शिवालयों में साल भर भक्तों के आने जाने का सिलसिला चलता रहता है।लेकिन सावन महीने में यहाँ अपार भीड़ होती है।मौजूदा वक़्त में फैली वैश्विक महामारी कोरोना को देखते मंदिरों को पिछले कुछ महीनों से बन्द रखा गया था।लेकिन अनलॉक-1 के बाद मंदिरों को शर्तो के साथ खोल दिया गया था।लेकिन कंटेन्मेंट जोन में मंदिर पहले की तरह ही बन्द थे।

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पिछले दिनों जिला प्रशासन ने सावन के मद्देनजर ज़िले के प्रमुख शिवालयों के पुजारियों और महंतों के साथ बैठक कर मंदिरों में कोरोना को देखते भीड़ न लगने पाए इसके लिए रणनीति बनाई थी।लेकिन जिस तरह थवईश्वर धाम को गुरुवार से ही बन्द कर दिया गया है।उसके चलते इन सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि प्रशासन अन्य प्रसिद्ध शिवालयों को भी सावन में पूरी तरह से बन्द करने का आदेश जारी कर सकता है।


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