
कानपुर सारस न्यूज़ : बदलने लगा आरिफ का सारस, करने लगा पक्षियों वाला व्यवहार
आरिफ और सारस की दोस्ती उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है, आरिफ के सारस को बीते दिनों कानपुर के चिड़ियाघर में भेज दिया गया था ,जहां उसकी देखभाल की जा रही है वहीं कानपुर ज़ू प्रबंधन ने इनदिनों आरिफ के सारस में हुए बदलाव को लेकर क्या कहा आप भी जानिए.
हाईलाइट्स
- कानपुर के चिड़ियाघर में बंद आरिफ के सारस के खानपान में दिखा बदलाव
- पहले मैगी और दाल-चावल खाता था,अब हुआ बदलाव
- आरिफ और सारस की दोस्ती ने काफी सुर्खियां बटोरी
Changes happening in Arif's stork in Kanpur Zoo : कानपुर के चिड़ियाघर में आरिफ के सारस को बाड़े में उसे अकेला रखा गया है, जहां कर्मचारी उसकी बराबर देखभाल कर रहे है, इन दोनों की दोस्ती की चर्चा प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में हुई , सोशल मीडिया पर इनकी दोस्ती के चर्चे हमेशा सुर्खियों में रहे,उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस दोस्ती के कायल हुए थे वही इस मामले में काफी राजनीति भी हुई ,कुछ दिनों बाद ही सारस को आरिफ से जुदा कर दिया गया और उसे कानपुर प्राणी उद्यान में ले जाया गया ,सारस अब कानपुर चिड़िया घर में है और इंसान के तरीके से हटकर अन्य पक्षियों की तरह वहां के तौर तरीके सीख रहा है.

कानपुर प्राणी उद्यान के निदेशक कृष्ण कुमार सिंह व अन्य कर्मचारियों की माने तो जहां सारस आरिफ के साथ रहकर इंसानों की तरह व्यवहार और इंसान की तरह भोजन करने लगा था ,अब धीरे-धीरे उसका तरीका बदलने लगा है, पहले सारस मेगी, दाल ,चावल खा रहा था,


गौरतलब है कि अमेठी के मंडवा गांव में रहने वाले आरिफ और सारस की दोस्ती अपने आप में अनोखी है, आरिफ को सारस खेतों में घायल अवस्था में मिला था,जब उसकी नजर पड़ी तो पहले आरिफ को डर लगा लेकिन सारस की तड़प देख वह रह न सका और उसकी मरहम पट्टी कर उसे अपने साथ घर ले गया जहां पूरे परिवार के बीच सारस एक परिवार के हिस्से जैसा रहने लगा, धीरे धीरे सारस इंसानों की तरह व्यवहार व कार्य करने लगा, जैसे खाना-पीना और साथ-साथ जाना ऐसे तमाम चीज़े सारस में देखने को मिली थीं.

