Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर 27 साल से उपवास कर रहीं हैं उर्मिला..जानें 87 वर्षीय उर्मिला की कहानी.!

अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर 27 साल से उपवास कर रहीं हैं उर्मिला..जानें 87 वर्षीय उर्मिला की कहानी.!
उर्मिला फ़ोटो साभार गूगल

अयोध्या में राम मंदिर बने इसको लेकर पिछले 27 सालों से उपवास पर रहीं उर्मिला।अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद बेहद खुश हैं..जानें उर्मिला के बारे में पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर।

डेस्क:बीते 9 नवम्बर को जब देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या के रामजन्मभूमि विवादित स्थल का फ़ैसला रामलला के पक्ष में सुनाया तो सभी ख़ुशी से झूम उठे।सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का लगभग पटाछेप हुआ और अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मन्दिर बनने का रास्ता भी साफ़ हो गया।

राममंदिर के लिए 27 सालों से उपवास कर रहीं हैं...

मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली उर्मिला चतुर्वेदी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से काफी खुश हैं, क्योंकि राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर वर्ष 1992 में जो उपवास उन्होंने शुरू किया था, वह अब पूरा हो गया है।पिछले 27 साल से उपवास कर रहीं उर्मिला अभी 87 साल की हैं, लेकिन उनका संकल्प अब भी मजबूत है।वह कहती हैं कि उपवास के पीछे उनका सिर्फ एक मकसद था कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण होते देख सकें। इस इच्छा के पूरा होने के आसार नजर आने लगे हैं।

ये भी पढ़े-AyodhyaJudgment अयोध्या फैसले के बाद सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वक़ील जफ़रयाब जिलानी ने क्या कहा..जानें..!

Read More: केंद्रीय मंत्री को 99.60 लाख की सब्सिडी: अपने ही मंत्रालय की योजना से लाभ मिलने पर उठा विवाद, जानिए पूरा मामला

87 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने वर्ष 1992 के बाद अन्न ग्रहण नहीं किया है।जबलपुर के विजय नगर इलाके की रहने वाली उर्मिला चतुर्वेदी बताती हैं कि विवादित ढांचा टूटने के दौरान देश में दंगे हुए।खून-खराबा हुआ।हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे का खून बहाया।ये सब देख उर्मिला चतुर्वेदी बेहद दुखी हुईं. उस दिन उन्होंने संकल्प ले लिया कि वह अब अनाज तभी खाएंगी, जब देश में भाईचारे के साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।और जब बीते 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आया तो उन्हें बहुत खुशी हुई।

Read More: CJI सूर्यकांत को कथित अपशब्द, कोर्ट में उछाले कागज ! कौन हैं प्रबल प्रताप? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुआ हंगामा

उर्मिला ने बताया कि उन्होंने यह उपवास केले और चाय के सहारे किया है।अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में राममंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया तो उन्होंने अयोध्या में जाकर ही व्रत तोड़ने का निर्णय लिया है।

Read More: Rahul Gandhi Detained: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पीएम आवास पर धरना ! राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव हिरासत में

12 Nov 2019 By Shubham Mishra

अयोध्या में राम मंदिर बनने को लेकर 27 साल से उपवास कर रहीं हैं उर्मिला..जानें 87 वर्षीय उर्मिला की कहानी.!

डेस्क:बीते 9 नवम्बर को जब देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या के रामजन्मभूमि विवादित स्थल का फ़ैसला रामलला के पक्ष में सुनाया तो सभी ख़ुशी से झूम उठे।सैकड़ों वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का लगभग पटाछेप हुआ और अयोध्या में रामजन्मभूमि पर मन्दिर बनने का रास्ता भी साफ़ हो गया।

राममंदिर के लिए 27 सालों से उपवास कर रहीं हैं...

मध्यप्रदेश के जबलपुर की रहने वाली उर्मिला चतुर्वेदी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से काफी खुश हैं, क्योंकि राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर वर्ष 1992 में जो उपवास उन्होंने शुरू किया था, वह अब पूरा हो गया है।पिछले 27 साल से उपवास कर रहीं उर्मिला अभी 87 साल की हैं, लेकिन उनका संकल्प अब भी मजबूत है।वह कहती हैं कि उपवास के पीछे उनका सिर्फ एक मकसद था कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण होते देख सकें। इस इच्छा के पूरा होने के आसार नजर आने लगे हैं।

ये भी पढ़े-AyodhyaJudgment अयोध्या फैसले के बाद सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वक़ील जफ़रयाब जिलानी ने क्या कहा..जानें..!

87 साल की उर्मिला चतुर्वेदी ने वर्ष 1992 के बाद अन्न ग्रहण नहीं किया है।जबलपुर के विजय नगर इलाके की रहने वाली उर्मिला चतुर्वेदी बताती हैं कि विवादित ढांचा टूटने के दौरान देश में दंगे हुए।खून-खराबा हुआ।हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने एक-दूसरे का खून बहाया।ये सब देख उर्मिला चतुर्वेदी बेहद दुखी हुईं. उस दिन उन्होंने संकल्प ले लिया कि वह अब अनाज तभी खाएंगी, जब देश में भाईचारे के साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।और जब बीते 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आया तो उन्हें बहुत खुशी हुई।

उर्मिला ने बताया कि उन्होंने यह उपवास केले और चाय के सहारे किया है।अब सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद अयोध्या में राममंदिर बनने का रास्ता साफ हो गया तो उन्होंने अयोध्या में जाकर ही व्रत तोड़ने का निर्णय लिया है।

Tags:

Latest News

Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू Unnao News: 28 साल पहले जिस बेटे की हो गई थी तेरहवीं, वह अचानक जिंदा घर लौटा, मां से मिल छलक पड़े आंसू
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया. 28...
Baidyanath Dham Jyotirlinga: रोगों से मुक्ति दिलाने वाले बाबा बैद्यनाथ धाम का क्या है रावण से संबंध? जानिए ज्योतिर्लिंग की महिमा
आज का राशिफल 07 अगस्त 2026: तुला समेत इन राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ, जानें सभी 12 राशियों का दैनिक भाग्यफल
Uttar Pradesh: फतेहपुर मंदिर-मकबरा विवाद में मुस्लिम पक्ष को बड़ा झटका ! अब इस तारीख को होगी सुनवाई
Uttar Pradesh: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन ! पूर्वांचल की राजनीति को बड़ा झटका, योगी ने जताया दुःख
आज का राशिफल 05 अगस्त 2026: सिंह राशि वालों को मिलेगा सम्मान, तुला और मकर राशि के लोग रहें सतर्क
Fatehpur News: फतेहपुर नगर पालिका में सामग्री खरीद पर बवाल ! सभासदों ने ईओ पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

Follow Us