Haldwani Violence Hindi: कैसे सुलग उठा हल्द्वानी ! मदरसा ध्वस्त करने पर काटा बवाल, सड़कों पर पत्थरबाजी के बाद फूंक डाले कई वाहन, 4 की मौत - 100 से ज्यादा घायल
हल्द्वानी में बवाल
उत्तराखंड का हल्द्वानी जिला उपद्रवियों के पथराव और भीषण आगजनी से दहल उठा. देर रात तक न जाने कितने वाहनों को फूंक डाला. थाने को घेरकर आग लगाने का प्रयास किया गया. दरअसल बनभूलपुरा में बने अवैध मदरसा और नमाज स्थल को ध्वस्त करने गई प्रशासन व पुलिस की टीम पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया. देर रात तक उपद्रवियों ने जमकर बवाल काटा. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई जबकि ढाई सौ से ज्यादा लोग घायल हैं. क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए डीएम ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने में आदेश दिए हैं. हालात को देखते हुए 4 कम्पनी पीएसी मौके पर तैनात है. सीएम धामी बराबर जानकारी ले रहे हैं.
कैसे हुआ बनभूलपुरा में बवाल शुरू
जानकारी के मुताबिक हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाका आगजनी, पथराव और गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा. बताया जा रहा है प्रशासन को आदेश दिए गए थे कि क्षेत्र में अवैध रूप से अतिक्रमण को हटाया जाए. उस अवैध जगह पर मदरसा और नमाज स्थल भी था. जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रशासनिक अफसर, पुलिस की टीम व नगर निगम कर्मचारी की टीम बुलडोजर लेकर जैसे ही मदरसे को गिराने के लिए पहुंची. वैसे ही चारों ओर से विशेष समुदाय के लोगों ने उन्हें घेर लिया.
देखते ही देखते वहां करीब हज़ारो की तादाद में ये लोग सड़क पर उतर आए और बवाल मचाना शुरू कर दिया. देखते ही देखते उपद्रवियों ने सड़कों व छतों से पथराव शुरू कर दिया और सैकड़ों वाहन फूंक डाले. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन लोगों ने प्लानिंग कर रखी थी. किसी तरह जान बचाकर वहां से प्रशासन की टीम भागी और हिंसा की सूचना अधिकारियों को दी.
4 कम्पनी पीएसी समेत समस्त जिले का फोर्स तैनात

सीएम ने शांति बनाए रखने की अपील
इसके साथ ही क्षेत्र में इंटरनेट सुविधा बंद कर दी गई तो वहीं क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थान भी बंद कर दिये गए. पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है इसके साथ ही अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के भी सरकार ने निर्देश दिए हैं साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी रखने की बात कही है इसके साथ लोगों से अपील किया की शांति बनाए रखें. उत्तराखंड के हल्द्वानी में भड़की हिंसा के बाद यूपी में भी जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट किया गया है. कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुुमार ने सोशल मीडिया पर प्रशासन को नजर रखने की बात कहीं और उसके साथ ही निर्देश भी दिए हैं कि किसी तरह की अराजकता न फैलाई जाए.
