DSP Shreshtha Thakur: जानिए कौन हैं तेजतर्रार पीपीएस अफसर श्रेष्ठा ठाकुर? जिनके साथ हुई इतनी बड़ी धोखाधड़ी
डीएसपी श्रेष्ठा ठाकुर
यूपी की तेज तर्रार पीपीएस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर (Shrestha Thakur) के साथ धोखाधड़ी और ठगी का मामला सामने आया है और यह धोखाधड़ी और किसी ने नहीं बल्कि उनके फर्जी आईआरएस अफसर पति (Fake Irs Husband) ने की है. इसके बाद पीपीएस अधिकारी ने अपने पति के विरुद्ध कौशांबी (Kaushambi) थाने में मुकदमा दर्ज कराया है.
ठगी व धोखाधड़ी का गम्भीर मामला
अक्सर ठगी (Fraud) के गम्भीर मामले सामने आते रहते हैं, उत्तर प्रदेश में एक ऐसा ठगी व धोखाधड़ी (Cheated) का मामला सामने आया है जिसे सुनकर सभी के होश उड़ जाएंगे. दरअसल यह ठगी का मामला पीपीएस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर (Shrestha Thakur) के साथ से जुड़ा हुआ है. उनके साथ धोखाधड़ी और ठगी की गई है. 2012 बैच की पीपीएस अफसर श्रेष्ठा ठाकुर जो कि वर्तमान में डिप्टी एसपी के पद पर शामली (Shamli) में तैनात है. उन्होंने अपने पूर्व फर्जी आइआरएस पति (Fake irs Husband) पर बड़े आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है.
आईआरएस अफसर बताकर की शादी
वर्ष 2018 में मैट्रिमोनियल साइट के जरिये रोहित राज (Rohit Raj) नाम के शख्स से डिप्टी एसपी श्रेष्ठा ठाकुर ने विवाह किया. रोहित राज ने अपने आप को आईआरएस अधिकारी बताया था और तैनाती रांची में डिप्टी कमिश्नर के पद पर बताई थी. यह बात सही है कि रोहित राज नाम के वहां पर डिप्टी कमिश्नर तैनात है, लेकिन नाम एक होने का इस शख्स ने फायदा उठाया जिस वजह से पूरी कंफ्यूजन हुई. खैर दोनों का विवाह हो गया. यह बात श्रेष्ठा को करीब 3 महीने बाद पता चली उसका पति कोई आईआरएस अधिकारी नहीं है.
सच्चाई सामने आई तो कुछ दिन रही चुप फिर लिया एक्शन

कौन हैं पीपीएस अफसर श्रेष्ठा ठाकुर?
पीपीएस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर (Shrestha Thakur) काफी तेजतर्रार अधिकारी मानी जाती है. उन्हें लेडी सिंघम के नाम से जाना जाता है. वर्ष 2012 बैच की पीपीएस ऑफिसर है. मनचलों को सबक सिखाने के उद्देश्य से ही उन्होंने पुलिस की नौकरी शुरू की. वर्तमान में यूपी के शामली (Shamli) जिले में डिप्टी एसपी पद पर तैनात है. श्रेष्ठा के पिता का नाम एसबी सिंह भदौरिया है. मूलरूप से वह उन्नाव (Unnao) जिले की रहने वाली है उनके पिता कारोबारी हैं. परिवार में उनके दो बड़े भाई हैं. कानपुर (Kanpur) से श्रेष्ठा का गहरा नाता है यहां से उन्होंने स्नातक किया है. एक बार श्रेष्ठा ने मीडिया को बताया था कि वह जब पढ़ाई करती थीं तो मनचले लड़के लड़कियों को बड़ा परेशान करते थे. तभी से मन में यह घर कर गया पुलिस फोर्स जॉइन करना है. श्रेष्ठा जरूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए हमेशा आगे रहती हैं, वह पुलिस अधिकारी बनने का श्रेय अपने भाईयों को देती हैं.
