
फ़तेहपुर:सालों से झोपड़ी डालकर गुजर बसर कर रहा ये परिवार..बुजुर्ग महिला ने रो-रो कर सुनाई अपनी व्यथा.!
यूं तो सरकार ने लाखों लोगों को आवास शौचालय और उज्ज्वला योजना से लाभान्वित किया है लेकिन उनमें से कितने पात्र लोगों तक यह योजना को पहुंचाया गया है इसकी जानकारी नहीं ली गई है..गांवों में किस प्रकार से अपात्रों को इसका लाभ दिया जा रहा है और पत्रों को किसी एक भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है..पढ़ें युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट..
फतेहपुर:सरकार ने लाखों आवास बनवा दिए शौचालय इतने बने बने कि 2 अक्टूबर को देश खुले में शौच से मुक्त हो गया।उज्ज्वला योजना के तहत लोगों को इतने गैस सिलेंडर बांटे गए कि सभी लोग लड़की के ईंधन छोड़ गैस पर खाना बनाने लगे लेकिन भ्रष्टाचार की बेदी पर चढ़ती इन योजनाओं की हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

अमौली विकास खण्ड के बस्फरा का एक परिवार सालों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है और गांव के खेतों में झोपड़ी डालकर गुजर बसर करने को मजबूर है। युगान्तर प्रवाह से बाद करते हुए छन्नू यादव(68) ने बताया कि उन्हें अभी तक किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला प्रधान रमाकांत पाल से कई बाद कहा गया लेकिन आज तक शौचालय तक नहीं दिला पाए हमें वहीं छन्नू की पत्नी राम श्री(60)ने रो-रो कर बताया कि कई सालों से उनका परिवार एक झोपड़ी में रहने वो को मजबूर है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। छन्नू ने कहा गांव में अपात्रों को सारी सुविधाएं दी जाती है क्योंकि उनसे इसका सुविधा शुक्ल लिया जाता है।

