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Pitru Paksha Niyam 2023: पितृ पक्ष Shradh में गलती से भी न करें यह काम ! पितर हो गए रुष्ट तो भुगतना पड़ सकता है बड़ा अंजाम

Pitru Paksha Niyam 2023: पितृ पक्ष Shradh में गलती से भी न करें यह काम ! पितर हो गए रुष्ट तो भुगतना पड़ सकता है बड़ा अंजाम
पितृ पक्ष के नियम, फोटो साभार सोशल मीडिया

Pitru Paksha Shradh 2023: हिन्दू मान्यता के अनुसार हमारे जीवन में पितृपक्ष का अहम योगदान है, और साल में कुछ दिन ऐसे होते है, जो हमारे पितरों को समर्पित होते है. 16 दिनों तक चलने वाले इन दिनों में बेहद सावधानियां बरती जाती है, कहते हैं कि, इन दिनों किसी तरह की गलती होने पर पितृ नाराज हो जाते है. जिस वजह से इसका खामियाजा उनके परिजनों को भुगतना पड़ सकता है. हिंदी पांचांग के अनुसार 29 सितंबर यानी आज से शुरू हो गए है, इसका समापन 14 अक्टूबर यानी अश्विन कृष्णा अमावस्या तिथि को होगा, पितृ पक्ष में किन बा


हाईलाइट्स

  • पितृ पक्ष में गलती से भी न करें ऐसे कार्य, वरना पितर हो जाएंगे नाराज
  • नाराज हुए पितर तो परिजनों को लगेगा दोष, इन बातों का करें पालन
  • ब्रम्हचर्य का करें पालन, घर में किसी से झगड़ा न करे, तामसी भोजन न करें

Do not do these things even by mistake during Pitru Paksha : पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है, वही इन 16 दिनों में बहुत सी सावधानियां बरतने की जरूरत होती है. इन दिनों में कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे आपके पितर नाराज हो जाए, क्योंकि यदि आपके पितर नाराज हो गए तो परिजनों पर ही दोष लगता है. पितृपक्ष में कुछ ऐसी बातें हैं, जिसमें विशेष रूप से हमें ध्यान देने की आवश्यकता है, चलिए आपको बताते हैं कि पितृपक्ष जैसे पावन पर्व पर क्या वर्जित बताया गया है.

पितृ पक्ष में शारीरिक संबंध बनाएं या नहीं

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल बना रहता है कि पितृपक्ष में महिला और पुरुष शारीरिक संबंध बनाएं या नहीं तो आपको बता दें कि हिंदू मान्यता के अनुसार यदि इन दिनों में पति और पत्नी शारीरिक संबंध न बनाये तो बेहतर होगा. ऐसा कहा जाता है कि, गर्भ धारण करने से संतान को सेहत की समस्या हमेशा बनी रहती है, कुछ मामलों में तो ऐसा भी होता है कि, संतान दिव्ययांग भी हो सकती है. इसलिए ब्रह्मचर्य का पालन करें. यदि इसका पालन न किया तो पितर नाराज होकर चले जाते है फिर दोष परिजनों व बच्चों पर आता है.

इसके अलावा भी कई ऐसी तिथियां है पितृ पक्ष के अलावा भी, जिनमें से एक दूसरे के करीब आने से बचना चाहिए. इन तिथियों में पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति, नवरात्रि के नौ दिन, चतुर्थी, अष्टमी, रविवार के साथ ही जिस दिन व्रत के हो उस दौरान शारीरिक संबंध न बनाएं.

Read More: जब आसमान उगलेगा आग, तब बरसेगा अमृत! इस तारीख़ से शुरू होंगे नौतपा, जानिए क्या होता है अच्छी बारिश का संकेत

घरेलू हिंसा न हो

ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में यदि घर में आपसी मतभेद घरेलू कलह पत्नी से झगड़ा,बच्चों के साथ मारपीट इस तरह की घटनाओं से परहेज करना चाहिए, नही तो ये सारे दृश्य देखकर पितृ काफी नाराज होते है, इसलिए इन दिनों जितना हो सके छोटो को प्यार और बड़ो का आशीर्वाद लेते रहे ऐसा करने से पूर्वजो को शांति मिलती है. जिससे वे प्रसन्न होते हैं.

तामसिक भोजन को माना गया वर्जित

पितृ पक्ष में तामसिक भोजन को भी पूरी तरह से वर्जित माना गया है, अब आपके मन मे ये भी सवाल उठ रहा होगा कि आखिरकार तामसिक क्या होता है, आपको बता दें कि, शराब पीना, चरखा, मांसाहार, पान, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तील, मूली, लौकी, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर की दाल, सरसो का साग, चना आदि वर्जित माना गया है. श्राद्ध में कोई यदि इनका उपयोग करता है तो पितर नाराज हो जाते हैं.

शुभ कार्य वर्जित (Pitru Paksha Niyam 2023)

 

पितृ पक्ष के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए. ये मांगलिक कार्यक्रम जैसे विवाह करना, गृह प्रवेश,मुंडन, दुकान का शुभारंभ आदि कार्य इनदिनों करना शुभ नहीं माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान नए कपड़े नहीं खरीदना चाहिए और ना ही पहनना चाहिए, इससे पितृ नाराज हो जाते है, साथ ही इन दिनों में हो सके तो इत्र और किसी भी तरह के सौंदर्य उत्पादों का उपयोग नहीं करना चाहिए.

 

29 Sep 2023 By Vishal Shukla

Pitru Paksha Niyam 2023: पितृ पक्ष Shradh में गलती से भी न करें यह काम ! पितर हो गए रुष्ट तो भुगतना पड़ सकता है बड़ा अंजाम


हाईलाइट्स

  • पितृ पक्ष में गलती से भी न करें ऐसे कार्य, वरना पितर हो जाएंगे नाराज
  • नाराज हुए पितर तो परिजनों को लगेगा दोष, इन बातों का करें पालन
  • ब्रम्हचर्य का करें पालन, घर में किसी से झगड़ा न करे, तामसी भोजन न करें

Do not do these things even by mistake during Pitru Paksha : पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है, वही इन 16 दिनों में बहुत सी सावधानियां बरतने की जरूरत होती है. इन दिनों में कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिससे आपके पितर नाराज हो जाए, क्योंकि यदि आपके पितर नाराज हो गए तो परिजनों पर ही दोष लगता है. पितृपक्ष में कुछ ऐसी बातें हैं, जिसमें विशेष रूप से हमें ध्यान देने की आवश्यकता है, चलिए आपको बताते हैं कि पितृपक्ष जैसे पावन पर्व पर क्या वर्जित बताया गया है.

पितृ पक्ष में शारीरिक संबंध बनाएं या नहीं

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल बना रहता है कि पितृपक्ष में महिला और पुरुष शारीरिक संबंध बनाएं या नहीं तो आपको बता दें कि हिंदू मान्यता के अनुसार यदि इन दिनों में पति और पत्नी शारीरिक संबंध न बनाये तो बेहतर होगा. ऐसा कहा जाता है कि, गर्भ धारण करने से संतान को सेहत की समस्या हमेशा बनी रहती है, कुछ मामलों में तो ऐसा भी होता है कि, संतान दिव्ययांग भी हो सकती है. इसलिए ब्रह्मचर्य का पालन करें. यदि इसका पालन न किया तो पितर नाराज होकर चले जाते है फिर दोष परिजनों व बच्चों पर आता है.

इसके अलावा भी कई ऐसी तिथियां है पितृ पक्ष के अलावा भी, जिनमें से एक दूसरे के करीब आने से बचना चाहिए. इन तिथियों में पूर्णिमा, अमावस्या, संक्रांति, नवरात्रि के नौ दिन, चतुर्थी, अष्टमी, रविवार के साथ ही जिस दिन व्रत के हो उस दौरान शारीरिक संबंध न बनाएं.

घरेलू हिंसा न हो

ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में यदि घर में आपसी मतभेद घरेलू कलह पत्नी से झगड़ा,बच्चों के साथ मारपीट इस तरह की घटनाओं से परहेज करना चाहिए, नही तो ये सारे दृश्य देखकर पितृ काफी नाराज होते है, इसलिए इन दिनों जितना हो सके छोटो को प्यार और बड़ो का आशीर्वाद लेते रहे ऐसा करने से पूर्वजो को शांति मिलती है. जिससे वे प्रसन्न होते हैं.

तामसिक भोजन को माना गया वर्जित

पितृ पक्ष में तामसिक भोजन को भी पूरी तरह से वर्जित माना गया है, अब आपके मन मे ये भी सवाल उठ रहा होगा कि आखिरकार तामसिक क्या होता है, आपको बता दें कि, शराब पीना, चरखा, मांसाहार, पान, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तील, मूली, लौकी, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर की दाल, सरसो का साग, चना आदि वर्जित माना गया है. श्राद्ध में कोई यदि इनका उपयोग करता है तो पितर नाराज हो जाते हैं.

शुभ कार्य वर्जित (Pitru Paksha Niyam 2023)

 

पितृ पक्ष के दौरान किसी भी तरह के मांगलिक कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए. ये मांगलिक कार्यक्रम जैसे विवाह करना, गृह प्रवेश,मुंडन, दुकान का शुभारंभ आदि कार्य इनदिनों करना शुभ नहीं माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान नए कपड़े नहीं खरीदना चाहिए और ना ही पहनना चाहिए, इससे पितृ नाराज हो जाते है, साथ ही इन दिनों में हो सके तो इत्र और किसी भी तरह के सौंदर्य उत्पादों का उपयोग नहीं करना चाहिए.

 

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