
Parliament Special Session: संसद के 75 साल की यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की चर्चा, पूर्व प्रधानमंत्रियों को किया इस तरह से याद
संसद के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को सम्बोधित किया. संसद के 75 साल के इस ऐतिहासिक सत्र का आखिरी दिन है. जिसके बाद अब आगे से सत्र नए संसद भवन में शुरू होंगे. पीएम मोदी ने कहा कि हम भले ही नए संसद भवन में जाएंगे, लेकिन ये पुराना भवन देश की उन ऐतिहासिक स्मृतियों को आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाता रहेगा.
हाईलाइट्स
- संसद के विशेष सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा को किया सम्बोधित
- पूर्व प्रधानमंत्रियों को किया याद, संसद के 75 वर्ष की यात्रा पर की चर्चा
- आज इन पुराने संसद में आखिरी दिन,मंगलवार से नए भवन में शुरू होगा सत्र
Pm discussed the journey of 75 years of Parliament : संसद के विशेष सत्र के पहले दिन की चर्चा शुरू की गई. सदन में 75 वर्षो की स्मृतियों की चर्चा की जा रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने पुराने भवन में आख़िरी बार सम्बोधित किया. अब आगे से जो भी सत्र आयोजित किये जायेंगे वे नए भवन में होंगे. पीएम ने आज संसद के 75 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा को स्मरण किया. देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के दिए गए योगदान को भी याद किया. पीएम ने इस विशेष सत्र को सम्बोधित करते हुए और क्या कहा आपको बताते हैं.

संसद भवन के 75 वर्षो की यात्रा पर चर्चा



प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित नेहरू के भाषण की गूंज प्रेरित करती रहेगी. ये वही सदन है जहां आज़ादी से पहले भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने अपने बम से अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था, वो पंडित नेहरू के 'एट द स्ट्रोक ऑफ मिडनाइट' भाषण की गूंज हमें प्रेरित करती रहेगी. इसी सदन में अटल जी ने कहा था कि सरकारें आएंगी, जाएंगी, लेकिन ये देश रहना चाहिए. इसी सदन में इमरजेंसी देखी.

G-20 पूरे देश की सफलता
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में G-20 शिखर सम्मेलन पर कहा कि G-20 की सफलता 140 करोड़ देशवासियों की है और ये किसी व्यक्ति, किसी दल की सफलता नहीं है. उन्होंने कहा,देश इस बात पर हमेशा गर्व करेगा कि जब भारत अध्यक्ष था तब अफ्रीकी संघ G-20 का सदस्य बना.
