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फ़तेहपुर:अन्ना जानवरों से परेशान किसानों ने कर डाला ऐसा काम..पढ़े डीएम ने क्या कहा..?

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तेलियानी विकास खण्ड के एक गाँव में अन्ना जानवरों से हो रही फसलों के नुकसान से परेशान किसानों ने जानवरों को पंचायत भवन में बंद कर दिया..पढें क्या है पूरा मामला।

फ़तेहपुर: सूबे में योगी सरकार बनते ही अवैध बूचड़खानों लगा प्रतिबंध अब किसानों के गले की फांस बनता जा रहा है एकाएक पूरे प्रदेश में आई अन्ना पशुओं की बाढ़ से किसान परेशान हो गए हैं किसानों को अपनी फसलों को इन जानवरों से बचाने के लिए दिन रात खेतों में पहरेदारी करनी पड़ रही है फ़िर भी वो अपनी फसलों को बर्बाद होने से नहीं  बचा पा रहे हैं।

अन्ना पशुओं में लगभग 99 प्रतिशत पशु गौवंस है जिसका प्रमुख कारण योगी सरकार में गौकशी में आई सख़्ती है।अन्ना पशुओं की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने जगह जगह सरकारी जमीनों में गौशाला निर्माण का निर्देश प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी को दिए हैं जिस पर फ़तेहपुर जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह द्वारा गौशाला निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है लेक़िन अभी भी सारे ज़रूरी संसाधन उपलब्ध न होने के चलते अन्ना पशुओं की समस्या बनी हुई है।

ताज़ा मामला तेलियानी विकास खण्ड के भगवंतपुर गाँव का है जहां किसानों ने अन्ना जानवरो को इकट्ठा कर एक सरकारी पंचायत भवन में बंद कर रखा है। अन्ना जानवरों से परेशान भगवन्तपुर गाँव के किसानों ने बताया कि जानवरों की वजह से अब फसलों को बचाना मुश्किल हो गया दिन रात की पहरेदारी के बावजूद हम अपनी फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं उसी से परेशान होकर किसानों ने अन्ना पशुओं को पंचायत भवन में बंद कर रखा है.भवन में बंद जानवरों की संख्या 50 के क़रीब है जिनके दाने पानी की व्यवस्था सभी किसान मिलकर उसी पंचायत भवन के अंदर कर रहें हैं।

इस मामले पर जिलाधिकारी आञ्जनेय कुमार सिंह ने बताया कि अन्ना पशुओं की व्यवस्था में हो रही दो चार दिनों की देरी का मुख्य कारण संसाधनों की कमी है,जिसको हम जल्द से जल्द दूर कर अन्ना पशुओं को गौशालाओं में व्यवस्थित कर रहें हैं। गौरतलब हो कि योगी सरकार ने 10 जनवरी तक सभी अन्ना पशुओं को गौशालाओं में व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे।


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