जब मैं मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना..लहू से मेरी पेशानी में हिंदुस्तान लिख देना.!
मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार शाम पाँच बजे दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हो गया..कल कोरोना पॉजीटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था..पढ़ें युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट..
डेस्क:अपनी शायरी से देश और दुनियां के तमाम मुल्कों में शोहरत हासिल कर चुके मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार शाम पाँच बजे इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में इंतकाल हो गया।उनके निधन की सूचना से उनके चाहने वालों को गहरा आघात पहुँचा है।
ये भी पढ़ें-कोरोना वैक्सीन:बड़ी खुशखबरी..रूस ने मारी बाज़ी..पुतिन की बेटी को लगा पहला टीका..!
आपको बता दें कि राहत इंदौरी ने अपने बीमार होने की सूचना मंगलवार सुबह ट्वीटर के माध्यम से दी थी।उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि-"कोविड के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है,ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूँ,दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूँ,एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी।"
"राहत साहब का Cardiac Arrest की वजह से आज शाम 05:00 बजे इंतेक़ाल हो गया है..... उनकी मग़फ़िरत के लिए दुआ कीजिये...."
अपनी शायरी और शायरी को मुशायरों और कवि सम्मेलनों में जिस अंदाज में वह कहते थे वह सुनने वालों को काफ़ी आकर्षित करता था।
उनका एक प्रसिद्ध शेर है जिसमें उन्होंने कहा था-'जब मैं मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना..लहू से मेरी पेशानी में हिंदुस्तान लिख देना.!'
जब मैं मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना..लहू से मेरी पेशानी में हिंदुस्तान लिख देना.!
डेस्क:अपनी शायरी से देश और दुनियां के तमाम मुल्कों में शोहरत हासिल कर चुके मशहूर शायर राहत इंदौरी का मंगलवार शाम पाँच बजे इंदौर के अरबिंदो अस्पताल में इंतकाल हो गया।उनके निधन की सूचना से उनके चाहने वालों को गहरा आघात पहुँचा है।
ये भी पढ़ें-कोरोना वैक्सीन:बड़ी खुशखबरी..रूस ने मारी बाज़ी..पुतिन की बेटी को लगा पहला टीका..!
आपको बता दें कि राहत इंदौरी ने अपने बीमार होने की सूचना मंगलवार सुबह ट्वीटर के माध्यम से दी थी।उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि-"कोविड के शरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉज़िटिव आयी है,ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूँ,दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूँ,एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी।"
लेक़िन वह बच नहीं सके उनकी सोशल मीडिया टीम द्वारा उनके ट्वीटर एकाउंट से शाम को एक और ट्वीट हुआ जिस पर उनके न रहने की सूचना मिली।बताया गया कि-
"राहत साहब का Cardiac Arrest की वजह से आज शाम 05:00 बजे इंतेक़ाल हो गया है..... उनकी मग़फ़िरत के लिए दुआ कीजिये...."
अपनी शायरी और शायरी को मुशायरों और कवि सम्मेलनों में जिस अंदाज में वह कहते थे वह सुनने वालों को काफ़ी आकर्षित करता था।
उनका एक प्रसिद्ध शेर है जिसमें उन्होंने कहा था-'जब मैं मर जाऊं तो मेरी अलग पहचान लिख देना..लहू से मेरी पेशानी में हिंदुस्तान लिख देना.!'