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Muharram 2020:मुहर्रम जुलूस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फ़ैसला.!

Muharram 2020:मुहर्रम जुलूस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फ़ैसला.!
Muharram 2020

मुहर्रम पर जुलूस की अनुमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई करते हुए गुरुवार को चीफ़ जस्टिस की बेंच ने अहम फ़ैसला सुनाया है..पढ़ें युगान्तर प्रवाह पर पूरी खबर..

डेस्क:मुहर्रम पर जुलूस की अनुमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जुलूस की अनुमति देने से इंकार कर दिया।

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मामले की सुनवाई कर रही चीफ़ जस्टिस बोबडे की बेंच ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि अगर मुहर्रम के मौके पर ताजिया का जुलूस निकालने की अनुमति दी गई तो इसके बाद कोरोना फैलाने के लिए एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया जाएगा।कोर्ट ने कहा कि जुलूस की अनुमति देने से अराजकता फैलेगी और एक समुदाय विशेष को निशाने पर ले लिया जाएगा।

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मामले में सुनवाई कर रही प्रमुख न्यायाधीश एसए बोबडे की बेंच ने कहा, 'अगर हम देश में जुलुसू निकालने की अनुमति दे देते हैं तो अराजकता फैल जाएगी ओर एक समुदाय विशेष पर कोविड-19 महामारी फैलाने के आरोप लगने लगेंगे।

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बता दें कि मुस्लिम धर्मगुरु सैयद कल्बे जवाद ने सुप्रीम कोर्ट में देशभर में मुहर्रम के जुलूस को अनुमति देने की मांग के साथ याचिका दाखिल की थी।इसमें पुरी में जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा के मामले का हवाला दिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी।लेक़िन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए गुरुवार को स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना को देखते हुए मुहर्रम के मौक़े पर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।

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CJI बोबड़े ने याचिकाकर्ता से कहा कि- आप पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा की बात कर रहे हैं, वो एक जगह और एक निश्चित रूट की बात थी।उस मामले में हम यह तय कर सकते थे कि जोखिम कितना है, जिस हिसाब से हमने आदेश दिया था। मुश्किल यह है कि आप पूरे देश के लिए एक संपूर्ण आदेश देने को कह रहे हैं।'CJI ने कहा, 'हम सभी लोगों की सेहत को खतरे में नहीं डाल सकते।अगर आपने किसी एक जगह के बारे में पूछा होता तो हम जोखिम का अंदाजा लगा सकते थे।'

27 Aug 2020 By Shubham Mishra

Muharram 2020:मुहर्रम जुलूस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फ़ैसला.!

डेस्क:मुहर्रम पर जुलूस की अनुमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जुलूस की अनुमति देने से इंकार कर दिया।

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मामले की सुनवाई कर रही चीफ़ जस्टिस बोबडे की बेंच ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि अगर मुहर्रम के मौके पर ताजिया का जुलूस निकालने की अनुमति दी गई तो इसके बाद कोरोना फैलाने के लिए एक समुदाय विशेष को निशाना बनाया जाएगा।कोर्ट ने कहा कि जुलूस की अनुमति देने से अराजकता फैलेगी और एक समुदाय विशेष को निशाने पर ले लिया जाएगा।

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मामले में सुनवाई कर रही प्रमुख न्यायाधीश एसए बोबडे की बेंच ने कहा, 'अगर हम देश में जुलुसू निकालने की अनुमति दे देते हैं तो अराजकता फैल जाएगी ओर एक समुदाय विशेष पर कोविड-19 महामारी फैलाने के आरोप लगने लगेंगे।

बता दें कि मुस्लिम धर्मगुरु सैयद कल्बे जवाद ने सुप्रीम कोर्ट में देशभर में मुहर्रम के जुलूस को अनुमति देने की मांग के साथ याचिका दाखिल की थी।इसमें पुरी में जगन्नाथ मंदिर की रथयात्रा के मामले का हवाला दिया गया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी थी।लेक़िन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर फैसला सुनाते हुए गुरुवार को स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना को देखते हुए मुहर्रम के मौक़े पर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी।

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CJI बोबड़े ने याचिकाकर्ता से कहा कि- आप पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा की बात कर रहे हैं, वो एक जगह और एक निश्चित रूट की बात थी।उस मामले में हम यह तय कर सकते थे कि जोखिम कितना है, जिस हिसाब से हमने आदेश दिया था। मुश्किल यह है कि आप पूरे देश के लिए एक संपूर्ण आदेश देने को कह रहे हैं।'CJI ने कहा, 'हम सभी लोगों की सेहत को खतरे में नहीं डाल सकते।अगर आपने किसी एक जगह के बारे में पूछा होता तो हम जोखिम का अंदाजा लगा सकते थे।'

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