Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

मनोरंजन: आकाशवाणी का राष्ट्रीय चैनल हुआ बन्द-कई लोग हो जाएंगे बेरोजगार.!

मनोरंजन: आकाशवाणी का राष्ट्रीय चैनल हुआ बन्द-कई लोग हो जाएंगे बेरोजगार.!
फोटो साभार गूगल

प्रसार भारती ने खर्च का हवाला देते हुए आल इंडिया रेडियो के राष्ट्रीय चैनल को बंद करने का निर्णय लिया है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।

नई दिल्ली: साल 1987 में शुरू किए गए आल इंडिया रेडियो के राष्ट्रीय चैनल को प्रसार भारती ने बन्द करने का निर्णय लिया है।इसके अलावा प्रसार भारती ने अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, शिलांग और तिरुवनंतपुरम में स्थित क्षेत्रीय प्रसारण एवं मल्टीमीडिया अकादमी (आरएबीएम) को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।

यह भी पढ़े: फतेहपुर विकास से अछूते ग्रामीणों का साध्वी के खिलाफ़ फूटा गुस्सा कहा कुछ नहीं दे सकते तो मौत दे दो.!

नेशनल चैनल के कार्यक्रमों को नागपुर, कोलकाता, और दिल्ली के केंद्र में स्थित एक मेगावट ट्रांसमीटर और बंगलौर और अलीगढ़ में स्थित दो शॉर्ट वेव ट्रांसमीटरों द्वारा प्रसारित किया जाता था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट की मानें तो 1988 में नागपुर में मीडियम वेव ट्रांसमीटर लगाने की लागत 10.74 करोड़ थी।

बंद होने वाले राष्ट्रीय चैनल से राष्ट्रीय मुद्दों पर बातें होती थीं और इन पर हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में कई तरह के प्रोग्राम प्रसारित होते थे। ये कार्यक्रम खासतौर पर मजदूरों, किसानों, सैनिकों, ड्राइवरों और छात्रों के लिए प्रसारित किए जाते थे। प्रसार भारती के इस फैसले का असर चैनल के कर्मचारियों पर पड़ेगी, हालांकि जानकारों के मुताबिक स्थायी कर्मचारियों को बाहर नहीं किया जा सकेगा, लेकिन अनुबंध के आधार पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है।

12 Apr 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

मनोरंजन: आकाशवाणी का राष्ट्रीय चैनल हुआ बन्द-कई लोग हो जाएंगे बेरोजगार.!

नई दिल्ली: साल 1987 में शुरू किए गए आल इंडिया रेडियो के राष्ट्रीय चैनल को प्रसार भारती ने बन्द करने का निर्णय लिया है।इसके अलावा प्रसार भारती ने अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, शिलांग और तिरुवनंतपुरम में स्थित क्षेत्रीय प्रसारण एवं मल्टीमीडिया अकादमी (आरएबीएम) को भी बंद करने का फैसला लिया गया है।

यह भी पढ़े: फतेहपुर विकास से अछूते ग्रामीणों का साध्वी के खिलाफ़ फूटा गुस्सा कहा कुछ नहीं दे सकते तो मौत दे दो.!

नेशनल चैनल के कार्यक्रमों को नागपुर, कोलकाता, और दिल्ली के केंद्र में स्थित एक मेगावट ट्रांसमीटर और बंगलौर और अलीगढ़ में स्थित दो शॉर्ट वेव ट्रांसमीटरों द्वारा प्रसारित किया जाता था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट की मानें तो 1988 में नागपुर में मीडियम वेव ट्रांसमीटर लगाने की लागत 10.74 करोड़ थी।

बंद होने वाले राष्ट्रीय चैनल से राष्ट्रीय मुद्दों पर बातें होती थीं और इन पर हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी में कई तरह के प्रोग्राम प्रसारित होते थे। ये कार्यक्रम खासतौर पर मजदूरों, किसानों, सैनिकों, ड्राइवरों और छात्रों के लिए प्रसारित किए जाते थे। प्रसार भारती के इस फैसले का असर चैनल के कर्मचारियों पर पड़ेगी, हालांकि जानकारों के मुताबिक स्थायी कर्मचारियों को बाहर नहीं किया जा सकेगा, लेकिन अनुबंध के आधार पर नियुक्त होने वाले कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है।

Tags:

Related Posts

Latest News

Fatehpur News: पक्के तालाब में नहाते समय डूबा 11वीं का छात्र, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित Fatehpur News: पक्के तालाब में नहाते समय डूबा 11वीं का छात्र, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
फतेहपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित पक्के तालाब में शुक्रवार शाम नहाते समय 11वीं कक्षा का छात्र गहरे पानी में...
Fatehpur News: फतेहपुर में नकाबपोश बदमाशों का धावा, मां-बेटे को तमंचे के बल पर बनाया बंधक, कैश और जेवर लेकर भागे
Sugar Price Hike: रक्षाबंधन से पहले छिनी लोगों की मिठास, चीनी 65 रुपये किलो के पार, जानिए क्यों बढ़ रहे दाम
लखनऊ में दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या, बहन को भी उतारा मौत के घाट, फिर खुद दी जान
Fatehpur News: मदरसे के मौलवी की हैवानियत ! नाबालिग छात्रा से शादी का झांसा देकर एक साल तक करता रहा शोषण
Fatehpur News: फतेहपुर में अब व्हाट्सऐप पर मिलेगी एफआईआर की कॉपी, एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने लागू की नई व्यवस्था
Aaj Ka Rashifal 19 August 2026: सावन में भगवान शिव को अर्पित करें ये चीजें, नष्ट होंगे दुःख, जानिए सभी राशियों का दैनिक राशिफल

Follow Us