Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

lockdown:फतेहपुर में एक पिता को है दो महीने से..अपने बेटे के शव का इंतजार..!

lockdown:फतेहपुर में एक पिता को है दो महीने से..अपने बेटे के शव का इंतजार..!
मृतक जय नरायण फ़ाइल फ़ोटो।

फतेहपुर ज़िले में रहने वाले पीताम्बर लाल को अपने बेटे के शव का क़रीब दो महीने से इंतजार है..लेक़िन लॉकडाउन के चलते शव नहीं मिल पा रहा है..क्या है पूरा मामला..पढ़े युगान्तर प्रवाह की ये रिपोर्ट..

फतेहपुर:कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन के चलते जहां एक ओर संक्रमण को बढ़ने से रोका गया है वहीं दूसरी ओर इस लॉकडाउन के चलते कई लोगों को इतनी भारी मुशीबतों को सामना करना पड़ रहा है।जिसका अंदाजा शायद हम और आप न लगा सकें।

ये भी पढ़ें-UP:बिरियानी बेचने वाला निकला कोरोना पॉजिटिव..मचा हड़कम्प..लॉकडाउन में भी बेच रहा था..!

इसी लॉकडाउन के चलते एक पिता अपने पुत्र का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके शव का क़रीब दो महीने से इंतजार कर रहा है।

क्या है पूरा मामला..

Read More: Statue of Liberty Collapse: तेज हवाओं ने ढहा दी स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की प्रतिमा ! सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो

जनपद के खागा तहसील क्षेत्र के विक्रमपुर विकास खण्ड ऐराया निवासी पीताम्बर लाल का 26 वर्षीय पुत्र जय नरायण मौर्य बीते 4 सितंबर 2019 को मुंबई से फ्लाइट से वाया शारजाह , दमाम होते हुए रियाद (सऊदी अरब) एक कम्पनी में काम करने के लिए गया हुआ था।बीते दो महीने पहले उसकी तबियत अचानक से बिगड़ गई जिसके बाद उसे रियाद में भी कम्पनी द्वारा सनद नामक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।लेक़िन इलाज़ के बावजूद उसे डॉक्टर बचा नहीं सके और जय नरायण की सांसें बीते पांच मार्च को थम गई।

जय नरायण की मौत की सूचना भारत में उसके परिजनों तक पहुँची।जिसके बाद परिवारी जनों का हाल बेहाल हो गया।अब बारी आई शव को भारत लाने की।लेकिन कई तरह की जरूरी क़ानूनी कार्यवाही पूरी होने पर कुछ एक दिनों का समय लग गया औऱ इसी बीच कोरोना ने भारत में तेज़ी के साथ दस्तक देनी शुरू कर दी।और भारत सरकार ने सभी तरह के विदेशी आवागमन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया।

मृतक के परिजन शव को उसके पैतृक गांव लाकर अंतिम संस्कार करना चाह रहे हैं।लेकिन लगातार बढ़ रहे लॉकडाउन औऱ विदेशी उड़ानों पर लगे प्रतिबंध के चलते शव क़रीब दो महीने बीत जाने के बाद भी नहीं आ सका है।

फतेहपुर में मृतक जयनरायण के पिता लगातार प्रशासनिक सहयोग के लिए ऑफिसों के चक्कर लगा रहे हैं।उन्होंने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास के लिए भी पत्राचार के माध्यम से शपथ पत्र सहित आवश्यक कागजात जरिए ईमेल भेजे हैं।लेकिन अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं प्राप्त हो सका है।

रियाद (सऊदी अरब) में ही रह रहे मृतक जय नरायण के चचेरे भाई नीरज ने बताया कि जयनारायण जब अस्पताल में भर्ती था तब वह उसे देखने जाता था।मौत की सूचना के बाद भी वह अस्पताल पहुँचा जहाँ अस्पताल स्टाफ़ द्वारा बताया गया कि शव को शवगृह (फ्रीज़र) में रख दिया गया है।जैसे ही यहाँ से सारी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी हो जाएंगी तो शव को भारत भेज दिया जाएगा।

नीरज ने बताया कि मृतक जयनारायण जिस मुरीद(ठेकेदार) के अंडर में काम करता था मैंने उससे बात की तो उसने बताया कि आप यहाँ के भारतीय दूतावास में सम्पर्क करिए जैसे ही वहाँ से अनुमति हो जाएगी शव को भेज दिया जाएगा।

नीरज ने ज़रिए दूरभाष युगान्तर प्रवाह को जानकारी देते हुए बताया कि वह बीते दो महीने से लगातार सऊदी अरब में भारतीय दूतावास में संर्पक कर रहा है।लेकिन वहां से कोई भी सन्तोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है।उसने यह भी बताया कि लॉकडाउन का हवाला देकर दूतावास में कोई भी बात सुनने से इंकार कर रहे हैं।उसने कहा कि जबकि हाल ही में यहाँ से कुछ डेड बॉडी को भारत भेजा गया है।

Tags:

Related Posts

Latest News

आज का राशिफल 08 मार्च 2026: मेष से लेकर मीन तक जानिए सभी राशियों का हाल, किस राशि के जातकों को रहना है सावधान आज का राशिफल 08 मार्च 2026: मेष से लेकर मीन तक जानिए सभी राशियों का हाल, किस राशि के जातकों को रहना है सावधान
08 मार्च 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और चुनौतियां लेकर आ रहा है. कुछ राशियों को...
Shiksha Mitra News: पिता नहीं रहे, लेकिन अकेला नहीं है परिवार, शिक्षामित्र की बेटी की शादी के लिए साथियों ने बढ़ाया हाथ
T20 World Cup Final: इतिहास की दहलीज पर भारत, अहमदाबाद में न्यूजीलैंड से होगी निर्णायक टक्कर, पूरे देश में उत्साह
फतेहपुर की बेटी रंजना सिंह ने UPSC में रचा इतिहास, बाबा का सपना पूरा कर बनीं अफसर बिटिया, जानिए सफलता का गुरु मंत्र
UPPCL News: आईसीसी T20 वर्ल्ड कप फाइनल को लेकर बिजली विभाग का नया फरमान, बिजली गई तो बिगड़ सकती है कानून व्यवस्था
UPSC Shambhavi Tiwari: फतेहपुर की शांभवी तिवारी बनीं IAS, हासिल की 46वीं रैंक, ख़बर सुनते ही छलके बाबा के आंसू
UPSC Topper Anuj Agnihotri: कौन हैं अनुज अग्निहोत्री जिन्होंने डॉक्टरी के पेशे को छोड़ अपनाई यूपीएससी की राह

Follow Us