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Rampat Harami Death: 40 सालों से नौटंकी के बादशाह रहे "रम्पत हरामी" का निधन ! डबल मीनिंग वाली नौटंकी के लिए मिली थी लोकप्रियता

Rampat Harami Death: 40 सालों से नौटंकी के बादशाह रहे
रम्पत भदौरिया, image credit original source

Ram Pat Harami

80 के दशक (In The 80's) से नौटंकी (Drama) करने वालों में एक नाम ऐसा भी था जो अपनी दोहरे अर्थ वाली कॉमेडी (Double Meaning Comedy) के लिए बेहद मशहूर था. लेकिन लाखों-करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करने वाले कानपुर (Kanpur) के नौटँकी कॉमेडियन रम्पत भदौरिया जिन्हें दर्शकों ने रम्पत 'हरामी' (Rampat Harami) नाम दिया उनका निधन हो गया (Passes Away) है पिछले कई समय से वह बीमार चल रहे थे. उनके निधन पर शोक की लहर दौड़ उठी है.

दोहरे अर्थ वाली नौटंकी के लिए लोकप्रिय थे रम्पत

80 के दशक (In the 80's) से नौटंकी (Nautanki/Drama) करने वालों की सूची में एक नाम ऐसा था जिसे दोहरे अर्थ वाली कॉमेडी (Double Meaning Comedy) के लिए जाना जाता था. रम्पत सिंह भदौरिया उर्फ रम्पत हरामी (Rampat Harami) यूं तो हरामी शब्द सुनने और बोलने में काफी खराब लगता है, क्योकि साधारण बोलचाल की भाषा में इस शब्द का अर्थ कामचोर, मुफ्तखोर और दोगला होता है, लेकिन आज इस दिवंगत कलाकार को दुनिया भर के लोग इसी नाम से जानते हैं.

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रम्पत भदौरिया का निधन, image credit original source

चाहने वालों ने ही दिया ये नाम

क्या आप जानते हैं उन्हें यह नाम किसी और ने नहीं बल्कि उन्हीं के चाहने वालों ने दिया था यही कारण है कि बच्चों से लेकर बड़े तक सब उन्हें इसी नाम से जानते हैं. पिछले 4 दशकों तक प्रदेश ही नहीं देश के कई शहरों में नौटंकी के शो करने वाले इस कलाकार ने लाखों-करोड़ों रोते हुए लोगों को हंसना सिखाया. लेकिन आज एक कलाकार सभी की आंखों को नम कर दुनिया से बहुत दूर जा चुका है जो कभी लौटकर वापस नहीं आएगा. उसकी फेमस नौटँकी हमेशा लोगों को जरूर गुदगुदाएगी.

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रम्पत की दोहरे अर्थ वाली नौटँकी, image credit original source
कौन थे रम्पत भदौरिया (Who Is Rampat Harami)

वैसे तो कानपुर (Kanpur) की धरती पर एक से बढ़कर एक महापुरुषों, कलाकारों ने जन्म लिया है. जिनका नाम आज भी देश ही नहीं दुनिया भर में लिया जाता है. इन्हीं में से एक नौटंकी (Drama) के बेताज बादशाह रम्पत सिंह भदौरिया उर्फ रम्पत हरामी का जन्म 17 जुलाई 1965 को कानपुर के कल्याणपुर में हुआ था उनके पिता राघवेंद्र सिंह भदोरिया यूपी पुलिस में बतौर क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात थे.

घर के इकलौते बेटे होने के चलते उन्हें सबका लाड़-प्यार मिलता रहता था.यही कारण रहा कि घर का माहौल अच्छा होने की वजह से भी उनका मन पढ़ाई में नहीं लगा और उन्होंने परिजनों के दबाव के चलते रावतपुर स्थित स्कूल से हाईस्कूल तक ही शिक्षा प्राप्त की. यह बात उन दिनों की है जब लोगों के पास मनोरंजन के कोई भी साधन नहीं हुआ करते थे ऐसे में नौटंकी (Drama) एकमात्र साधन था जिसके जरिए हजारों लोग जुड़कर मनोरंजन करते थे इन हजारों दर्शकों में 10 से 12 साल की उम्र में नौटंकी शुरू करने वालों में एक लड़का यह भी था जिसे नौटंकी बहुत पसंद थी घर वालों से छुपकर वह अक्सर नौटंकी देखने जाया करते थे यही कारण रहा कि वह ज्यादा पढ़ भी ना सके और वह 12वीं में फेल भी हो गए थे.

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रम्पत की नौटँकी
12 साल की उम्र में नौटँकी कर दी शुरू

घरवालों के लाख मना करने के बावजूद वह चोरी-चुपके नौटंकी का मजा लेते रहे. आखिरकार 12 साल की उम्र में उन्होंने नौटंकी की दुनिया में कदम रखा, लेकिन उनकी यह हरकत घर वालों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई जिसके चलते उन्हें घर से निकाल दिया गया.

Read More: Kanpur News: BJP प्रदेश अध्यक्ष का 20 किलोमीटर का रोड शो ! बुलडोजर से की गई पुष्पवर्षा, जताया आभार 

इस बीच वह अपना कैरियर इसी क्षेत्र में ढूंढने लगे फिर जाकर उनकी मुलाकात कृष्ण वाई से हुई जिन्हें रम्पत ने अपना गुरु मान लिया और उनके साथ लाइव शोज करने लगे और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा उनकी धीरे-धीरे लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि अब उन्हें कानपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से भी काम के ऑफर आने लगे और वह अपने लाइव शोज करते रहे.

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माया रानी उर्फ रानी बाला से हुई मुलाकात

प्रोग्राम के दौरान उनकी मुलाकात साथी कलाकार माया रानी उर्फ रानी बाला से हुई और फिर दोनों के बीच हुई दोस्ती प्यार में बदल गई दोनों ने साल 1982 में शादी भी रचा ली और फिर एक साथ सैकड़ो शोज भी किये. रम्पत अपने कार्यक्रम के गानों को लिखने के साथ-साथ कंपोज भी किया करते थे. दोहरे अर्थ वाली नौटंकी के लिए रम्पत को जाना जाता था.

दुनिया को 59 वर्ष की उम्र में कहा अलविदा

रम्पत की तीन बेटियां भी हुई हालांकि उनकी बेटियों को भी अपने पिता का यह काम पसंद नहीं था लेकिन धीरे-धीरे समय बदला और फिर उन्हें भी इसकी आदत पड़ गई एक समय तो ऐसा था कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी लड़कियां अपने पिता की पहचान को छुपाती थी.

एक लड़की इसी क्षेत्र में है जबकि एक का विवाह हो चुका है और एक टीचर है. रम्पत बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे हाल ही में वे कमरे में गिर पड़े थे उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके चलते उनका निधन हो गया. यह कह सकते है कि देेेश से नौटँकी विधा का अंत हो गया. रम्पत की नौटंकियां यूट्यूब पर भी देख सकते हैं.

07 May 2024 By Vishal Shukla

Rampat Harami Death: 40 सालों से नौटंकी के बादशाह रहे "रम्पत हरामी" का निधन ! डबल मीनिंग वाली नौटंकी के लिए मिली थी लोकप्रियता

Ram Pat Harami

दोहरे अर्थ वाली नौटंकी के लिए लोकप्रिय थे रम्पत

80 के दशक (In the 80's) से नौटंकी (Nautanki/Drama) करने वालों की सूची में एक नाम ऐसा था जिसे दोहरे अर्थ वाली कॉमेडी (Double Meaning Comedy) के लिए जाना जाता था. रम्पत सिंह भदौरिया उर्फ रम्पत हरामी (Rampat Harami) यूं तो हरामी शब्द सुनने और बोलने में काफी खराब लगता है, क्योकि साधारण बोलचाल की भाषा में इस शब्द का अर्थ कामचोर, मुफ्तखोर और दोगला होता है, लेकिन आज इस दिवंगत कलाकार को दुनिया भर के लोग इसी नाम से जानते हैं.

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रम्पत भदौरिया का निधन, image credit original source

चाहने वालों ने ही दिया ये नाम

क्या आप जानते हैं उन्हें यह नाम किसी और ने नहीं बल्कि उन्हीं के चाहने वालों ने दिया था यही कारण है कि बच्चों से लेकर बड़े तक सब उन्हें इसी नाम से जानते हैं. पिछले 4 दशकों तक प्रदेश ही नहीं देश के कई शहरों में नौटंकी के शो करने वाले इस कलाकार ने लाखों-करोड़ों रोते हुए लोगों को हंसना सिखाया. लेकिन आज एक कलाकार सभी की आंखों को नम कर दुनिया से बहुत दूर जा चुका है जो कभी लौटकर वापस नहीं आएगा. उसकी फेमस नौटँकी हमेशा लोगों को जरूर गुदगुदाएगी.

famous_drama_artist_rampat_passes_away
रम्पत की दोहरे अर्थ वाली नौटँकी, image credit original source
कौन थे रम्पत भदौरिया (Who Is Rampat Harami)

वैसे तो कानपुर (Kanpur) की धरती पर एक से बढ़कर एक महापुरुषों, कलाकारों ने जन्म लिया है. जिनका नाम आज भी देश ही नहीं दुनिया भर में लिया जाता है. इन्हीं में से एक नौटंकी (Drama) के बेताज बादशाह रम्पत सिंह भदौरिया उर्फ रम्पत हरामी का जन्म 17 जुलाई 1965 को कानपुर के कल्याणपुर में हुआ था उनके पिता राघवेंद्र सिंह भदोरिया यूपी पुलिस में बतौर क्षेत्राधिकारी के पद पर तैनात थे.

घर के इकलौते बेटे होने के चलते उन्हें सबका लाड़-प्यार मिलता रहता था.यही कारण रहा कि घर का माहौल अच्छा होने की वजह से भी उनका मन पढ़ाई में नहीं लगा और उन्होंने परिजनों के दबाव के चलते रावतपुर स्थित स्कूल से हाईस्कूल तक ही शिक्षा प्राप्त की. यह बात उन दिनों की है जब लोगों के पास मनोरंजन के कोई भी साधन नहीं हुआ करते थे ऐसे में नौटंकी (Drama) एकमात्र साधन था जिसके जरिए हजारों लोग जुड़कर मनोरंजन करते थे इन हजारों दर्शकों में 10 से 12 साल की उम्र में नौटंकी शुरू करने वालों में एक लड़का यह भी था जिसे नौटंकी बहुत पसंद थी घर वालों से छुपकर वह अक्सर नौटंकी देखने जाया करते थे यही कारण रहा कि वह ज्यादा पढ़ भी ना सके और वह 12वीं में फेल भी हो गए थे.

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रम्पत की नौटँकी
12 साल की उम्र में नौटँकी कर दी शुरू

घरवालों के लाख मना करने के बावजूद वह चोरी-चुपके नौटंकी का मजा लेते रहे. आखिरकार 12 साल की उम्र में उन्होंने नौटंकी की दुनिया में कदम रखा, लेकिन उनकी यह हरकत घर वालों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई जिसके चलते उन्हें घर से निकाल दिया गया.

इस बीच वह अपना कैरियर इसी क्षेत्र में ढूंढने लगे फिर जाकर उनकी मुलाकात कृष्ण वाई से हुई जिन्हें रम्पत ने अपना गुरु मान लिया और उनके साथ लाइव शोज करने लगे और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा उनकी धीरे-धीरे लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि अब उन्हें कानपुर ही नहीं उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से भी काम के ऑफर आने लगे और वह अपने लाइव शोज करते रहे.

माया रानी उर्फ रानी बाला से हुई मुलाकात

प्रोग्राम के दौरान उनकी मुलाकात साथी कलाकार माया रानी उर्फ रानी बाला से हुई और फिर दोनों के बीच हुई दोस्ती प्यार में बदल गई दोनों ने साल 1982 में शादी भी रचा ली और फिर एक साथ सैकड़ो शोज भी किये. रम्पत अपने कार्यक्रम के गानों को लिखने के साथ-साथ कंपोज भी किया करते थे. दोहरे अर्थ वाली नौटंकी के लिए रम्पत को जाना जाता था.

दुनिया को 59 वर्ष की उम्र में कहा अलविदा

रम्पत की तीन बेटियां भी हुई हालांकि उनकी बेटियों को भी अपने पिता का यह काम पसंद नहीं था लेकिन धीरे-धीरे समय बदला और फिर उन्हें भी इसकी आदत पड़ गई एक समय तो ऐसा था कि स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उनकी लड़कियां अपने पिता की पहचान को छुपाती थी.

एक लड़की इसी क्षेत्र में है जबकि एक का विवाह हो चुका है और एक टीचर है. रम्पत बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे हाल ही में वे कमरे में गिर पड़े थे उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके चलते उनका निधन हो गया. यह कह सकते है कि देेेश से नौटँकी विधा का अंत हो गया. रम्पत की नौटंकियां यूट्यूब पर भी देख सकते हैं.

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