Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

पितृ पक्ष 2019-आज है पितृ पक्ष की अमावस्या..जान ले इस तिथि का महत्व..

पितृ पक्ष 2019-आज है पितृ पक्ष की अमावस्या..जान ले इस तिथि का महत्व..
फ़ाइल फ़ोटो साभार गूगल

28 सितंबर को पितृ पक्ष की अमावस्या है।और इसी अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन भी हो जाता है..इस दिन का क्या महत्व है..युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में जान ले..

अध्यात्म:शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में किए गए शुभ कामों से पितरों को तृप्ति मिलती है। यह समय पूजा-पाठ करने का पर्व पितृ पक्ष चल रहा है। इन दिनों में पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि शुभ कर्म किए जाते हैं।अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु तिथि मालूम न हो तो उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि पर किया जा सकता है। इस बार अमावस्या शनिवार, 28 सितंबर को है।

ये भी पढ़े-पितृ पक्ष 2019:पितृ पक्ष में क्या करें क्या न करें..जान लें!

मान्यता प्रचलित है कि पितृ पक्ष में परिवार के पितर देवता पृथ्वी पर आते हैं। परिवार के मृत सदस्यों की मृत्यु तिथि पर पितृ पक्ष में तर्पण आदि पुण्य कर्म किए जाते हैं। पिंडदान, अन्न और जल ग्रहण करने की इच्छा से पितर देवता अपने परिवार के पास आते हैं। उनकी तृप्ति के लिए ही शुभ काम किए जाते हैं। इन शुभ कामों से पितरों को शक्ति मिलती है और वे पितृ लोक तक कुशलता से सफर कर पाते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है। पितृ पक्ष में रोज तर्पण करना चाहिए। इसके लिए एक लोटे में जल भरें, जल में फूल और तिल मिलाएं। इसके बाद ये जल पितरों को अर्पित करें। जल अर्पित करने के लिए जल हथेली में लेकर अंगूठे की ओर से चढ़ाएं।

(यह ख़बर मूल रूप से ज्योतिषाचार्य जी.डी.वसिष्ठ के फेसबुक पेज पर प्रकाशित है)

Read More: Mirzapur Vindhyavasini Temple: क्या है मां विंध्यवासिनी मंदिर और अष्टभुजा कालीखोह मन्दिर का इतिहास ! जानिए पौराणिक मान्यताओं के पीछे की कहानी

28 Sep 2019 By Shubham Mishra

पितृ पक्ष 2019-आज है पितृ पक्ष की अमावस्या..जान ले इस तिथि का महत्व..

अध्यात्म:शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में किए गए शुभ कामों से पितरों को तृप्ति मिलती है। यह समय पूजा-पाठ करने का पर्व पितृ पक्ष चल रहा है। इन दिनों में पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि शुभ कर्म किए जाते हैं।अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु तिथि मालूम न हो तो उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की अमावस्या तिथि पर किया जा सकता है। इस बार अमावस्या शनिवार, 28 सितंबर को है।

ये भी पढ़े-पितृ पक्ष 2019:पितृ पक्ष में क्या करें क्या न करें..जान लें!

मान्यता प्रचलित है कि पितृ पक्ष में परिवार के पितर देवता पृथ्वी पर आते हैं। परिवार के मृत सदस्यों की मृत्यु तिथि पर पितृ पक्ष में तर्पण आदि पुण्य कर्म किए जाते हैं। पिंडदान, अन्न और जल ग्रहण करने की इच्छा से पितर देवता अपने परिवार के पास आते हैं। उनकी तृप्ति के लिए ही शुभ काम किए जाते हैं। इन शुभ कामों से पितरों को शक्ति मिलती है और वे पितृ लोक तक कुशलता से सफर कर पाते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है। पितृ पक्ष में रोज तर्पण करना चाहिए। इसके लिए एक लोटे में जल भरें, जल में फूल और तिल मिलाएं। इसके बाद ये जल पितरों को अर्पित करें। जल अर्पित करने के लिए जल हथेली में लेकर अंगूठे की ओर से चढ़ाएं।

(यह ख़बर मूल रूप से ज्योतिषाचार्य जी.डी.वसिष्ठ के फेसबुक पेज पर प्रकाशित है)

Tags:

Latest News

Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर
करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार ने आखिरकार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे...
Fatehpur News: फतेहपुर में गजब मामला ! कपड़े बेचने वाला निकला करोड़पति, जांच में खुली सच्चाई
Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
Asha Bhosle Biography: संघर्ष, सुर और सिसकियों की कहानी, 16 की उम्र में शादी, बेटी की मौत और 12,000 गानों की विरासत
Asha Bhosle News: सुरों की मलिका आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती, PM मोदी ने की स्वस्थ होने की कामना
आज का राशिफल 12 अप्रैल 2026: इन चार राशियों पर शनि की वक्र दृष्टि, दिनभर रहें सतर्क, जानिए सभी 12 राशियों का हाल
फतेहपुर बार चुनाव 2026: एक वोट ने पलटा समीकरण, बाबू सिंह यादव बने अध्यक्ष, अनुराग मिश्रा महामंत्री

Follow Us