Bhimashankar Jyotirling Temple : कुम्भकर्ण के पुत्र राक्षस भीम से जुड़ा है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व,करिए दर्शन

हमारे देश के कोने-कोने में प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंग हैं. जिनकी अपनी अलग-अलग विशेषता और मान्यता है.कहा जाता है कि 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से सीधे मोक्ष की प्राप्त होती है.देवों के देव महादेव का महाराष्ट्र के पुणे में स्थित यह ज्योतिर्लिंग काफी सिद्ध है.जिसे भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कहा जाता है.मान्यता है भोलेनाथ के दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.

Bhimashankar Jyotirling Temple : कुम्भकर्ण के पुत्र राक्षस भीम से जुड़ा है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग का पौराणिक महत्व,करिए दर्शन
महाराष्ट्र के पुणे में है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग, करिए दर्शन

हाईलाइट्स

  • महाराष्ट्र के पुणे से 110 किलोमीटर दूर स्थित है भीमशंकर ज्योतिर्लिंग
  • सावन मास में दर्शन का विशेष महत्व,रामायण काल से जुड़ा है महत्व
  • कुम्भकर्ण के पुत्र भीम से जुड़ा है रहस्य,शिव शंकर ने राक्षस भीम का किया वध, शिव जी वहीं हो गए विराजमा

Bhimashankar Jyotirling is in Pune

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भी है. जिसका अपना अलग पौराणिक महत्व और अपनी अद्भुत मान्यता है. रामायण काल से जुड़ा हुआ यह ज्योतिर्लिंग है. युगांतर प्रवाह की टीम आज आपको महाराष्ट्र के पुणे शहर से करीब 110 किलोमीटर दूर सहयाद्री पर्वत पर स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराएगी साथ ही इसके पौराणिक महत्व और ऐतिहासिक मान्यताओं के बारे में भी बताया जाएगा.

भीमाशंकर को मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है

शिव की भक्ति करने वालों के पास दुख भटक नहीं सकता. वैसे तो हर दिन शंकर भगवान के पूजन का विशेष महत्व है.खास तौर पर सावन के दिनों में महादेव की आराधना करने से घर में सुख शांति बनी रहती है. महादेव बड़े ही भोले हैं एक लोटा जल शिवलिंग पर चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं. बड़े से बड़े कष्टों का निवारण तत्काल करते हैं.सावन के दिनों में हर कोई शिवमय हो चुका है. हम आज बात करेंगे. महाराष्ट्र के पुणे शहर से करीब 110 किलोमीटर दूर स्थित सहयाद्री पर्वत पर भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की.जिन्हें मोटेश्वर महादेव भी कहा जाता है.यह मन्दिर नासिक से लगभग 120 मील दूर है. ज्योतिर्लिंग के पास से ही भीमा नदी भी निकलती है.

कुम्भकर्ण के पुत्र से जुड़ा है इस ज्योतिर्लिंग का रहस्य

Read More: Devraha Baba Biography: जानिए कौन थे 'देवरहा बाबा' ! जिनके दर्शन के लिए राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री भी कभी पहुंचे थे, 33 वर्ष पहले की गई उनकी भविष्यवाणी आज हुई है सच

इस ज्योतिर्लिंग के पौराणिक महत्व की अगर बात करें तो, ज्योतिर्लिंग का इतिहास रावण के भाई कुम्भकर्ण के पुत्र भीम से जुड़ा हुआ है.भीम एक राक्षस था.ऐसा बताया जाता है कि भीम को यह नहीं पता था कि उसके पिता का वध प्रभू राम के द्वारा हुआ था. जब उसकी माता ने उसे बताया तो उसके मन में प्रतिशोध की भावना जाग उठी. और भीम शक्तियां पाने के लिए कठोर तपस्या करने लगा. कठोर तपस्या से ब्रह्ना जी प्रसन्न हुए और उसे वरदान दिया.

Read More: Premanand Maharaj ji Inspiration Thoughts: प्रेमानन्द महाराज जी ने बताया प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम लला की मूर्ति क्यों बदल गयी ! कहा मंत्रों और भावों में है बड़ा सामर्थ्य

देवताओं ने भगवान शिव से यही विराजने का किया आग्रह

Read More: Khichdi kyo Khai Jati Hai: मकर संक्रान्ति में लोग खिचड़ी क्यों खाते हैं, जाने इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

ब्रह्मा जी से मिले इस वरदान का दुरुपयोग भीमकरने लगा.देवता गण भी भीम की ताकत से हैरान होने लगे. तब जाकर सभी ने रक्षा के लिए भगवान शिव के पास पहुंचे.जिसपर शिव जी ने राक्षस भीम को युद्ध में खाक कर दिया. अब सभी देवी देवताओं ने शिवजी से यहीं पर विराजने का आग्रह किया. शिवजी ने सभी देवी-देवताओं की बात को स्वीकार करते हुए वहीं विराज गए तब से इसका नाम भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग पड़ गया.

मराठा शासक शिवाजी ने यहां पूजन के लिए की थी विशेष सुविधाएं

भीमाशंकर मंदिर नागर शैली की वास्तुकला से नई संरचनाओं का सम्मिश्रण है. ऐसा भी बताया जाता है कि हम मराठा शासक शिवाजी ने पूजन के लिये कई सुविधाएं दी.

ऐसे पहुंचे भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

यदि आप भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का प्लान कर रहे हैं,तो आपको यात्रा में कई अच्छे स्पॉट्स घूमने को मिलेंगे. भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर यहां हनुमान झील, गुप्त भीमाशंकर ,नागफनी मुंबई पॉइंट है. भीमाशंकर पहुंचने के लिए निजी वाहन व रेल मार्ग के जरिए भी आसानी से पहुंच सकते हैं.यहां शिवरात्रि और सावन के दिनों में भारी भक्तों की भीड़ उमड़ती है.

युगान्तर प्रवाह एक निष्पक्ष पत्रकारिता का संस्थान है इसे बचाए रखने के लिए हमारा सहयोग करें। पेमेंट करने के लिए वेबसाइट में दी गई यूपीआई आईडी को कॉपी करें।

Latest News

UP Board Exam Paper Leak: 12 वीं पेपर लीक मामले में बोर्ड की बड़ी कार्रवाई ! स्कूल की मान्यता निरस्त, 2 गिरफ्तार,1 की तलाश जारी UP Board Exam Paper Leak: 12 वीं पेपर लीक मामले में बोर्ड की बड़ी कार्रवाई ! स्कूल की मान्यता निरस्त, 2 गिरफ्तार,1 की तलाश जारी
पेपर लीक का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक का मामला...
Anant Ambani-Radhika Pre Wedding: अनन्त अम्बानी-राधिका की प्री वेडिंग सेरेमनी में दुनिया भर से दिग्गजों का आना हुआ शुरू ! जानिए कौन-कौन हस्तियां हो रही इस भव्य समारोह में शामिल
Banshidhar Tobacco Company IT Raid: तम्बाकू कम्पनी के कानपुर समेत कई ठिकानों पर IT की रेड ! दिल्ली-गुजरात में भी छापेमारी, क्या-क्या मिला?
Mahashivratri Kab Hai 2024: कब हैं 'महाशिवरात्रि' का महापर्व? क्या है इसके पीछे की कहानी, जानिए पौराणिक महत्व
March Muhurat 2024: विवाह-गृह प्रवेश व मुंडन संस्कार के जान लीजिए मार्च माह के शुभ मुहूर्त और तिथि
Fatehpur Sadar Asptal: मैं मना करती रही और वो हथौड़ी चलाता रहा ! डॉक्टर की करतूत बताते हुए भावुक हो गई सिस्टर इनचार्ज
Cardiac Arrest Treatment: कार्डियक अरेस्ट आने पर नहीं मिलता है जान बचाने का मौका ! इसलिए हो जाइए सचेत

Follow Us