राजनीति:क्या मुस्लिम धर्म गुरुओं के सहारे राजनाथ सिंह जीतेंगे लखनऊ का चुनाव..?
लखनऊ लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार राजनाथ सिंह ने मुस्लिम धर्म गुरुओं से मुलाकात कर समर्थन मांगा हैं..क्या है इस मुलाकात के मायने पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।
लखनऊ: भाजपा के कद्दावर नेता व गृहमंत्री और लोकसभा क्षेत्र लखनऊ से वर्तमान सांसद राजनाथ सिंह अपने लिए जनसमर्थन जुटाने में जुटे हुए हैं।इसी बीच ख़बर है कि राजनाथ सिंह ने अपने पक्ष में समर्थन के लिए लखनऊ में कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात की है।न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ में ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना आगा रूही व मौलाना यासूब अब्बास से मुलाकात कर अपने लिए समर्थन मांगा।

क्या हैं मुलाकात के सियासी मायने..?
ऐसे वक्त में जब भाजपा का मुस्लिम समुदाय धुर विरोधी बताया जा रहा है साथ ही जिन मौलानाओं से राजनाथ सिंह ने मुलाकात कर समर्थन की मांग की है वह खुद भी टीवी डिबेटो और सार्वजनिक मंचो पर भाजपा की मुस्लिम विरोधी नीतियों का विरोध करते रहे हैं।ऐसे में राजनाथ सिंह का मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिल समर्थन मांगना कहीं न कहीं यह संकेत दे रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह की 2014 के मुकाबले राह आसान नहीं है।आपको बता दे कि लखनऊ लोकसभा सीट से इस बार कांग्रेस ने सन्त आचार्य प्रमोद कृष्णम को टिकट देकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
गौरतबल है कि मंगलवार को ही प्रसपा संयोजक शिवपाल यादव ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को समर्थन देने का ऐलान कर भाजपा उम्मीदवार राजनाथ सिंह की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।आज केंद्रीय गृहमंत्री की मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाक़ात सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आपको बता दे कि लखनऊ लोकसभा सीट पर पांचवे चरण के अंर्तगत आगामी 6 मई को वोट डाले जाएंगे ऐसे में सभी दलों के प्रत्याशी अपने लिए जनसमर्थन जुटा वोट की अपील को तेज़ किए हुए हैं।
राजनीति:क्या मुस्लिम धर्म गुरुओं के सहारे राजनाथ सिंह जीतेंगे लखनऊ का चुनाव..?
लखनऊ: भाजपा के कद्दावर नेता व गृहमंत्री और लोकसभा क्षेत्र लखनऊ से वर्तमान सांसद राजनाथ सिंह अपने लिए जनसमर्थन जुटाने में जुटे हुए हैं।इसी बीच ख़बर है कि राजनाथ सिंह ने अपने पक्ष में समर्थन के लिए लखनऊ में कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात की है।न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री ने मंगलवार को लखनऊ में ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, मौलाना आगा रूही व मौलाना यासूब अब्बास से मुलाकात कर अपने लिए समर्थन मांगा।

क्या हैं मुलाकात के सियासी मायने..?
ऐसे वक्त में जब भाजपा का मुस्लिम समुदाय धुर विरोधी बताया जा रहा है साथ ही जिन मौलानाओं से राजनाथ सिंह ने मुलाकात कर समर्थन की मांग की है वह खुद भी टीवी डिबेटो और सार्वजनिक मंचो पर भाजपा की मुस्लिम विरोधी नीतियों का विरोध करते रहे हैं।ऐसे में राजनाथ सिंह का मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिल समर्थन मांगना कहीं न कहीं यह संकेत दे रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह की 2014 के मुकाबले राह आसान नहीं है।आपको बता दे कि लखनऊ लोकसभा सीट से इस बार कांग्रेस ने सन्त आचार्य प्रमोद कृष्णम को टिकट देकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है।
गौरतबल है कि मंगलवार को ही प्रसपा संयोजक शिवपाल यादव ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को समर्थन देने का ऐलान कर भाजपा उम्मीदवार राजनाथ सिंह की मुश्किलों को बढ़ा दिया है।आज केंद्रीय गृहमंत्री की मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाक़ात सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आपको बता दे कि लखनऊ लोकसभा सीट पर पांचवे चरण के अंर्तगत आगामी 6 मई को वोट डाले जाएंगे ऐसे में सभी दलों के प्रत्याशी अपने लिए जनसमर्थन जुटा वोट की अपील को तेज़ किए हुए हैं।