Union Cabinet Meeting : केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पीएम ई-बस सेवा और पीएम विश्वकर्मा योजना को मिली मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई.जिसमें कई अहम फैसले लिए गए.एक तो पीएम विश्वकर्मा योजना की मंजूरी तो दूसरी ओर पीएम ई बस सेवा की मंजूरी केंद्र की ओर से दी गई है.
हाईलाइट्स
- केंद्रीय कैबिनेट मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले
- पीएम ई बस सेवा और पीएम विश्वकर्मा योजना को मिली मंजूरी
- केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
PM e-bus service and PM Vishwakarma scheme approved : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई है.केंद्र की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना की मंजूरी दी गई और पीएम ई बस सेवा योजना को भी मंजूरी दी गई है.इन दोनों योजनाओं के बारे में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अहम योजनाओं को मंजूरी

57 हज़ार 613 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
10 हज़ार ई बस सेवा की मंजूरी मिलने के बाद देश के कोने-कोने में ई बस पहुंचेगी. यह बसें प्रदूषण मुक्त के साथ ही यात्रियों के लिए बैठने में आरामदायक हो और व्यवस्था सुविधाजनक हो,कुछ इसी तरह पीपीपी माडल पर तैयार किया जायेगा.नगरीय बस परिवहन सेवा का विस्तार भी किया जा सकेगा. इस योजना में 10 साल में 57,613 करोड़ रुपये निर्धारित किये गए हैं. और 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाई जायेंगी.
केंद्र सरकार देगी 20 हजार करोड़ रुपये
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इसके लिए ई बस सेवा के लिए खर्च के लिए 57,613 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली है. जिसमे केंद्र सरकार की ओर से 20 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा और बाकी पैसा राज्य सरकार वहन करेगी.100 शहरों का चयन किया जायेगा.
ई-बसें सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इन चुने गए शहरों में चलाई जायेंगी. इसके लिए शहरो के लिए कुछ इस तरह से बसों की रूपरेखा तैयार की गई है.पांच लाख की जनसंख्या वाले को 50 बसें , पांच लाख से 20 लाख की जनसंख्या वाले शहरों को 100 बसें और 20 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाले शहरों को 150 बसें दी जायेंगी.
अधिकतम 5 प्रतिशत के ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये का मिलेगा लोन
उधर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम विश्वकर्मा योजना की भी मंजूरी दी है.दरअसल 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से पीएम मोदी ने विश्वकर्मा योजना का एलान किया था.जिसे अगले दिन मंजूरी भी मिल गई है.माना जा रहा है कि यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरुआत होगी, उस दिन पीएम मोदी का जन्मदिन भी है,और विश्वकर्मा पूजन भी है.इस योजना पर 13 हजार करोड़ रुपये ख़र्च निर्धारित हुआ है. इस योजना के तहत अधिकतम 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये का लोन मिल सकेगा.
इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज विश्वकर्मा योजना पर भी मुहर लग गई है. छोटे-छोटे कस्बों में कई वर्ग ऐसे हैं, जो गुरु-शिष्य परंपरा के तहत कौशल कार्यो में लगे हैं. इस योजना का लाभ बढ़ई, सुनार, मूर्तिकार, कुम्हार, लोहार, चर्मकार, धोबी, दर्जी, राजमिस्त्री, बांस की टोकरी बनाने वाले, झाड़ू बनाने वाले, ताला-चाबी बनाने वाले और पारंपरिक खिलौने बनाने वाले लोगों को मिलेगा.
Union Cabinet Meeting : केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पीएम ई-बस सेवा और पीएम विश्वकर्मा योजना को मिली मंजूरी
हाईलाइट्स
- केंद्रीय कैबिनेट मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले
- पीएम ई बस सेवा और पीएम विश्वकर्मा योजना को मिली मंजूरी
- केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी
PM e-bus service and PM Vishwakarma scheme approved : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें कई अहम योजनाओं को मंजूरी दी गई है.केंद्र की ओर से पीएम विश्वकर्मा योजना की मंजूरी दी गई और पीएम ई बस सेवा योजना को भी मंजूरी दी गई है.इन दोनों योजनाओं के बारे में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अहम योजनाओं को मंजूरी
दरअसल बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की गई.जिसमें कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर मुहर लगी.एक तो पीएम ई बस सेवा, और पीएम विश्वकर्मा योजना है.साथ ही रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना भी शामिल है.केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि कैबिनेट की बैठक में अहम निर्णय लिए गए.देश में लोगों के सृजन व रोजगार को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है.ई-बस सेवा के तहत 10 हज़ार इलेक्ट्रिक बसों की खरीद की मंजूरी मिल गई है.
57 हज़ार 613 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
10 हज़ार ई बस सेवा की मंजूरी मिलने के बाद देश के कोने-कोने में ई बस पहुंचेगी. यह बसें प्रदूषण मुक्त के साथ ही यात्रियों के लिए बैठने में आरामदायक हो और व्यवस्था सुविधाजनक हो,कुछ इसी तरह पीपीपी माडल पर तैयार किया जायेगा.नगरीय बस परिवहन सेवा का विस्तार भी किया जा सकेगा. इस योजना में 10 साल में 57,613 करोड़ रुपये निर्धारित किये गए हैं. और 10 हजार इलेक्ट्रिक बसें चलाई जायेंगी.
केंद्र सरकार देगी 20 हजार करोड़ रुपये
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इसके लिए ई बस सेवा के लिए खर्च के लिए 57,613 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली है. जिसमे केंद्र सरकार की ओर से 20 हजार करोड़ रुपये दिया जाएगा और बाकी पैसा राज्य सरकार वहन करेगी.100 शहरों का चयन किया जायेगा.
ई-बसें सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इन चुने गए शहरों में चलाई जायेंगी. इसके लिए शहरो के लिए कुछ इस तरह से बसों की रूपरेखा तैयार की गई है.पांच लाख की जनसंख्या वाले को 50 बसें , पांच लाख से 20 लाख की जनसंख्या वाले शहरों को 100 बसें और 20 लाख से 40 लाख की जनसंख्या वाले शहरों को 150 बसें दी जायेंगी.
अधिकतम 5 प्रतिशत के ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये का मिलेगा लोन
उधर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम विश्वकर्मा योजना की भी मंजूरी दी है.दरअसल 15 अगस्त के मौके पर लाल किले से पीएम मोदी ने विश्वकर्मा योजना का एलान किया था.जिसे अगले दिन मंजूरी भी मिल गई है.माना जा रहा है कि यह योजना 17 सितंबर 2023 को शुरुआत होगी, उस दिन पीएम मोदी का जन्मदिन भी है,और विश्वकर्मा पूजन भी है.इस योजना पर 13 हजार करोड़ रुपये ख़र्च निर्धारित हुआ है. इस योजना के तहत अधिकतम 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर के साथ 1 लाख रुपये का लोन मिल सकेगा.
इन लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज विश्वकर्मा योजना पर भी मुहर लग गई है. छोटे-छोटे कस्बों में कई वर्ग ऐसे हैं, जो गुरु-शिष्य परंपरा के तहत कौशल कार्यो में लगे हैं. इस योजना का लाभ बढ़ई, सुनार, मूर्तिकार, कुम्हार, लोहार, चर्मकार, धोबी, दर्जी, राजमिस्त्री, बांस की टोकरी बनाने वाले, झाड़ू बनाने वाले, ताला-चाबी बनाने वाले और पारंपरिक खिलौने बनाने वाले लोगों को मिलेगा.