
Bharat Net Broadband In Villages : ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की हर राह होगी आसान,6.40 लाख गांवों को ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा
हर गांव में ब्रॉडबैंड को जोड़ने का कार्य किया जाएगा. जिससे ग्रामीण अंचल के लोग भी इंटरनेट की सुविधा ले सकेंगे.विद्यार्थी घर बैठे ही ऑनलाइन ट्यूशन व प्रतियोगी परीक्षाओं के विषय में जानकारी कर सकेंगे. ऑनलाइन कारोबार के रास्ते खुलेंगे. केंद्र सरकार ने नेट कार्यक्रम के तहत 6.40 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने के लिए 1.39 लाख करोड़ रुपये खर्च की मंजूरी दे दी है.
हाईलाइट्स
- 6.40 लाख गांवों को ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा,1.39 लाख करोड़ रुपये केंद्र ने किये मंजूर
- गांवों में इंटरनेट की सुविधा से राह होगी आसान,गांव का उद्यमी ही हर घर पहुँचाएगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन
- 2.50 लाख नए रोजगार ग्रामीण क्षेत्र से होंगे सृजित
Broadband internet will reach 6.40 lakh villages : इंटरनेट अब आम जनमानस से लेकर समाज के उच्च वर्ग के लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. अब तक कई गांवों में इंटरनेट की सुविधाएं नहीं थी. जिससे लोगों को बाहर शहरी क्षेत्रो का रुख करना पड़ता था.लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, दरअसल केंद्रीय कैबिनेट ने 6.40 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का निर्णय लिया है. जिससे अब गांव के हर घर में इंटरनेट की सुविधा पहुंचेगी. और ग्रामीण इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे .इससे उनका एक तो पैसा दूसरा उनका समय भी काफी बचेगा.और इंटरनेट के जरिये जागरूकता और नए अवसर भी मिलेंगे.
भारत नेट कार्यक्रम के तहत हर गांवों में पहुंचेगा इंटनरेट

गांवों में इंटरनेट की सुविधा हो जाने से ग्रामीण काफी डिजिटल कार्य घर बैठे ही निपटा सकेंगे. यानी चिकित्सीय सुविधा लेनी हो तो,वह ऑनलाइन विशेषज्ञों से परामर्श कर सकते हैं.शिक्षा से लेकर व्यापार तक ऑनलाइन के जरिए अपने कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे. भारत नेट का जो ब्रॉडबैंड कनेक्शन होना है,जाहिर सी बात है,उसे जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों से टक्कर मिल सकती है. इसके लिए यह सरकारी योजना एक रूपरेखा तैयार करके और गुणवत्तापूर्ण कार्य करके ही वहां ब्रॉडबैंड स्थापित कर रही है.जिससे कोई भी फाल्ट या तकनीकी समस्या हो उससे निपटा जा सके.
गांव के उद्यमी की होगी हर घर इंटरनेट पहुंचाने की जिम्मेदारी
ब्रॉडबैंड गांवों में पहुंचाने के लिए भारत नेट परियोजना चलाने वाली सरकारी एजेंसी बीबीएनएल ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड गांव के ही उद्यमी से समझौता करेगी. और उद्यमी की ही जिम्मेदारी होगी कि वह हर घर ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाएगा. इंटरनेट बॉक्स लगाने की जिम्मेदारी उद्यमी की ही होगी. सरकार के इस निर्णय के बाद रोजगार में भी इजाफा होगा.और कई क्षेत्रों में रोजगार की प्रबल सम्भावनाएं भी सामने होंगी.
ग्रामीणों को इंटरनेट के जरिये मिलेगी सटीक जानकारी
अबतक 3.51 लाख ब्रॉडबैंड कनेक्शन भारत नेट प्रोग्राम के तहत कई गांव में पहुंच चुके हैं. लाखों की संख्या में हर माह ब्राडबैंड लगाए जा रहे हैं. जो अब लक्ष्य रखा गया है,उसे दो से ढाई साल में पूरा कर लिया जाएगा.भारत नेट का ब्रॉडबैंड प्लान 399 रुपये से शुरू होता है.फिलहाल गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन लग जाने से ग्रामीण अंचलों में रोजगार ,व्यापार की प्रबल संभावनाएं बढ़ेंगी.और जिन ग्रामीणों को बैंकिंग, शिक्षा व सरकार की कई बड़ी योजनाओं के विषय में जानकारियों का अभाव रहता है.उन्हें भी इंटरनेट के जरिए काफी सहायता मिलेगी.
Bharat Net Broadband In Villages : ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की हर राह होगी आसान,6.40 लाख गांवों को ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा
हाईलाइट्स
- 6.40 लाख गांवों को ब्राडबैंड से जोड़ा जाएगा,1.39 लाख करोड़ रुपये केंद्र ने किये मंजूर
- गांवों में इंटरनेट की सुविधा से राह होगी आसान,गांव का उद्यमी ही हर घर पहुँचाएगा ब्रॉडबैंड कनेक्शन
- 2.50 लाख नए रोजगार ग्रामीण क्षेत्र से होंगे सृजित
Broadband internet will reach 6.40 lakh villages : इंटरनेट अब आम जनमानस से लेकर समाज के उच्च वर्ग के लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. अब तक कई गांवों में इंटरनेट की सुविधाएं नहीं थी. जिससे लोगों को बाहर शहरी क्षेत्रो का रुख करना पड़ता था.लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, दरअसल केंद्रीय कैबिनेट ने 6.40 लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का निर्णय लिया है. जिससे अब गांव के हर घर में इंटरनेट की सुविधा पहुंचेगी. और ग्रामीण इंटरनेट का प्रयोग कर सकेंगे .इससे उनका एक तो पैसा दूसरा उनका समय भी काफी बचेगा.और इंटरनेट के जरिये जागरूकता और नए अवसर भी मिलेंगे.
भारत नेट कार्यक्रम के तहत हर गांवों में पहुंचेगा इंटनरेट
केंद्रीय कैबिनेट ने 6.40 लाख गांवों को भारत नेट कार्यक्रम के तहत ब्रॉडबैंड से जोड़ने का निर्णय ले लिया है. इसके लिए 1.39 लाख करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी भी दे दी है.जिससे अब गांव के लोग भी ब्रॉडबैंड के जरिए इंटरनेट का आसानी से प्रयोग कर सकेंगे.हालांकि कई गांव में केंद्रीय कैबिनेट का यह प्रोजेक्ट पहले ही पहुंच चुका है. बचे अन्य गांवों में ढाई साल के अंदर यह सुविधा पहुंचा दी जाएगी.प्रकिया ब्रॉडबैंड लगाए जाने की लगातार जारी है.
इंटरनेट के आने से घर बैठे ही आधे काम निपटा सकेंगे ग्रामीण
गांवों में इंटरनेट की सुविधा हो जाने से ग्रामीण काफी डिजिटल कार्य घर बैठे ही निपटा सकेंगे. यानी चिकित्सीय सुविधा लेनी हो तो,वह ऑनलाइन विशेषज्ञों से परामर्श कर सकते हैं.शिक्षा से लेकर व्यापार तक ऑनलाइन के जरिए अपने कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे. भारत नेट का जो ब्रॉडबैंड कनेक्शन होना है,जाहिर सी बात है,उसे जियो और एयरटेल जैसी कंपनियों से टक्कर मिल सकती है. इसके लिए यह सरकारी योजना एक रूपरेखा तैयार करके और गुणवत्तापूर्ण कार्य करके ही वहां ब्रॉडबैंड स्थापित कर रही है.जिससे कोई भी फाल्ट या तकनीकी समस्या हो उससे निपटा जा सके.
गांव के उद्यमी की होगी हर घर इंटरनेट पहुंचाने की जिम्मेदारी
ब्रॉडबैंड गांवों में पहुंचाने के लिए भारत नेट परियोजना चलाने वाली सरकारी एजेंसी बीबीएनएल ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड गांव के ही उद्यमी से समझौता करेगी. और उद्यमी की ही जिम्मेदारी होगी कि वह हर घर ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाएगा. इंटरनेट बॉक्स लगाने की जिम्मेदारी उद्यमी की ही होगी. सरकार के इस निर्णय के बाद रोजगार में भी इजाफा होगा.और कई क्षेत्रों में रोजगार की प्रबल सम्भावनाएं भी सामने होंगी.
ग्रामीणों को इंटरनेट के जरिये मिलेगी सटीक जानकारी
अबतक 3.51 लाख ब्रॉडबैंड कनेक्शन भारत नेट प्रोग्राम के तहत कई गांव में पहुंच चुके हैं. लाखों की संख्या में हर माह ब्राडबैंड लगाए जा रहे हैं. जो अब लक्ष्य रखा गया है,उसे दो से ढाई साल में पूरा कर लिया जाएगा.भारत नेट का ब्रॉडबैंड प्लान 399 रुपये से शुरू होता है.फिलहाल गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन लग जाने से ग्रामीण अंचलों में रोजगार ,व्यापार की प्रबल संभावनाएं बढ़ेंगी.और जिन ग्रामीणों को बैंकिंग, शिक्षा व सरकार की कई बड़ी योजनाओं के विषय में जानकारियों का अभाव रहता है.उन्हें भी इंटरनेट के जरिए काफी सहायता मिलेगी.