
फ़तेहपुर:Exclusive:जीएमआर कम्पनी में लगा करोड़ों के घोटाले का आरोप..क्या पुलिस कर रही है फिर किसी बड़ी घटना का इंतज़ार.?
फ़तेहपुर में बीते दिनों दिनदहाड़े हुई इंजीनियर अजय कुमार की हत्या के बाद जीएमआर कम्पनी के ऊपर करोड़ो रुपये के घोटाले का आरोप लगा है..पूरे मामले को जानते हुए भी पुलिस ने हाल ही में हुई घटना से सबक नहीं लिया है और इस मसले को इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है..इससे तो यही प्रतीत होता है कि फ़तेहपुर पुलिस किसी बड़ी घटना का इंतज़ार कर रही है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...
फ़तेहपुर: डेडिकेटेड फ़ण्ट कॉरीडोर(डीएफसीसी) का जिले में काम कर रही जीएमआर कम्पनी फ़िर एक बार सुर्खियों में है।इसबार कम्पनी के ऊपर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगा है।पिछले दिनों पैसों के लेनदेन के कारण जीएमआर कम्पनी की गुणवत्ता की जांच कर रही सिस्टा कम्पनी के इंजीनियर अजय कुमार की हत्या एकारी में बने प्लांट के नज़दीक दिनदहाड़े सुबह करीब 9 बजे कर दी गई थी और पुलिस ने बड़ी मस्कत के बाद अपराधियों को पकड़ा था।उसके बाद भी पुलिस उस घटना से सबक नहीं ले पाई है और एक नई घटना को जन्म देने की कोशिश कर रही है।

बताया जा रहा है कि पिछले दो बरस पहले जीएमआर कम्पनी में बतौर पेटी कांट्रेक्टर के रूप में काम कर चुकी बाबा कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने जीएमआर के ऊपर करीब पांच करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है।

बाबा कंस्ट्रक्शन के नाम से फतेहपुर सेल टैक्स में हुआ रजिस्ट्रेशन...
जीएमआर कम्पनी के द्वारा पेमेंट रोके जाने के कारण बाबा कंट्रक्शन कम्पनी ने फतेहपुर सेल टैक्स से अपना रजिस्ट्रेशन नए तरीके से कराया। इसबार महेश प्रताप सिंह इसके प्रोपराइटर बने और जीएमआर में सारे दस्तावेज लगाए गए। लेकिन काम पुरानी डीड के अनुसार चलता रहा।
घोटाले का मास्टरमाइंड पार्टनर अनिल कुमार गुप्ता और कम्पनी के कर्मचारियों ने मिलकर किया करोड़ों का हेरफेर...

महेश प्रताप ने कहा कि अभी तक बाबा कंस्ट्रक्शन के खाते में जीएमआर की तरफ से एक भी रुपये का लेनदेन नहीं किया गया है साथ ही कम्पनी का 5 करोड़ के आसपास का पैसा हेरा फेरी करके घोटाले की भेंट चढ़ गया है।

बाबा कंस्ट्रक्शन कम्पनी के प्रोपराइटर महेश प्रताप सिंह ने कहा कि कई बार दिल्ली पुलिस औऱ फ़तेहपुर पुलिस से पत्राचार करके शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने इस मसले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।आईजीआरएस करने के बाद पुलिस केवल खानापूर्ति करके अपना पल्ला झाड़ लेती है जो कि सरासर गलत है।आपको बतादें कि इस घोटाले के बाद से महेश प्रताप सिंह लगातार अवसाद में हैं और उनकी दिमागी स्थित ठीक नहीं है।
जवाब देने से बच रही है जीएमआर कम्पनी...
जीएमआर कम्पनी से जब युगान्तर प्रवाह ने जानकारी करने की कोशिश की तो वहां के कर्मचारी इससे बचते नज़र आए।वहीं फ़तेहपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री कांथ ने दूरभाष से जवाब देते हुए कहा कि इसका पेमेंट दिल्ली से हुआ है इस विषय मे हमें जानकारी नहीं है। जबकि नियम की बात करें तो सारे डॉक्यूमेंट की वैरिफिकेशन के बाद ही उसे पेमेंट के लिए भेजा जाता है। युगान्तर प्रवाह को मिले दस्तावेजों के आधार पर यह साफ़ दिख रहा है कि पेमेंट के दौरान अनिल गुप्ता ने पेमेंट सीट पर बाबा कंस्ट्रक्शन का नाम लिखकर और पेमेंट अकाउंट की जगह अपना अकाउंट नंबर देकर पेमेंट कराया है।

