Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

बसन्त पंचमी पर विद्या की देवी सरस्वती की इस विधि विधान से करें पूजा..!

बसन्त पंचमी पर विद्या की देवी सरस्वती की इस विधि विधान से करें पूजा..!
फाइल फोटो

रविवार को बसन्त पंचमी है, माना जाता है कि विद्या व ज्ञान की देवी मां सरस्वती की बसन्त पंचमी के दिन पूजा अर्चना करने से लाभ होता है तो आइए जानते हैं इस दिन किस विधि विधान से करें पूजा..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।

रविवार को बसंत पंचमी है हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार माँ सरस्वती हमारे जीवन की जड़ता को दूर करती हैं, सिर्फ हमें उसकी योग्य अर्थ में उपासना करनी चाहिए। सरस्वती के उपासक को भोगों का गुलाम नहीं होना चाहिए। वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती के पूजन करने से बच्चों का मन पढ़ाई में एकाग्र होने लगता है

माँ सरस्वती के हाथ में विराजमान पुस्तक ज्ञान का प्रतीक है। यह व्यक्ति की आध्यात्मिक एवं भौतिक प्रगति के लिए स्वाध्याय की अनिवार्यता की प्रेरणा देता है। माँ सरस्वती ज्ञान और भटकाव से भी मुक्ति दिलाती है ।

आख़िर कैसे करें पूजन..

बसंत पंचमी को सुबह सूर्योदय से पूर्व नहाकर स्वच्छ पीले या श्वेत वस्त्र पहने और अपने बच्चो को भी इसी तरह तैयार करे, उचित मुहर्त पर पूजन पाठ शुरू करे।

Read More: Kal Ka Rashifal 10 May 2026: किसके लिए कष्टकारी होगा रविवार का दिन, इन उपायों से मिलेगी सफलता

पूजन के लिए ज़रूरी चीजें...

Read More: Aaj Ka Rashifal (आज का राशिफल) 19 May 2026: बड़ा मंगल के दिन इन राशियों की बदलेगी किस्मत, हनुमान जी की कृपा से खुलेंगे सफलता के द्वार

एक लकड़ी की चौकी और लाल वस्त्र,माँ सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति,घी का दीपक,मोली रोली, इत्र,श्वेत पुष्प , गुलाब पुष्प और गुलाब माला,भोग के लिए खीर, सफ़ेद मिठाई और पीले मीठे चावल (अपनी श्रद्धा अनुसार इनमे से जो सही लगे वो)

Read More: आज का राशिफल 21 जुलाई 2026: इन 6 राशियों के जातकों को रहना होगा सतर्क ! बजरंग बली करेंगे रक्षा, जानिए दैनिक भाग्यफल

बसंत पंचमी में ऐसे करें पूजन...

सर्वप्रथम माँ सरस्वती की जगह साफ़ जल से पौचा लगाकर शुद्ध करे , फिर चौकी लगाये और उसपे लाल वस्त्र बिछाकर माँ सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर लगा दे, पास में श्री गणेश की तस्वीर लगाये, गणेश जी और सरस्वती दोनों ही ज्ञान और बुद्धि के देवता है और गणेश जी हर पूजन कार्य में सबसे पहले पूजे जाते है।

अब इन दोनों देवी देवताओ का आचमन करके स्नान कराये, स्नान शुद्ध जल के छीटे देकर करा ले, फिर इन्हे गुलाब की माला पहनाये, पुष्प अर्पित करे और इत्र छिडके, फिर उन्हें भोग अर्पित करे, और फिर गणेश वंदना के बाद माँ सरस्वती की आरती चालीसा का पाठ करे, और फिर अंत में ज्ञान विद्या और कला के लिए माँ से वंदना करे। 

नयी कलम और पुस्तक पर रोली मोली से पूजा कर कलम से पुस्तक पर श्री गणेशाय नमः और ॐ श्री सरस्वत्यै नमः नाम लिखे। रोली से स्वास्तिक बनाये और चावल चढ़ाये।हो सके तो आज माँ सरस्वती के नाम का व्रत रखे और शाम को ही खोले।रात्रि में फिर से माँ की चौकी पर धुप दीपक करे और फिर जाप करे 108 नाम माँ सरस्वती के।

बसन्त पंचमी से माँ के इन 12 नामो को बच्चों से रोज उच्चारण करायें, माँ सरस्वती की कृपा प्राप्ति के लिए माँ के अति शुभ 12 नामों का नित्य उच्चारण बहुत ही फलदायी साबित होता है। विशेषकर बसंत पँचमी के दिन तो इनका कम से कम 11 बार अवश्य ही उच्चारण करना चाहिए।
1. भारती 
2. सरस्वती 
3. शारदा 
4. हंसवाहिनी 
5. जगती 
6. वागीश्वरी 
7. कुमुदी 
8. ब्रह्मचारिणी 
9. बुद्धिदात्री 
10. वरदायिनी 
11. चंद्रकाति 
12. भुवनेश्वरी।
इन बारह नामों में माता सरस्वती के गुण प्रकट होते हैं। इन नामों के ध्यान/जप से माता शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं,जिससे बच्चों की कुशाग्र बुद्धि होती है,और भटकाव से मुक्ति मिलती है।

09 Feb 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

बसन्त पंचमी पर विद्या की देवी सरस्वती की इस विधि विधान से करें पूजा..!

रविवार को बसंत पंचमी है हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार माँ सरस्वती हमारे जीवन की जड़ता को दूर करती हैं, सिर्फ हमें उसकी योग्य अर्थ में उपासना करनी चाहिए। सरस्वती के उपासक को भोगों का गुलाम नहीं होना चाहिए। वसंत पंचमी के दिन विद्या की देवी सरस्वती के पूजन करने से बच्चों का मन पढ़ाई में एकाग्र होने लगता है

माँ सरस्वती के हाथ में विराजमान पुस्तक ज्ञान का प्रतीक है। यह व्यक्ति की आध्यात्मिक एवं भौतिक प्रगति के लिए स्वाध्याय की अनिवार्यता की प्रेरणा देता है। माँ सरस्वती ज्ञान और भटकाव से भी मुक्ति दिलाती है ।

आख़िर कैसे करें पूजन..

बसंत पंचमी को सुबह सूर्योदय से पूर्व नहाकर स्वच्छ पीले या श्वेत वस्त्र पहने और अपने बच्चो को भी इसी तरह तैयार करे, उचित मुहर्त पर पूजन पाठ शुरू करे।

पूजन के लिए ज़रूरी चीजें...

एक लकड़ी की चौकी और लाल वस्त्र,माँ सरस्वती की तस्वीर या मूर्ति,घी का दीपक,मोली रोली, इत्र,श्वेत पुष्प , गुलाब पुष्प और गुलाब माला,भोग के लिए खीर, सफ़ेद मिठाई और पीले मीठे चावल (अपनी श्रद्धा अनुसार इनमे से जो सही लगे वो)

बसंत पंचमी में ऐसे करें पूजन...

सर्वप्रथम माँ सरस्वती की जगह साफ़ जल से पौचा लगाकर शुद्ध करे , फिर चौकी लगाये और उसपे लाल वस्त्र बिछाकर माँ सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर लगा दे, पास में श्री गणेश की तस्वीर लगाये, गणेश जी और सरस्वती दोनों ही ज्ञान और बुद्धि के देवता है और गणेश जी हर पूजन कार्य में सबसे पहले पूजे जाते है।

अब इन दोनों देवी देवताओ का आचमन करके स्नान कराये, स्नान शुद्ध जल के छीटे देकर करा ले, फिर इन्हे गुलाब की माला पहनाये, पुष्प अर्पित करे और इत्र छिडके, फिर उन्हें भोग अर्पित करे, और फिर गणेश वंदना के बाद माँ सरस्वती की आरती चालीसा का पाठ करे, और फिर अंत में ज्ञान विद्या और कला के लिए माँ से वंदना करे। 

नयी कलम और पुस्तक पर रोली मोली से पूजा कर कलम से पुस्तक पर श्री गणेशाय नमः और ॐ श्री सरस्वत्यै नमः नाम लिखे। रोली से स्वास्तिक बनाये और चावल चढ़ाये।हो सके तो आज माँ सरस्वती के नाम का व्रत रखे और शाम को ही खोले।रात्रि में फिर से माँ की चौकी पर धुप दीपक करे और फिर जाप करे 108 नाम माँ सरस्वती के।

बसन्त पंचमी से माँ के इन 12 नामो को बच्चों से रोज उच्चारण करायें, माँ सरस्वती की कृपा प्राप्ति के लिए माँ के अति शुभ 12 नामों का नित्य उच्चारण बहुत ही फलदायी साबित होता है। विशेषकर बसंत पँचमी के दिन तो इनका कम से कम 11 बार अवश्य ही उच्चारण करना चाहिए।
1. भारती 
2. सरस्वती 
3. शारदा 
4. हंसवाहिनी 
5. जगती 
6. वागीश्वरी 
7. कुमुदी 
8. ब्रह्मचारिणी 
9. बुद्धिदात्री 
10. वरदायिनी 
11. चंद्रकाति 
12. भुवनेश्वरी।
इन बारह नामों में माता सरस्वती के गुण प्रकट होते हैं। इन नामों के ध्यान/जप से माता शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं,जिससे बच्चों की कुशाग्र बुद्धि होती है,और भटकाव से मुक्ति मिलती है।

Tags:

Latest News

Fatehpur News: फतेहपुर नगर पालिका में सामग्री खरीद पर बवाल ! सभासदों ने ईओ पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप Fatehpur News: फतेहपुर नगर पालिका में सामग्री खरीद पर बवाल ! सभासदों ने ईओ पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
उत्तर प्रदेश की फतेहपुर नगर पालिका में सफाई सामग्री की खरीद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. कई...
Jageshwar Temple History: अद्भुत है जागेश्वर धाम की महिमा ! हाथी भी नहीं हिला पाया था शिवलिंग, जानिए क्या है इसका इतिहास
Fatehpur News: सीधा स्वर्ग से आई महिला बोली, "मैं जिंदा हूं साहब!" अपने अस्तित्व की तलाश में भटकती रही बुजुर्ग, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
Uttar Pradesh: फतेहपुर हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड का खुलासा, महिला समेत 5 गिरफ्तार ! जानिए क्या था कनेक्शन?
सावन में सोमवार ही नहीं, संपत शनिवार भी हैं बेहद खास ! जानिए महत्व, पूजा विधि और शनि कृपा पाने के आसान उपाय
Gen Alpha Fatehpur: प्रोटेस्ट वाले इंटर कॉलेज की 16 वर्षीय छात्रा लापता, एएसपी जीपी राय ने संभाली जांच, कई टीमें गठित
आज का राशिफल 30 जुलाई 2026: सावन के पहले दिन जानिए किन राशियों के जातकों की बदलेगी किस्मत, किन्हें होगा नुकसान

Follow Us