फ़तेहपुर:रुबेला का टीका लगने से तीस बच्चों की हालत बिगड़ी-ग्यारह अस्पताल में भर्ती।
फ़तेहपुर के सरस्वतीे बाल मंदिर कलेक्टरगंज में लगभग सत्तर बच्चों को रुबेला का टीका लगाया गया। जिनमें से तीस बच्चों की तबियत अचानक खराब हो गई और ग्यारह स्कूली बच्चों को आननफानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट...
फ़तेहपुर: बच्चों को बीमारियों से बचाने के जो टीके लाभदायक होते हैं वहीं टीके अगर उसकी सावधानियों के बगैर लगा दिए जाएं तो उससे नुकसान होना भी वाज़िब है। शुक्रवार को शहर के कलेक्टरगंज स्थित सरस्वती बाल मंदिर में रुबेला का टीकाकरण किया गया लगभग सत्तर बच्चों के टीकाकरण होने के बाद तीस बच्चों की हालत अचानक बिगड़ने लगी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेंद्र सिंह के अनुसार सत्तर बच्चों का टीकाकरण किया गया जिसमें से तीस बच्चों की हालत अचानक खराब हो गई जिनको वहीं पर ओआरएस का घोल पिलाया गया था लेकिन ग्यारह बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने से उनको सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। युगान्तर प्रवाह से ख़ास बातचीत करते हुए जिला पुरूष अस्तपाल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभाकर ने बताया कि स्कूली बच्चों को टीकाकरण के बाद सर में दर्द और तेज़ ठंड लग रही थी जिनका उपचार किया जा रहा है। सभी की हालत सामान्य है।
प्रश्न इस बात है कि वैक्सीन देने से पहले क्या उनके जानकर इससे जुड़ी हुई सावधानियों को साझा नहीं करते है? या फिर इसे घोर लापरवाही कहीं जाए।आपको बतादें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें बच्चों की हालत ख़राब हुई है इससे पहले भी कई बच्चों को टीकाकरण के बाद सदर अस्पताल लाया जा चुका है।
फ़तेहपुर:रुबेला का टीका लगने से तीस बच्चों की हालत बिगड़ी-ग्यारह अस्पताल में भर्ती।
फ़तेहपुर: बच्चों को बीमारियों से बचाने के जो टीके लाभदायक होते हैं वहीं टीके अगर उसकी सावधानियों के बगैर लगा दिए जाएं तो उससे नुकसान होना भी वाज़िब है। शुक्रवार को शहर के कलेक्टरगंज स्थित सरस्वती बाल मंदिर में रुबेला का टीकाकरण किया गया लगभग सत्तर बच्चों के टीकाकरण होने के बाद तीस बच्चों की हालत अचानक बिगड़ने लगी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य धीरेंद्र सिंह के अनुसार सत्तर बच्चों का टीकाकरण किया गया जिसमें से तीस बच्चों की हालत अचानक खराब हो गई जिनको वहीं पर ओआरएस का घोल पिलाया गया था लेकिन ग्यारह बच्चों की तबियत ज्यादा बिगड़ने से उनको सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। युगान्तर प्रवाह से ख़ास बातचीत करते हुए जिला पुरूष अस्तपाल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभाकर ने बताया कि स्कूली बच्चों को टीकाकरण के बाद सर में दर्द और तेज़ ठंड लग रही थी जिनका उपचार किया जा रहा है। सभी की हालत सामान्य है।
प्रश्न इस बात है कि वैक्सीन देने से पहले क्या उनके जानकर इससे जुड़ी हुई सावधानियों को साझा नहीं करते है? या फिर इसे घोर लापरवाही कहीं जाए।आपको बतादें कि यह कोई पहला मामला नहीं है जिसमें बच्चों की हालत ख़राब हुई है इससे पहले भी कई बच्चों को टीकाकरण के बाद सदर अस्पताल लाया जा चुका है।