फ़तेहपुर:विश्व एड्स दिवस पर नहीं मनाया गया जागरूकता अभियान-नदारत रहे नोडल अधिकारी।
एक ओर लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करने के लिए सरकार करोड़ों का बजट देती है वहीं एक जिला ऐसा भी रहा जहां विश्व एड्स दिवस पर नोडल अधिकारी नदारत दिखाई पड़े।
फ़तेहपुर:एक दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।यहां तक कि इस भयावह बीमारी के लिए सरकार द्वारा करोड़ों का बजट भी खर्च किया जाता है।लेकिन जब एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले ही नदारद हों तो इसे क्या कहा जाए?आपको बतादें कि जिला क्षय रोग अधिकारी और एचआईवी एड्स के नोडल अधिकारी ए के अग्रवाल शनिवार को विश्व एड्स दिवस पर अस्पताल ही नहीं आए।
युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि डीटीओ से इसके सम्बन्ध में बात हुई थी सोमवार को जागरूक अभियान और संगोष्ठी की जाएगी लेकिन उनसे तिथि परिवर्तन करने पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। वहीं जिला अस्पताल में बने ब्लड बैंक के और आईसीटीसी के कर्मचारी रेड रिबन लगाए दिखे।
फ़तेहपुर:विश्व एड्स दिवस पर नहीं मनाया गया जागरूकता अभियान-नदारत रहे नोडल अधिकारी।
फ़तेहपुर:एक दिसम्बर को विश्व एड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।यहां तक कि इस भयावह बीमारी के लिए सरकार द्वारा करोड़ों का बजट भी खर्च किया जाता है।लेकिन जब एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने वाले ही नदारद हों तो इसे क्या कहा जाए?आपको बतादें कि जिला क्षय रोग अधिकारी और एचआईवी एड्स के नोडल अधिकारी ए के अग्रवाल शनिवार को विश्व एड्स दिवस पर अस्पताल ही नहीं आए।
युगान्तर प्रवाह से बातचीत करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी उमाकान्त पाण्डेय ने कहा कि डीटीओ से इसके सम्बन्ध में बात हुई थी सोमवार को जागरूक अभियान और संगोष्ठी की जाएगी लेकिन उनसे तिथि परिवर्तन करने पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। वहीं जिला अस्पताल में बने ब्लड बैंक के और आईसीटीसी के कर्मचारी रेड रिबन लगाए दिखे।