
Karva Chauth 2022 Kab Hai : करवा चौथ की सही डेट, पूजन सामग्री एवं पूजा विधि जानें
सुहागिन स्त्रियों द्वारा पति की लंबी उम्र औऱ अच्छे स्वास्थ्य के लिए किए जाने वाला सबसे प्रमुख हिन्दू त्योहार ( Karva Chauth Vrat 2022 ) है. इस साल करवा चौथ 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा. Karva Chauth 2022 Date
Karva Chauth 2022 kab Hai : करवा चौथ का व्रत हिन्दू धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है. सुहागिन स्त्रियां पति की लंबी उम्र औऱ उत्तम स्वास्थ्य के लिए यह व्रत रखती हैं. इसे पूरा दिन निर्जला रखा जाता है.
रात्रि को चंद्र दर्शन कर अर्घ्य देकर पति के हांथों पानी पीकर व्रत तोड़ा जाता है.पंचांग के अनुसार, इस बार कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का ( Karva Chauth Tithi 2022 ) आरंभ 12 अक्टूबर की रात लगभग 01.59 से हो रही है और 14 अक्टूबर को तड़के 03.08 तक रहेगा.

करवा चौथ की पूजन सामग्री में मिट्टी का टोंटीदार करवा व ढक्कन, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, रूई, अगरबत्ती, चंदन, कुमकुम, रोली, अक्षत, फूल, कच्चा दूध, दही, देसी घी, शहद, चीनी, हल्दी, चावल, मिठाई, चीनी का बूरा, मेहंदी, महावर, सिंदूर, कंघा, बिंदी, चुनरी, चूड़ी, बिछुआ, गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी, लकड़ी का आसन, छलनी, आठ पूरियों की अठावरी, हलुआ और दक्षिणा के पैसे शामिल हैं.
करवा चौथ पूजा विधि
करवा चौथ की पूजा के लिए आठ पूरियों की अठावरी और हलुवा बनाएं. पीली मिट्टी से गौरी बनाएं और उनकी गोद में गणेश जी बनाकर बिठाएं. गौरी को चुनरी ओढ़ाएं. बिंदी आदि सुहाग सामग्री से गौरी का श्रृंगार करें. इसके बाद करवा में गेहूं और ढक्कन में शक्कर का बूरा भर दें. उसके ऊपर दक्षिणा रखें. रोली से करवा पर स्वस्तिक बनाएं. Karva Chauth Puja Vidhi
गौरी-गणेश की परंपरानुसार पूजा करें. पति की दीर्घायु की कामना करें. करवा पर 13 बिंदी रखें और गेहूं या चावल के 13 दाने हाथ में लेकर करवा चौथ की कथा कहें या सुनें. कथा सुनने के बाद करवा पर हाथ घुमाकर अपनी सांस के पैर छूकर आशीर्वाद लें और करवा उन्हें दे दें. रात्रि में चन्द्रमा निकलने के बाद छलनी की ओट से उसे देखें और चन्द्रमा को अर्ध्य दें. इसके बाद पति से आशीर्वाद लें. उन्हें भोजन कराएं और स्वयं भी भोजन कर लें. Karva Chauth ki puja kaise kare
नोट- करवा चौथ की पूजा विधि अपने अपने क्षेत्र के अनुसार दूसरी हो सकती है. युगान्तर प्रवाह किसी भी चीज का दावा नहीं करता.
