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हरतालिका तीज व्रत निर्जला करने से पहले अपनाएं ये उपाय, नहीं लगेगी भूख-प्यास

हरतालिका तीज व्रत निर्जला करने से पहले अपनाएं ये उपाय, नहीं लगेगी भूख-प्यास
हरतालिका तीज का निर्जला व्रत करने से एक दिन पहले करें ये उपाय नहीं लगेगी भूख प्यास (प्रतीकात्मक फोटो): Image Credit Original Source

Hartalika Teej Vrat Upaye

हरतालिका तीज का निर्जला व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए श्रद्धा और तप का प्रतीक है. इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा जाता है. लेकिन निर्जला व्रत कठिन होता है, ऐसे में कुछ खास उपाय अपनाकर भूख-प्यास से राहत पाई जा सकती है.

Hartalika Teej Vrat Upaye: भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत करती हैं. यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन की स्मृति में रखा जाता है. इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. चूंकि व्रत के दौरान जल तक ग्रहण नहीं किया जाता, इसलिए इसे निभाना अत्यंत कठिन माना जाता है. लेकिन यदि व्रत से एक दिन पहले कुछ उपाय कर लिए जाएं तो बिना भूख-प्यास के इस तपस्या को आसानी से निभाया जा सकता है.

सात्विक भोजन से होती है व्रत की शुरुआत पावन

व्रत से पहले का भोजन केवल शरीर नहीं बल्कि मन और आत्मा को भी शुद्ध करता है. इसलिए हरतालिका तीज से एक दिन पहले हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए. जलीय सब्जियां जैसे लौकी और तोरी शरीर को हाइड्रेट रखती हैं और व्रत के दिन तपस्या को सरल बनाती हैं. इसके साथ ही फल और कुछ ड्राई फ्रूट भी खा सहती हैं.

समय से भोजन करना है बेहद आवश्यक

धार्मिक मान्यता है कि व्रत से पूर्व किया गया समयानुसार भोजन साधक की तपस्या को सिद्ध करता है. इसलिए इस दिन रात का भोजन 6 से 7 बजे के बीच कर लेना चाहिए. समय से भोजन करने पर पाचन तंत्र को शांति मिलती है और व्रत वाले दिन भूख-प्यास की अनुभूति कम होती है.

सेवई और छेना से मिलती है ऊर्जा

हरतालिका तीज से पहले के भोजन में सेवई और छेना का विशेष महत्व बताया गया है. सेवई जीवन में मधुरता का प्रतीक है जबकि छेना शक्ति और स्थिरता प्रदान करता है. इन दोनों का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और व्रत के दिन कमजोरी महसूस नहीं होती.

Read More: Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, भोलेनाथ स्वयं हर लेंगे जीवन के सभी कष्ट

नींबू पानी और एनर्जी ड्रिंक से बनेगी सहजता

व्रत से पूर्व रात में भोजन करने के बाद बीच-बीच में नींबू पानी या हल्की एनर्जी ड्रिंक पीनी चाहिए. यह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि आंतरिक शक्ति भी प्रदान करता है. इससे व्रत के दिन निर्जला रहने पर भी प्यास का बोझ महसूस नहीं होता.

Read More: Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर ! कब लगेगा सूतक काल, भारत में क्या है इसका असर?

ठोस आहार का त्याग है तपस्या का आधार

व्रत की साधना को सफल बनाने के लिए रात में भारी और ठोस आहार से परहेज करना चाहिए. हल्का और तरल भोजन आत्मा को शुद्ध करता है और शरीर को तपस्या के योग्य बनाता है. यही कारण है कि धार्मिक मान्यता में कहा गया है कि व्रत से पूर्व का आहार जितना सात्विक होगा, व्रत की साधना उतनी ही सिद्ध होगी.

Read More: चैत्र नवरात्रि पारण 2026 कब है: 26 या 27 मार्च? जानिए सही तिथि, रामनवमी और व्रत पारण का पूरा नियम

25 Aug 2025 By Vishwa Deepak Awasthi

हरतालिका तीज व्रत निर्जला करने से पहले अपनाएं ये उपाय, नहीं लगेगी भूख-प्यास

Hartalika Teej Vrat Upaye

Hartalika Teej Vrat Upaye: भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत करती हैं. यह व्रत माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य मिलन की स्मृति में रखा जाता है. इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहकर अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. चूंकि व्रत के दौरान जल तक ग्रहण नहीं किया जाता, इसलिए इसे निभाना अत्यंत कठिन माना जाता है. लेकिन यदि व्रत से एक दिन पहले कुछ उपाय कर लिए जाएं तो बिना भूख-प्यास के इस तपस्या को आसानी से निभाया जा सकता है.

सात्विक भोजन से होती है व्रत की शुरुआत पावन

व्रत से पहले का भोजन केवल शरीर नहीं बल्कि मन और आत्मा को भी शुद्ध करता है. इसलिए हरतालिका तीज से एक दिन पहले हल्का और सात्विक भोजन करना चाहिए. जलीय सब्जियां जैसे लौकी और तोरी शरीर को हाइड्रेट रखती हैं और व्रत के दिन तपस्या को सरल बनाती हैं. इसके साथ ही फल और कुछ ड्राई फ्रूट भी खा सहती हैं.

समय से भोजन करना है बेहद आवश्यक

धार्मिक मान्यता है कि व्रत से पूर्व किया गया समयानुसार भोजन साधक की तपस्या को सिद्ध करता है. इसलिए इस दिन रात का भोजन 6 से 7 बजे के बीच कर लेना चाहिए. समय से भोजन करने पर पाचन तंत्र को शांति मिलती है और व्रत वाले दिन भूख-प्यास की अनुभूति कम होती है.

सेवई और छेना से मिलती है ऊर्जा

हरतालिका तीज से पहले के भोजन में सेवई और छेना का विशेष महत्व बताया गया है. सेवई जीवन में मधुरता का प्रतीक है जबकि छेना शक्ति और स्थिरता प्रदान करता है. इन दोनों का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और व्रत के दिन कमजोरी महसूस नहीं होती.

नींबू पानी और एनर्जी ड्रिंक से बनेगी सहजता

व्रत से पूर्व रात में भोजन करने के बाद बीच-बीच में नींबू पानी या हल्की एनर्जी ड्रिंक पीनी चाहिए. यह न केवल शरीर को हाइड्रेट रखता है बल्कि आंतरिक शक्ति भी प्रदान करता है. इससे व्रत के दिन निर्जला रहने पर भी प्यास का बोझ महसूस नहीं होता.

ठोस आहार का त्याग है तपस्या का आधार

व्रत की साधना को सफल बनाने के लिए रात में भारी और ठोस आहार से परहेज करना चाहिए. हल्का और तरल भोजन आत्मा को शुद्ध करता है और शरीर को तपस्या के योग्य बनाता है. यही कारण है कि धार्मिक मान्यता में कहा गया है कि व्रत से पूर्व का आहार जितना सात्विक होगा, व्रत की साधना उतनी ही सिद्ध होगी.

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