
Diwali 2026: दिवाली पर 1 घंटा 56 मिनट रहेगा लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त, 100 साल बाद बन रहा बुधादित्य राजयोग
Diwali Laxmi Ganesh Pujan 2026: देशभर में आज 8 नवंबर को दीपावली का पर्व धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है. दीपों के इस महापर्व पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश का पूजन करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है. इस बार दीपावली पर गृहस्थों के लिए लक्ष्मी पूजन का विशेष मुहूर्त 1 घंटा 56 मिनट का रहेगा. वहीं, ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुधादित्य राजयोग का विशेष संयोग भी बन रहा है.
Diwali Laxmi Pujan: दीपावली का पावन पर्व आज 8 नवंबर को देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार लक्ष्मी पूजन के लिए 1 घंटा 56 मिनट का विशेष मुहूर्त रहेगा. वहीं, बुधादित्य राजयोग को लेकर भी ज्योतिष जगत में चर्चा है. आइए जानते हैं दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ समय, प्रदोष काल, व्यापारियों के लिए पूजा का मुहूर्त और महानिशीथ काल की पूरी जानकारी.
दीपावली पर कब से कब तक रहेगी अमावस्या तिथि?

इस दिन शाम होते ही घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे. लोग अपने घरों को रंगोली, फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाकर मां लक्ष्मी के आगमन की तैयारी करेंगे. दीपावली पर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की एक साथ पूजा करने का विशेष विधान है.
1 घंटा 56 मिनट रहेगा लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त



व्यापारियों के लिए दोपहर में शुभ रहेगा पूजन का समय

ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार, व्यापारियों के लिए दोपहर 1 बजकर 27 मिनट से 2 बजकर 54 मिनट तक कुंभ लग्न में पूजन करना शुभ रहेगा.

तांत्रिक साधना के लिए महानिशीथ काल का विशेष महत्व
दीपावली की रात केवल लक्ष्मी पूजन ही नहीं, बल्कि तांत्रिक साधना, मंत्र जाप और विशेष उपासना के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस दिन महानिशीथ काल में साधना करने का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है.
ज्योतिषाचार्य पंडित ईश्वर दीक्षित के अनुसार, 8 नवंबर की रात निशीथ काल 11 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर 9 नवंबर को रात 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.
वहीं, मध्यरात्रि में स्थिर सिंह लग्न का विशेष संयोग भी बनेगा. यह 9 नवंबर को रात 12 बजकर 25 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह समय तांत्रिक साधना, विशेष मंत्र जाप और मां काली की उपासना करने वाले साधकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.
100 साल बाद बन रहा बुधादित्य राजयोग का संयोग
इस बार दीपावली पर बुधादित्य राजयोग को लेकर भी ज्योतिषीय चर्चाएं हैं. ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति से बनने वाले योग को बुधादित्य राजयोग कहा जाता है. इसे बुद्धि, प्रतिष्ठा, निर्णय क्षमता और कार्यक्षेत्र में उन्नति से जोड़कर देखा जाता है.
दीपावली पर ऐसे करें मां लक्ष्मी और गणेश की पूजा
दीपावली के दिन सुबह घर की साफ-सफाई करने के बाद शाम को पूजा स्थल तैयार करें. चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद दीपक जलाकर रोली, अक्षत, पुष्प, धूप, नैवेद्य और मिठाई अर्पित करें.
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें और इसके बाद मां लक्ष्मी की आराधना करें. पूजा के दौरान परिवार के सभी सदस्य शामिल होकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें.
दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का संचार होता.
