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पितृ पक्ष 2019:पितृ पक्ष में क्या करें क्या न करें..जान लें!

पितृ पक्ष 2019:पितृ पक्ष में क्या करें क्या न करें..जान लें!
फ़ोटो साभार गूगल

पितृ पक्ष शुक्रवार से शुरू हो गए हैं।पितृ पक्ष के 15 दिनों तक किन कामों को करना चाहिए और किन कामों को नहीं करना चाहिए..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।

डेस्क:शुक्रवार से पितृ पक्ष की शुरुआत हो गई है। पितृपक्ष के 15 दिनों तक पितरों का श्राद्ध कर उनका तर्पण किया जाएगा। घर-घर में ब्राह्मणों को भोजन कराकर उनकी प्रिय वस्तु व दक्षिणा का दान दिया जाएगा। 28 सितंबर को पितृ पक्ष का समापन होगा।

फतेहपुर के रहने काले पंडित शिवसरन मिश्रा ने बताया कि गरुड़ पुराण के अनुसार आश्विन मास, कृष्ण पक्ष के 15 दिन पितृ पक्ष कहलाते हैं। समयानुसार श्राद्ध करने से कुल में कोई दुखी नहीं रहता। पितरों की पूजा करके मनुष्य आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, श्री, पशु, सुख और धन-धान्य प्राप्त करता है। देवकार्य से भी पितृकार्य का विशेष महत्व है। 

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देवताओं से पहले पितरों को प्रसन्न करना अधिक कल्याणकारी है। इसलिए पितरों का तर्पण हर स्थिति में करना चाहिए। मनु के अनुसार जो व्यक्ति नितांत गरीब है वो तिल, जौ, चावलयुक्त जल से तिलांजलि देकर भी पितरों को संतुष्ट कर सकता है। यदि यह भी न हो तो दक्षिण दिशा की ओर मुख कर के श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करें तो इस से भी पितृ संतुष्ट होते हैं।

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पितृ पक्ष में इन कामों को करने से बचें..

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पंडित शिवसरन मिश्रा के अनुसार, 13 से 28 सितंबर तक पितृ पक्ष चलेगा, श्राद्ध में दूध, दही, उड़द की दाल से बने पदार्थ ग्रहण किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन 15 दिनों तक लोग खरीदारी से बचें। साथ ही बाल कटवाना, नया मकान और कपड़े खरीदना, विवाह आदि कार्य इन दिनों में अशुभ माने जाते हैं।

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14 Sep 2019 By Shubham Mishra

पितृ पक्ष 2019:पितृ पक्ष में क्या करें क्या न करें..जान लें!

डेस्क:शुक्रवार से पितृ पक्ष की शुरुआत हो गई है। पितृपक्ष के 15 दिनों तक पितरों का श्राद्ध कर उनका तर्पण किया जाएगा। घर-घर में ब्राह्मणों को भोजन कराकर उनकी प्रिय वस्तु व दक्षिणा का दान दिया जाएगा। 28 सितंबर को पितृ पक्ष का समापन होगा।

फतेहपुर के रहने काले पंडित शिवसरन मिश्रा ने बताया कि गरुड़ पुराण के अनुसार आश्विन मास, कृष्ण पक्ष के 15 दिन पितृ पक्ष कहलाते हैं। समयानुसार श्राद्ध करने से कुल में कोई दुखी नहीं रहता। पितरों की पूजा करके मनुष्य आयु, पुत्र, यश, स्वर्ग, कीर्ति, पुष्टि, बल, श्री, पशु, सुख और धन-धान्य प्राप्त करता है। देवकार्य से भी पितृकार्य का विशेष महत्व है। 

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देवताओं से पहले पितरों को प्रसन्न करना अधिक कल्याणकारी है। इसलिए पितरों का तर्पण हर स्थिति में करना चाहिए। मनु के अनुसार जो व्यक्ति नितांत गरीब है वो तिल, जौ, चावलयुक्त जल से तिलांजलि देकर भी पितरों को संतुष्ट कर सकता है। यदि यह भी न हो तो दक्षिण दिशा की ओर मुख कर के श्रद्धा के साथ पितरों का स्मरण करें तो इस से भी पितृ संतुष्ट होते हैं।

पितृ पक्ष में इन कामों को करने से बचें..

पंडित शिवसरन मिश्रा के अनुसार, 13 से 28 सितंबर तक पितृ पक्ष चलेगा, श्राद्ध में दूध, दही, उड़द की दाल से बने पदार्थ ग्रहण किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इन 15 दिनों तक लोग खरीदारी से बचें। साथ ही बाल कटवाना, नया मकान और कपड़े खरीदना, विवाह आदि कार्य इन दिनों में अशुभ माने जाते हैं।

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