
Akshaya Tritiya 2023 : आखिर क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया क्या कहता है भविष्य पुराण ?
Akshaya Tritiya 2023 Date : प्रत्येक वर्ष वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है इसे आखा तीज के नाम से भी जानते हैं. इस पर्व को भगवान भगवान परशुराम की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. कहते हैं कि इस दिन किए गए शुभ काम आपके जीवन को सफ़ल बनाते हैं
हाईलाइट्स
- अक्षय तृतीया का क्या है विशेष महत्व पुराणों ने इसे क्यों बताया है विशेष तिथि ?
- अक्षय तृतीया के दिन ही मां गंगा धरती पर हुईं थीं अवतरित, मां अन्नपूर्णा भगवान विष्णु के कई अवतार सहि
- अक्षय तृतीया पर होता है सर्वसिद्धि मुहुर्त सोमवार और रोहणी नक्षत्र प्रदोष काल का होता है विशेष महत्व
Akshaya Tritiya 2023 Date Shubh Muhurat Katha : साल भर की पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की तृतीया का अपना महत्व होता है लेकिन वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया अपना विशेष महत्व रखती है जिसे अक्षय तृतीया आखा तीज या अक्षय तीज के नाम से जाना जाता है. शास्त्रों में वर्णित है की इस दिन बिना विचार विमर्श और पंचांग देखे बिना कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है. इस दिन भगवान परशुराम जी की जयंती के रूप मे भी मनाया जाता है.

अक्षय तृतीया को सर्वसिद्ध मुहूर्त के रूप में भी जाना जाता है इस दिन किए गए कार्य में सफलता अवश्य मिलती है. भविष्य पुराण के अनुसार सतयुग, त्रेता और कलयुग का आरंभ भी अक्षय तृतीया तिथि को ही हुआ था साथ ही द्वापर काल समाप्ति भी इसी तिथि को हुई थी. पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने मत्स्य, हयग्रीव, कूर्म, वाराह और नृसिंह का अवतार इसी तिथि को हुआ था साथ ही भगवान परशुराम राम की जयंती (Parshuram Jayanti) भी इस दिन मानने का महत्व है.

अक्षय तृतीया में इन शुभ कार्यों की करें शुरुवात (Importance Of Akshaya Tritiya)


1 - अक्षय तृतीया तिथि शुरू - 22 अप्रैल 2023, सुबह 07.49 मिनट
2 - अक्षय तृतीया तिथि समाप्ति - 23 अप्रैल 2023, सुबह 07.47 मिनट
3 - पूजा मुहूर्त - सुबह 07.49 - दोपहर 12.20 (22 अप्रैल 2023) प्रदोष काल की पूजा अति महत्वपूर्ण
4 - सोना कब खरीदें शुभ मुहूर्त - 22 अप्रैल 2023, सुबह 07.49 - 23 अप्रैल 2023, सुबह 07.47
