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फतेहपुर:भाजपा प्रत्यासी के लिए अभी करना होगा औऱ इंतजार..सीट अपना दल कोटे में भी जाने की चर्चा!

फतेहपुर:भाजपा प्रत्यासी के लिए अभी करना होगा औऱ इंतजार..सीट अपना दल कोटे में भी जाने की चर्चा!
फाइल फोटो

गठबंधन औऱ कांग्रेस का प्रत्यासी घोषित होने के बाद जिले की लोकसभा से भाजपा प्रत्यासी कौन होगा,इसको लेकर सभी का इंतजार लम्बा होता जा रहा..कौन होगा भाजपा से प्रत्यासी औऱ कब तक आएगी भाजपा प्रत्यासियो की सूची..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक रिपोर्ट।

फतेहपुर:भाजपा की सूची फ़ाइनल न होने से दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। साथ ही भाजपा की सूची पर विपक्षी दलों की भी निगाहें टिकी हुई ह । भाजपा में प्रत्यासियों के चयन के लिए मंथन का दौर अपने अंतिम चरण में है पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद होली के पहले भाजपा अपने प्रत्यासियों की पहली सूची जारी कर दे लेक़िन ऐसा नहीं हुआ। सूची जारी न होने के पीछे भाजपा के एक बड़े नेता ने बताया की पार्टी में दावेदारों की संख्या अधिक होने के चलते केंद्रीय चुनाव समिति को अधिक माथापच्ची करनी पड़ रही है। लगभग सभी सीटों पर ढेड़ से दो दर्जन दावेदार होने से पार्टी को टिकट फाइनल करने में काफ़ी सोच विचार करना पड़ रहा है।

फतेहपुर लोकसभा सीट..

प्रदेश की फतेहपुर लोकसभा सीट अपने आप मे काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है जिले की लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे  विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे। इसके पहले भी कांग्रेस के बड़े नेता हरिकृष्ण शास्त्री भी फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत देश की संसद तक पहुंच चुके हैं।
पिछला लोकसभा चुनाव भाजपा प्रत्यासी साध्वी निरंजन ज्योति ने जीता और केंद्र में मंत्री बनी। चुनाव जीतने के बाद ज्योति पर यह आरोप लगा कि सांसद का जुड़ाव सीधे तौर पर फतेहपुर की जनता से न हो पाया और वह स्थानीय समस्याओं को लेकर जिले के प्रति गम्भीर भी नहीं रही।इस बार के लोकसभा चुनाव में ज्योति के टिकट कटने की चर्चा अब आम हो चुकी है यहाँ तक कि भाजपा के प्रदेश स्तर के कई नेता इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि लगभग ज्योति का टिकट कट चुका है। लेक़िन हाल ही में ये ख़बर आई की भाजपा शीर्ष नेतृत्व अपने केंद्रीय मंत्रियों का टिकट काटने का जोख़िम उठाना नहीं चाह रहा है हालांकि उनके क्षेत्रों को बदलकर चुनाव लड़ाने के मूड में है।

सीट अपना दल के कोटे में जाने की चर्चा..!

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पिछले लोकसभा चुनावों से एनडीए में शामिल अपना दल (अनुप्रिया गुट) को भाजपा ने प्रदेश में दो सीटें दी हैं,जिनमें मिर्जापुर सीट के साथ दूसरी सीट के लिए भाजपा ने प्रतापगढ़,रॉबर्ट्सगंज,फतेहपुर व फूलपुर की लोकसभा सीट को अपना दल को विकल्प के तौर पर दिया गया है। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनावों में ऐन वक्त पर जिले की जहानाबाद विधानसभा सीट अपना दल के कोटे में चली गई थी और जय कुमार जैकी अपना दल के कोटे से एमएलए का चुनाव जीत विधानसभा पहुंचे और मंत्री भी बने। ज़िले में कुर्मी फैक्टर को देखते हुए अनुप्रिया फतेहपुर की सीट अपने कोटे में ले सकती हैं। यदि सीट अपना दल खाते में चली गई तो भाजपा के दावेदारों को तगड़ा झटका लगना तय है।

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21 Mar 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

फतेहपुर:भाजपा प्रत्यासी के लिए अभी करना होगा औऱ इंतजार..सीट अपना दल कोटे में भी जाने की चर्चा!

फतेहपुर:भाजपा की सूची फ़ाइनल न होने से दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। साथ ही भाजपा की सूची पर विपक्षी दलों की भी निगाहें टिकी हुई ह । भाजपा में प्रत्यासियों के चयन के लिए मंथन का दौर अपने अंतिम चरण में है पहले यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद होली के पहले भाजपा अपने प्रत्यासियों की पहली सूची जारी कर दे लेक़िन ऐसा नहीं हुआ। सूची जारी न होने के पीछे भाजपा के एक बड़े नेता ने बताया की पार्टी में दावेदारों की संख्या अधिक होने के चलते केंद्रीय चुनाव समिति को अधिक माथापच्ची करनी पड़ रही है। लगभग सभी सीटों पर ढेड़ से दो दर्जन दावेदार होने से पार्टी को टिकट फाइनल करने में काफ़ी सोच विचार करना पड़ रहा है।

फतेहपुर लोकसभा सीट..

प्रदेश की फतेहपुर लोकसभा सीट अपने आप मे काफ़ी महत्वपूर्ण मानी जाती है जिले की लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे  विश्वनाथ प्रताप सिंह देश के प्रधानमंत्री बने थे। इसके पहले भी कांग्रेस के बड़े नेता हरिकृष्ण शास्त्री भी फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत देश की संसद तक पहुंच चुके हैं।
पिछला लोकसभा चुनाव भाजपा प्रत्यासी साध्वी निरंजन ज्योति ने जीता और केंद्र में मंत्री बनी। चुनाव जीतने के बाद ज्योति पर यह आरोप लगा कि सांसद का जुड़ाव सीधे तौर पर फतेहपुर की जनता से न हो पाया और वह स्थानीय समस्याओं को लेकर जिले के प्रति गम्भीर भी नहीं रही।इस बार के लोकसभा चुनाव में ज्योति के टिकट कटने की चर्चा अब आम हो चुकी है यहाँ तक कि भाजपा के प्रदेश स्तर के कई नेता इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि लगभग ज्योति का टिकट कट चुका है। लेक़िन हाल ही में ये ख़बर आई की भाजपा शीर्ष नेतृत्व अपने केंद्रीय मंत्रियों का टिकट काटने का जोख़िम उठाना नहीं चाह रहा है हालांकि उनके क्षेत्रों को बदलकर चुनाव लड़ाने के मूड में है।

सीट अपना दल के कोटे में जाने की चर्चा..!

पिछले लोकसभा चुनावों से एनडीए में शामिल अपना दल (अनुप्रिया गुट) को भाजपा ने प्रदेश में दो सीटें दी हैं,जिनमें मिर्जापुर सीट के साथ दूसरी सीट के लिए भाजपा ने प्रतापगढ़,रॉबर्ट्सगंज,फतेहपुर व फूलपुर की लोकसभा सीट को अपना दल को विकल्प के तौर पर दिया गया है। गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनावों में ऐन वक्त पर जिले की जहानाबाद विधानसभा सीट अपना दल के कोटे में चली गई थी और जय कुमार जैकी अपना दल के कोटे से एमएलए का चुनाव जीत विधानसभा पहुंचे और मंत्री भी बने। ज़िले में कुर्मी फैक्टर को देखते हुए अनुप्रिया फतेहपुर की सीट अपने कोटे में ले सकती हैं। यदि सीट अपना दल खाते में चली गई तो भाजपा के दावेदारों को तगड़ा झटका लगना तय है।

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