
Rahul Gandhi Defamation Case : राहुल गांधी का राजनीतिक भविष्य अंधेरे में !
Modi Surname Case: मोदी सरनेम पर टिप्पड़ी करने के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को गुजरात हाईकोर्ट की ओर से तगड़ा झटका लगा है. सूरत कोर्ट के द्वारा सुनाई गई 2 वर्ष की सजा को हाईकोर्ट ने बरकरार रखते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया है. राहुल की सांसद की सदस्यता पहले ही जा चुकी है.
हाईलाइट्स
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में गुजरात हाईकोर्ट से तगड़ा झटका
- मोदी सरनेम मामले में हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज
- लोकसभा 2024 चुनाव लड़ने की राह भी हुई कठिन
Big blow to Rahul Gandhi from Gujarat HighCourt : कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ रही हैं, मोदी सरनेम के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें बड़ा झटका देते हुए याचिका खारिज कर दी है, यानी राहुल गांधी की 2 वर्ष की सजा बरकरार रहेगी,उच्च न्यायालय में सजा के स्टे के लिए याचिका डाली थी जिसे खारिज कर दिया गया.अब लोकसभा चुनाव लड़ने की राह भी राहुल गांधी के लिए कठिन होती दिख रही है.
गुजरात हाईकोर्ट ने याचिका की खारिज

इस मामले की सुनवाई लगातार गुजरात हाईकोर्ट में चल रही थी. 2023 में सूरत कोर्ट के द्वारा राहुल गांधी को दोषी करार देते हुए 2 वर्ष की सजा सुनाई गई. जिस पर उन्हें तुरंत बेल भी मिल गई थी .इसके पश्चात उन्होंने सूरत सेशन कोर्ट में एक अपील भी दाखिल की थी. जो अभी भी विचाराधीन है और सुनाई गई सजा के खिलाफ सजा पर स्टे के लिए सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल की. लेकिन सेशन कोर्ट द्वारा राहुल गांधी को कोई राहत नहीं मिली.
नहीं मिली राहुल को राहत
सूरत कोर्ट के द्वारा दी गई सजा को बरकरार रखा. उसके पश्चात राहुल गांधी के द्वारा गुजरात उच्च न्यायालय में सजा पर स्टे के लिए याचिका दाखिल की गई थी. जिसमें दोनों पक्षों के द्वारा अपने अपने पक्ष रखे गए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने शुक्रवार को मई माह में फैसला सुरक्षित रख लिया था. ग्रीष्मावकाश के बाद जुलाई को फैसला सुनाने की तारीख निश्चित की थी. जहां शुक्रवार को गुजरात हाईकोर्ट ने राहुल गांधी को तगड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका को खारिज कर दिया.
लोकसभा चुनाव लड़ने की राह हुई कठिन
यानी अब राहुल गांधी की सजा बरकरार रहेगी ऐसे में वे अब आगामी लोकसभा चुनाव 2014 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे .हालांकि राहुल गांधी इस स्टे को लेकर उच्च न्यायालय की डबल बेंच और सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं. जैसा कि राहुल गांधी के वरिष्ठ वकील मनु सिंधवी के द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया कि हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.
