
UP:कानपुर में एक और बड़ा कांड..अपरहण के बाद ही कर दी गई थी हत्या..फिर ले ली तीस लाख की फ़िरौती..!
कानपुर में बीते माह एक युवक का अपरहण हो गया था।परिजनों से 30 लाख की फ़िरौती भी ले ली..लेकिन युवक की हत्या हो चुकी है..पुलिस के निकम्मेपन की पूरी कहानी पढ़ें युगान्तर प्रवाह पर..
कानपुर:ये घटना किसी फ़िल्म की कहानी नहीं है।सच में घटित हुई घटना है।लेक़िन घटना फ़िल्मी कहानी से कम भी नहीं है।इस कहानी की पटकथा तो एक दोस्त ने लिखी लेक़िन असली 'विलेन' निकला हमारा पुलिसिया सिस्टम,जो बजबजा रहा है, जिलों में तैनात नकारे और निकम्मों अफसरों की बदौलत,सूबे में एनकाउंटर पर एनकाउंटर कर इतराने वाली पुलिस को इस घटना के बाद एक चुल्लू में पानी लेकर उसी में डूब जाना चाहिए!

कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक लैब टेक्नीशियन संजीत यादव 22 जून की रात काम से लौटने के बाद अपने घर नहीं पहुचंते।घर वाले पुलिस के पास जाते हैं और तहरीर देते हैं।पुलिस इसके बाद कुछ नहीं करती।29 जून को ग़ायब हुए संजीत के पिता के पास एक फ़ोन कॉल आती है,जिसमें फ़ोन करने वाला संजीत के अपरहण हो जाने की बात करते हुए फ़िरौती में 30 लाख की रकम मांगता है।परिजन पुलिस के पास पहुचंते हैं और पूरी बात बताते हैं।इसके बाद पुलिस हवा में ही हाँथ पैर मारती रहती है।अपरहणकर्ताओ का कोई पता नहीं चलता।पुलिस अपरहण कर्ताओं को पकड़ने के लिए एक प्लान बनाती है।परिजनों के मुताबिक पुलिस के कहने पर वह लोग अपहरणकर्ताओं को तीस लाख रुपए बतौर फ़िरौती देने को तैयार हो जाते हैं।इसके लिए वह घर,गाड़ी जेवर आदि बेचकर 30 लाख इकठ्ठा करते हैं।13 जुलाई को वह फ़िरौती की रकम लेकर पुलिस के प्लान के मुताबिक जाते हैं।लेकिन अपहरणकर्ता 30 लाख लेकर फरार हो जाते हैं और पुलिस हाँथ ही मलती रह जाती है।

चार दिन तक बेहोशी के इंजेक्शन देकर उसे बंधक बनाए रखा। इसके बाद 26 जून को ज्ञानेंद्र यादव ने अपने दोस्त रामबाबू और तीन अन्य के साथ मिलकर संजीत की हत्या कर दी। इसके बाद कुलदीप शव को अपनी कार में रखकर पांडु नदी में फेंक आया।

इस मामले में कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि 22जून को संजीव यादव का अपहरण किया गया था। कल पुलिस ने मामले में 5अभियुक्तों को गिरफ्तार किया,इसका मास्टर माइंड ज्ञानेंद्र यादव है। 26जून की रात को जब संजीव ने भागने की कोशिश की तो इन्होंने उसे मारने का फैसला किया और 27जून की सुबह गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
