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फतेहपुर:अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से चली गई नवजातों की जान..परिजनों ने काटा हंगामा!

फतेहपुर:अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से चली गई नवजातों की जान..परिजनों ने काटा हंगामा!
नवजात की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन

ज़िले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में व्याप्त बदइंतजामी के चलते मंगलवार को दो शिशुओं की जान चली गई..पढ़े पूरी ख़बर युगान्तर प्रवाह पर।

फतेहपुर: ज़िले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस वक़्त बेपटरी हो गई है।सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तो हालात और भी बदतर हैं।मजबूरन लोगों को प्राइवेट नर्सिंग होमो का सहारा लेना पड़ रहा है।लेक़िन जो बेहद गरीब लोग हैं वह इन अव्यवस्थाओं के बावजूद सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेते हैं क्योंकि उनके पास इतनी भारी भरकम रकम नही है जिससे वह निजी अस्पतालों में ईलाज करवा सकें।

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नतीज़न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में भर्ती मरीज भगवान भरोसे ही अपना ईलाज कराते हैं। सरकारी स्वास्थ केंद्रों में व्याप्त बदइंतजामी का ताजा मामला अमौली स्वास्थ्य केंद्र का है जहां मंगलवार सुबह दो जन्मे शिशुओं ने आक्सीजन की कमी के चलते अपनी जान गवां दी।जानकारी के अनुसार अमौली के कुंदेरामपुर गाँव निवासी सुरेन्द्र कुमार की पत्नी शुभा देवी को जब मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसके पति सुरेंद्र ने उसे क़रीब 6 बजे के आसपास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में बने प्रसव केन्द्र में भर्ती कराया। करीब तीस मिनट बाद शुभा ने एक शिशु को जन्म दिया। लेक़िन प्रसव के कुछ देर बाद ही जन्मे बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।जिसको देखते हुए प्रसव केंद्र में मौजूद एएनएम संध्या सचान ने शिशु को आक्सीजन मास्क लगाया लेकिन ऑक्सीजन का सिलेंडर खाली निकला।एएनएम ने कहा कि जब कमरे में मौजूद सिलेंडर खाली निकला तो उन्होंने वहां मौजूद दूसरे कर्मचारी से इमरजेंसी कक्ष में रखे सिलेंडर को लाने के लिए कहा।लेक़िन जब तक वार्ड ब्वाय सिलेंडर लेकर आता तब तक शिशु ने दम तोड़ दिया था।

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शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।हंगामे के बीच अस्पताल में परिसर में बीती रात प्रसव के लिए भर्ती एक दूसरी महिला सांकरा पत्नी चांद मोहम्मद ने शिशु को जन्म दिया। बताते ही प्रसव के कुछ ही देर बाद नवजात की सांसे थम गई। शिशु की मौत पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।लेक़िन एएनएम सध्या सचान का कहना है कि एक बच्चे की मौत आक्सीजन की कमी से हुई है।जबकि सांकरा ने जिस बच्चे को जन्म दिया है उसकी मौत पेट के अंदर ही हो गई थी।

शादी के छः साल बाद शुभा ने दिया था बच्चे को जन्म...

शुभा के पति के बड़े भाई ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र की शादी को छ: साल बीत जाने के बाद बच्चा हुआ था लेक़िन स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी में तैनात एएनएम की लापरवाही के चलते बच्चे को आक्सीजन नहीं मिली जिसकी वज़ह से नवजात की जान चली गई।

डीएम ने दिए जांच के आदेश...

इस पूरे मामले में सीएमओ डॉ.उमाकांत पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन के सिलेंडरो की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता थी।शिशुओं की जान किस वजह से गई इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए देर शाम आए जिलाधिकारी संजीव कुमार सिंह की तरफ़ से बयान में कहा गया है कि सीएमओ डॉ उमाकांत पांडेय को जांच कराने के लिए आदेश दिए गए थे जांच में सामने आया है कि शुभा देवी ने जिस बच्चे को जन्म दिया था उसके पेट में अत्यधिक म्यूकोनियम की मात्रा हो जाने से उसकी मृत्यु हुई है।डीएम ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता थी।उन्होंने कहा की जांच से स्पष्ट है कि ऑक्सीजन की कमी से शिशु की मौत नहीं हुई है।

04 Jun 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

फतेहपुर:अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से चली गई नवजातों की जान..परिजनों ने काटा हंगामा!

फतेहपुर: ज़िले की स्वास्थ्य व्यवस्था इस वक़्त बेपटरी हो गई है।सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में तो हालात और भी बदतर हैं।मजबूरन लोगों को प्राइवेट नर्सिंग होमो का सहारा लेना पड़ रहा है।लेक़िन जो बेहद गरीब लोग हैं वह इन अव्यवस्थाओं के बावजूद सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेते हैं क्योंकि उनके पास इतनी भारी भरकम रकम नही है जिससे वह निजी अस्पतालों में ईलाज करवा सकें।

यह भी पढ़े:कैंसर जैसे घातक रोग की बन गई ऐसी दवा जिससे बच जाएगी लोगों की जान-वैभव..!

नतीज़न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में भर्ती मरीज भगवान भरोसे ही अपना ईलाज कराते हैं। सरकारी स्वास्थ केंद्रों में व्याप्त बदइंतजामी का ताजा मामला अमौली स्वास्थ्य केंद्र का है जहां मंगलवार सुबह दो जन्मे शिशुओं ने आक्सीजन की कमी के चलते अपनी जान गवां दी।जानकारी के अनुसार अमौली के कुंदेरामपुर गाँव निवासी सुरेन्द्र कुमार की पत्नी शुभा देवी को जब मंगलवार सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसके पति सुरेंद्र ने उसे क़रीब 6 बजे के आसपास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमौली में बने प्रसव केन्द्र में भर्ती कराया। करीब तीस मिनट बाद शुभा ने एक शिशु को जन्म दिया। लेक़िन प्रसव के कुछ देर बाद ही जन्मे बच्चे की हालत बिगड़ने लगी।जिसको देखते हुए प्रसव केंद्र में मौजूद एएनएम संध्या सचान ने शिशु को आक्सीजन मास्क लगाया लेकिन ऑक्सीजन का सिलेंडर खाली निकला।एएनएम ने कहा कि जब कमरे में मौजूद सिलेंडर खाली निकला तो उन्होंने वहां मौजूद दूसरे कर्मचारी से इमरजेंसी कक्ष में रखे सिलेंडर को लाने के लिए कहा।लेक़िन जब तक वार्ड ब्वाय सिलेंडर लेकर आता तब तक शिशु ने दम तोड़ दिया था।

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शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।हंगामे के बीच अस्पताल में परिसर में बीती रात प्रसव के लिए भर्ती एक दूसरी महिला सांकरा पत्नी चांद मोहम्मद ने शिशु को जन्म दिया। बताते ही प्रसव के कुछ ही देर बाद नवजात की सांसे थम गई। शिशु की मौत पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।लेक़िन एएनएम सध्या सचान का कहना है कि एक बच्चे की मौत आक्सीजन की कमी से हुई है।जबकि सांकरा ने जिस बच्चे को जन्म दिया है उसकी मौत पेट के अंदर ही हो गई थी।

शादी के छः साल बाद शुभा ने दिया था बच्चे को जन्म...

शुभा के पति के बड़े भाई ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र की शादी को छ: साल बीत जाने के बाद बच्चा हुआ था लेक़िन स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी में तैनात एएनएम की लापरवाही के चलते बच्चे को आक्सीजन नहीं मिली जिसकी वज़ह से नवजात की जान चली गई।

डीएम ने दिए जांच के आदेश...

इस पूरे मामले में सीएमओ डॉ.उमाकांत पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन के सिलेंडरो की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता थी।शिशुओं की जान किस वजह से गई इसकी जांच कराई जा रही है। वहीं इस पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए देर शाम आए जिलाधिकारी संजीव कुमार सिंह की तरफ़ से बयान में कहा गया है कि सीएमओ डॉ उमाकांत पांडेय को जांच कराने के लिए आदेश दिए गए थे जांच में सामने आया है कि शुभा देवी ने जिस बच्चे को जन्म दिया था उसके पेट में अत्यधिक म्यूकोनियम की मात्रा हो जाने से उसकी मृत्यु हुई है।डीएम ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता थी।उन्होंने कहा की जांच से स्पष्ट है कि ऑक्सीजन की कमी से शिशु की मौत नहीं हुई है।

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