Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

सावन विशेष:कोरोना के चलते घर पर ही इस विधि विधान से कर सकतें हैं भगवान शंकर की पूजा..मिलेगा पूरा लाभ..!

सावन विशेष:कोरोना के चलते घर पर ही इस विधि विधान से कर सकतें हैं भगवान शंकर की पूजा..मिलेगा पूरा लाभ..!
सावन विशेष:सांकेतिक फ़ोटो।साभार-गूगल।

सावन का पवित्र महीना 6 जुलाई से शुरू हो चुका है।इस महीने को भगवान शंकर की आराधना करने के लिए सबसे शुभ माना जाता है..लोग शिवालयों और सिद्धपीठों में जाकर शिव की आराधना करते हैं..लेक़िन घर पर ही रहकर शिव की पूजा कैसे करें..आइए जानते हैं युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में..

डेस्क:पवित्र सावन मास 6 जुलाई से प्रारम्भ हो चुका है,जो तीन अगस्त तक रहेगा।इस साल का सावन महीना बहुत ही खास है क्योंकि कि इस पवित्र महीने की शुरुआत ही इस बार सोमवार से हुई है और सावन महीने में सोमवार के दिन का महत्व बहुत ही ज्यादा है।लेकिन इस साल भोले के भक्तों के लिए थोड़ा निराशा है क्योंकि ख़तरनाक तरीक़े से फैले कोरोना वायरस के चलते  ज्यादातर शिवालयों को बन्द ही रखा गया है।और जो खुले भी हैं तो वहाँ भक्त कम ही जा रहे हैं क्योंकि मंदिरों में भीड़ लगाने की मनाही है।ऐसे में घर पर ही रहकर इस पवित्र महीने में शिव की पूजा कैसे करें आइए जानते हैं।

ये भी पढ़े-फतेहपुर:इस सावन भक्तों को दर्शन नहीं दे पाएंगे भगवान भोले..बन्द कर दिया गया ज़िले का यह प्रसिद्ध सिद्धपीठ..!

सावन के महीने में शिव भक्त सुबह-सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रियाओं को संपन्न करते हुए स्नान आदि करना चाहिए। स्नान करने के बाद धुले हुए स्वच्छ कपड़े पहने। इसके बाद घर पर बने पूजा स्थल को साफ करें।पूजा घर पर रखें छोटे से शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति को जल से साफ तरीके से धो लें।सम्भव हो तो मिट्टी की शिवलिंग बना लें फिर उसी की विधि विधान से पूजा करें।

शिवलिंग को प्रणाम करते हुए तांबे के लोटे में जल भर लें और उसमें गंगाजल की कुछ बूंदे मिला लें। भगवान गणेश और भगवान शिव का मन में नाम लेते हुए भोलेनाथ का जलाभिषेक करें।

Read More: Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजा, भोलेनाथ स्वयं हर लेंगे जीवन के सभी कष्ट

जलाभिषेक करने के बाद भगवान शिव को अर्पित करने के लिए एकत्र की गई पूजन सामग्रियों को बारी-बारी के साथ शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर पर चढ़ा दें। शिव पूजन सामग्री में सबसे पहले बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, शहद, दूध, दही  अर्पित करें।

Read More: Sheetala Ashtami Kab Hai 2026: क्यों नहीं जलता चूल्हा और क्यों खाया जाता है बासी भोजन? जानिए शीतला अष्टमी की तिथि मुहूर्त

शिव आराधना करते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। भगवान भोलेनाथ वैरागी हैं ऐसे में उन्हें कभी भी हल्दी, सिंदूर, तुलसी के पत्ते, लाल गुलाब और केतकी के फूल को कभी भी अर्पित न करें। माना जाता है इन सब चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। शास्त्रों में शिव आराधना करते समय इन चीजों को चढ़ाना वर्जित माना गया है।

Read More: चैत्र नवरात्रि पारण 2026 कब है: 26 या 27 मार्च? जानिए सही तिथि, रामनवमी और व्रत पारण का पूरा नियम

पूजा के दौरान लगातार भगवान शिव के ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। इस मंत्र से भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं।

इसके बाद शिव चालीसा का पाठ और भगवान शिव की आरती करें। अगर आपके घर खुली जगह है तो वहां पर शिवलिंग को स्थापित कर उसकी परिक्रमा करें। अंत में भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश को प्रणाम करें।

पूजा के आखिर में पूजा करने में हुई भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा याचना मंत्र पढ़ते हुए उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन में भगवान शंकर की पूजा करने से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है।शिवलिंग की पूजा करने से जन्मकुंडली के नवग्रह दोष तो शांत होते हैं विशेष करके चंद्र्जनित दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

07 Jul 2020 By Shubham Mishra

सावन विशेष:कोरोना के चलते घर पर ही इस विधि विधान से कर सकतें हैं भगवान शंकर की पूजा..मिलेगा पूरा लाभ..!

डेस्क:पवित्र सावन मास 6 जुलाई से प्रारम्भ हो चुका है,जो तीन अगस्त तक रहेगा।इस साल का सावन महीना बहुत ही खास है क्योंकि कि इस पवित्र महीने की शुरुआत ही इस बार सोमवार से हुई है और सावन महीने में सोमवार के दिन का महत्व बहुत ही ज्यादा है।लेकिन इस साल भोले के भक्तों के लिए थोड़ा निराशा है क्योंकि ख़तरनाक तरीक़े से फैले कोरोना वायरस के चलते  ज्यादातर शिवालयों को बन्द ही रखा गया है।और जो खुले भी हैं तो वहाँ भक्त कम ही जा रहे हैं क्योंकि मंदिरों में भीड़ लगाने की मनाही है।ऐसे में घर पर ही रहकर इस पवित्र महीने में शिव की पूजा कैसे करें आइए जानते हैं।

ये भी पढ़े-फतेहपुर:इस सावन भक्तों को दर्शन नहीं दे पाएंगे भगवान भोले..बन्द कर दिया गया ज़िले का यह प्रसिद्ध सिद्धपीठ..!

सावन के महीने में शिव भक्त सुबह-सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रियाओं को संपन्न करते हुए स्नान आदि करना चाहिए। स्नान करने के बाद धुले हुए स्वच्छ कपड़े पहने। इसके बाद घर पर बने पूजा स्थल को साफ करें।पूजा घर पर रखें छोटे से शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति को जल से साफ तरीके से धो लें।सम्भव हो तो मिट्टी की शिवलिंग बना लें फिर उसी की विधि विधान से पूजा करें।

शिवलिंग को प्रणाम करते हुए तांबे के लोटे में जल भर लें और उसमें गंगाजल की कुछ बूंदे मिला लें। भगवान गणेश और भगवान शिव का मन में नाम लेते हुए भोलेनाथ का जलाभिषेक करें।

जलाभिषेक करने के बाद भगवान शिव को अर्पित करने के लिए एकत्र की गई पूजन सामग्रियों को बारी-बारी के साथ शिवलिंग या भगवान शिव की तस्वीर पर चढ़ा दें। शिव पूजन सामग्री में सबसे पहले बिल्वपत्र, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, शहद, दूध, दही  अर्पित करें।

शिव आराधना करते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना बहुत ही जरूरी होता है। भगवान भोलेनाथ वैरागी हैं ऐसे में उन्हें कभी भी हल्दी, सिंदूर, तुलसी के पत्ते, लाल गुलाब और केतकी के फूल को कभी भी अर्पित न करें। माना जाता है इन सब चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। शास्त्रों में शिव आराधना करते समय इन चीजों को चढ़ाना वर्जित माना गया है।

पूजा के दौरान लगातार भगवान शिव के ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहना चाहिए। इस मंत्र से भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं।

इसके बाद शिव चालीसा का पाठ और भगवान शिव की आरती करें। अगर आपके घर खुली जगह है तो वहां पर शिवलिंग को स्थापित कर उसकी परिक्रमा करें। अंत में भगवान शंकर, माता पार्वती और भगवान गणेश को प्रणाम करें।

पूजा के आखिर में पूजा करने में हुई भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा याचना मंत्र पढ़ते हुए उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।

हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार सावन में भगवान शंकर की पूजा करने से सारे कष्टों से मुक्ति मिलती है।शिवलिंग की पूजा करने से जन्मकुंडली के नवग्रह दोष तो शांत होते हैं विशेष करके चंद्र्जनित दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

Tags:

Latest News

Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
फतेहपुर में जिला महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद है, जिससे गर्भवती महिलाओं को मेडिकल कॉलेज रेफर किया...
Asha Bhosle Biography: संघर्ष, सुर और सिसकियों की कहानी, 16 की उम्र में शादी, बेटी की मौत और 12,000 गानों की विरासत
Asha Bhosle News: सुरों की मलिका आशा भोसले को कार्डियक अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती, PM मोदी ने की स्वस्थ होने की कामना
आज का राशिफल 12 अप्रैल 2026: इन चार राशियों पर शनि की वक्र दृष्टि, दिनभर रहें सतर्क, जानिए सभी 12 राशियों का हाल
फतेहपुर बार चुनाव 2026: एक वोट ने पलटा समीकरण, बाबू सिंह यादव बने अध्यक्ष, अनुराग मिश्रा महामंत्री
UP PPS Transfer List: उत्तर प्रदेश में 35 पीपीएस अधिकारियों के तबादले, फतेहपुर के ASP महेंद्र पाल सिंह पहुंचे लखनऊ
आज का राशिफल 09 अप्रैल 2026: मेष से लेकर मीन राशि तक जानिए किसके चमकेंगे सितारे और किसे बरतनी होगी सावधानी

Follow Us