
Nirjala Ekadashi Bhimseni Ekadashi Vrat Katha In Hindi:निर्जला एकादशी पर जरूर सुनें औऱ पढ़ें यह कथा
On
निर्जला एकादशी का व्रत इस साल 10 जून को मनाया जा रहा है.कुछ ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 11 जून को भी व्रत रखा जा सकता है.इस व्रत को निर्जला रखना श्रेष्ठकर होता है.व्रत के साथ साथ इसकी कथा को सुनना औऱ पढ़ना भी पुण्य देने वाला होता है. आइए जानते हैं निर्जला एकादशी व्रत कथा.. Nirjala Ekadashi Vrat Katha In Hindi Bhimseni Ekadashi Vrat Katha in Hindi
Nirjala Ekadashi Vrat Katha In Hindi Bhimseni Ekadashi Vrat Katha in Hindi:प्राचीन काल की बात है एक बार भीम ने वेद व्यास जी से कहा कि उनकी माता और सभी भाई एकादशी व्रत रखने का सुझाव देते हैं, लेकिन उनके लिए कहां संभव है कि वह पूजा-पाठ कर सकें, व्रत में भूखा भी नहीं रह सकते.

भीम ने वेदव्यास जी से निवेदन किया कोई ऐसा व्रत हो, जो पूरे एक साल में एक ही दिन रहना हो और उससे स्वर्ग की प्राप्ति हो जाए.तब व्यास जी ने भीम को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी के बारे में बताया.निर्जला एकादशी व्रत में अन्न व जल ग्रहण करने की मनाही होती है। द्वादशी को सूर्योदय के बाद स्नान करके ब्राह्मणों को दान देना चाहिए और भोजन कराना चाहिए फिर स्वयं व्रत पारण करना चाहिए.इस व्रत को करने व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है.
Tags:
Related Posts
Latest News
18 Feb 2026 09:53:25
आज 18 फरवरी 2026 का राशिफल कई राशियों के लिए सावधानी का संकेत दे रहा है. यात्रा, स्वास्थ्य, धन और...
