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पत्रकार प्रिया रमानी बरी, एमजे अकबर ने दायर किया था मानहानि का केस

पत्रकार प्रिया रमानी बरी, एमजे अकबर ने दायर किया था मानहानि का केस
फैसले के बाद ख़ुशी मनाती।फ़ोटो-ट्वीटर

पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर औऱ पत्रकार प्रिया रमानी(priya ramani) केस में अदालत ने प्रिया रमानी के ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया है..पढें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..

नई दिल्ली:प्रिया रमानी ने मी टू अभियान के दौरान तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था और उन पर ऐसा आरोप लगाने वाली वो पहली महिला थीं। priyaramani

#MeToo अभियान के तहत 20 महिला पत्रकारों ने अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।इन महिलाओं का आरोप था कि विभिन्न अख़बारों के संपादक रहते हुए अकबर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।Priya ramani

एमजे अकबर पर लगे इन आरोपों के बाद 17 अक्तूबर 2018 को उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया था।

इन आरोपों पर एमजे अक़बर की तरफ़ से पत्रकार प्रिया रमानी के विरुद्ध मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था।

इसी मामले की सुनवाई दिल्ली की एक अदालत में चल रही थी जिसका फैसला बुधवार को आया है।अदालत ने अपने फैसले में प्रिया रमानी को बरी करते हुए कहा कि अदालत ने कहा, 'किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा किसी के सम्मान की क़ीमत पर नहीं की जा सकती है'।

एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडे द्वारा दोनों पक्षों की मौजूदगी में एक ओपन कोर्ट में यह फ़ैसला सुनाया।

17 Feb 2021 By Shubham Mishra

पत्रकार प्रिया रमानी बरी, एमजे अकबर ने दायर किया था मानहानि का केस

नई दिल्ली:प्रिया रमानी ने मी टू अभियान के दौरान तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर यौन दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था और उन पर ऐसा आरोप लगाने वाली वो पहली महिला थीं। priyaramani

#MeToo अभियान के तहत 20 महिला पत्रकारों ने अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।इन महिलाओं का आरोप था कि विभिन्न अख़बारों के संपादक रहते हुए अकबर ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।Priya ramani

एमजे अकबर पर लगे इन आरोपों के बाद 17 अक्तूबर 2018 को उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया था।

इन आरोपों पर एमजे अक़बर की तरफ़ से पत्रकार प्रिया रमानी के विरुद्ध मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था।

इसी मामले की सुनवाई दिल्ली की एक अदालत में चल रही थी जिसका फैसला बुधवार को आया है।अदालत ने अपने फैसले में प्रिया रमानी को बरी करते हुए कहा कि अदालत ने कहा, 'किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा की सुरक्षा किसी के सम्मान की क़ीमत पर नहीं की जा सकती है'।

एडिशनल चीफ़ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडे द्वारा दोनों पक्षों की मौजूदगी में एक ओपन कोर्ट में यह फ़ैसला सुनाया।

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