फतेहपुर:भाजपा में टिकट को लेकर जंग तेज..विक्रम सिंह की दावेदारी से खलबली!
लोकसभा चुनाव में फतेहपुर की लोकसभा सीट से भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्तमान में सदर सीट से विधायक विक्रम सिंह को प्रत्यासी बनाए जाने को लेकर मांग तेज कर दी है.. पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट।
फ़तेहपुर: लोकसभा चुनाव को लेकर इस वक़्त सारी पार्टियों के अंदर टिकटों को लेकर घमासान शुरू हो चुका है जिसके चलते पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को खासी माथापच्ची करनी पड़ रही है।हर सीट पर सभी पार्टियों के अंदर प्रत्यासियो की संख्या अधिक होने के चलते शीर्ष नेताओं को टिकट फाइनल करने में भी काफ़ी सोच विचार करना पड़ रहा है। कमोबेश ऐसी ही कुछ स्थित फतेहपुर लोकसभा सीट को लेकर बन रही है। इस वक़्त सत्तारूढ़ दल भाजपा के अंदर टिकट के कई दावेदार हो जाने से मामला काफी रोमांचक हो गया है।आपको बता दे कि वर्तमान में फतेहपुर लोकसभा सीट से सांसद केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के साथ साथ सदर विधायक विक्रम सिंह ने भी टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है जिसके बाद उनके समर्थकों व ढेरों भाजपा कार्यकर्ताओं ने शीर्ष नेतृत्व से विक्रम सिंह को प्रत्यासी बनाए जाने को लेकर मांग शुरू कर दी है।हाल ही में फतेहपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास करने पहुंचे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने भी 'जिले का सांसद कैसा हो विक्रम सिंह जैसा हो' के नारे पूरे कार्यक्रम के दौरान पंडाल में गूंजते रहे थे।
विक्रम सिंह बनना चाहते थे सांसद बन गए विधायक...

जिले के सियासी पंडित बताते हैं कि पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में चुनाव जीतकर संसद पहुंची साध्वी का पांच साल फतेहपुर की जनता से दूर रहना भाजपा को जिले में कमजोर कर रहा है और भाजपा समर्थित लोग भी साध्वी की जगह भाजपा के किसी दूसरे व्यक्ति को लोकसभा सीट से प्रत्यासी के तौर पर देखना चाह रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री ज्योति भी जनता के मूड को भांपते हुए फतेहपुर लोकसभा सीट छोड़कर किसी दूसरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का मन बना रही थी लेक़िन शीर्ष नेतृत्व की तरफ़ से हरी झंडी न मिलने के चलते उन्होंने फतेहपुर से ही दोबारा चुनाव लड़ने के लिए टिकट की दावेदारी पेश की है।एक स्थानीय भाजपा नेता ने दबी ज़बान कहा कि यदि ज्योति को दोबारा फतेहपुर लोकसभा सीट पर टिकट मिल गया तो भाजपा का चुनाव जीतना मुश्किल हो सकता है।
आपको बता दे कि सपा बसपा गठबंधन ने बसपा कोटे से पूर्व विधायक सुखदेव वर्मा को अपना प्रत्यासी घोषित कर दिया है जिसके चलते सपा से नाराज होकर पूर्व सांसद ने पार्टी छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया है औऱ अब ऐसी उम्मीद की जा रही है कांग्रेस से लोकसभा में प्रत्यासी के तौर पर राकेश सचान का चुनाव लड़ना तय है,अब केवल भाजपा ही बची है जिसके पत्ते अभी खुलना बाकी है।बरहाल भाजपा की तरफ़ से टिकट को लेकर अभी तक किसी भी तरीके की घोषणा नहीं की गई है।लेक़िन विक्रम सिंह की मजबूत दावेदारी और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में अच्छी खासी पकड़ से अन्य दावेदारों को झटका जरूर लगा है।
