Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

अक्षय नवमी:आंवले के वृक्ष की छांव में होता है भोजन.!

अक्षय नवमी:आंवले के वृक्ष की छांव में होता है भोजन.!
सांकेतिक फ़ोटो।साभार-गूगल।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी का त्योहार मनाया जाता है।इसे आँवला नवमी भी कहतें हैं..इस बार यह पर्व 23 नवम्बर दिन सोमवार को है..पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..

डेस्क:अक्षय नवमी जिसे आँवला नवमी भी कहा जाता है इस बार 23 नवम्बर सोमवार को है।ऐसी मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना चाहिए।Akshay navami

अक्षय नवमी का व्रत सोमवार को रखा जाएगा अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण श्री विष्णु की पूजा अर्चना तथा आंवले के वृक्ष के समीप या नीचे बैठकर भोजन करने की पौराणिक व धार्मिक मान्यता मानी गई है।Akshay navami 2020

पूजा करने वाले का मुख पूूर्व की ओर होना चाहिए, व्रत कर्ता को अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान ध्यान के पश्चात अक्षय नवमी के व्रत का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की पंचोपचार व षोडशोपचार पूजा की जाती है इस दिन भगवान विष्णु मंत्र 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करने पर प्रसन्न होकर भक्तों को उसकी अभिलाषा पूर्ति का आशीर्वाद देते हैं। आंवले के वृक्ष की पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है साथ ही बहुत सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस पर्व पर आंवले के वृक्ष की पूजा पुष्प धूप दीप नैवेद्य से की जाती है। पूजन के बाद वृक्ष की आरती करके परिक्रमा करनी चाहिए।Amla navami 2020

फ़िर इसके बाद आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना चाहिए।सम्भव हो तो उसी पेड़ के नीचे पहले भोजन बनाएं औऱ फिर खाएं।जो लोग आंवले के पेड़ के नीचे खा नही सकते उनको कम से कम आज के दिन आवलें के फल का सेवन करना चाहिए।

Read More: Surya Grahan 2026: साल का पहला सूर्य ग्रहण रिंग ऑफ फायर ! कब लगेगा सूतक काल, भारत में क्या है इसका असर?

23 Nov 2020 By Shubham Mishra

अक्षय नवमी:आंवले के वृक्ष की छांव में होता है भोजन.!

डेस्क:अक्षय नवमी जिसे आँवला नवमी भी कहा जाता है इस बार 23 नवम्बर सोमवार को है।ऐसी मान्यता है कि इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना चाहिए।Akshay navami

अक्षय नवमी का व्रत सोमवार को रखा जाएगा अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान श्री लक्ष्मी नारायण श्री विष्णु की पूजा अर्चना तथा आंवले के वृक्ष के समीप या नीचे बैठकर भोजन करने की पौराणिक व धार्मिक मान्यता मानी गई है।Akshay navami 2020

पूजा करने वाले का मुख पूूर्व की ओर होना चाहिए, व्रत कर्ता को अपने दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान ध्यान के पश्चात अक्षय नवमी के व्रत का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्री लक्ष्मी नारायण की पंचोपचार व षोडशोपचार पूजा की जाती है इस दिन भगवान विष्णु मंत्र 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' का जप करने पर प्रसन्न होकर भक्तों को उसकी अभिलाषा पूर्ति का आशीर्वाद देते हैं। आंवले के वृक्ष की पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है साथ ही बहुत सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस पर्व पर आंवले के वृक्ष की पूजा पुष्प धूप दीप नैवेद्य से की जाती है। पूजन के बाद वृक्ष की आरती करके परिक्रमा करनी चाहिए।Amla navami 2020

फ़िर इसके बाद आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करना चाहिए।सम्भव हो तो उसी पेड़ के नीचे पहले भोजन बनाएं औऱ फिर खाएं।जो लोग आंवले के पेड़ के नीचे खा नही सकते उनको कम से कम आज के दिन आवलें के फल का सेवन करना चाहिए।

Tags:

Latest News

Prateek Yadav Live News: पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा प्रतीक का शव, कल होगा अंतिम संस्कार, जानिए पल-पल की अपडेट LIVEPrateek Yadav Live News: पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा प्रतीक का शव, कल होगा अंतिम संस्कार, जानिए पल-पल की अपडेट
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे, अखिलेश यादव के सौतेले भाई और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम...
Prateek Yadav Death News: किचन में अचानक गिरे प्रतीक यादव, अपर्णा यादव के करीबी ने बताई उस सुबह की पूरी कहानी
फतेहपुर गैंगरेप पीड़िता की मंदिर में हुई शादी, मंगेतर ने थामा हाथ और कहा- हर सुख-दुख में निभाऊंगा साथ
Aaj Ka Rashifal 10 May 2026: मेष से लेकर मीन तक जानें सभी राशियों का दैनिक भविष्यफल, पान खाकर करें यात्रा
UP Cabinet Expansion 2026: योगी मंत्रिमंडल का आज बड़ा विस्तार, फतेहपुर की कृष्णा पासवान समेत कई नए चेहरों की चर्चा
Suvendu Adhikari CM Oath: ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री, जानिए क्यों अब तक नहीं की शादी
Kal Ka Rashifal 10 May 2026: किसके लिए कष्टकारी होगा रविवार का दिन, इन उपायों से मिलेगी सफलता

Follow Us