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India Protest Manipur Violence : मणिपुर मामले पर INDIA का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन,प्रधानमंत्री पहले संसद में दें बयान,फिर होगी चर्चा

India Protest Manipur Violence : मणिपुर मामले पर INDIA का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन,प्रधानमंत्री पहले संसद में दें बयान,फिर होगी चर्चा
मणिपुर मामले पर विपक्ष india का संसद के बहार प्रदर्शन

मणिपुर में दो महिलाओं के साथ दरिंदगी के बाद विपक्ष का गठबंधन india लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है. विपक्ष ने संसद भवन के बाहर मणिपुर मामले को लेकर जमकर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की.और प्रधानमंत्री से बयान देने की मांग की .


हाईलाइट्स

  • मणिपुर दरिंदगी मामले में विपक्ष का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन
  • प्रधानमंत्री मोदी संसद भवन में आकर दें बयान,267 रूल पर हो चर्चा
  • कांग्रेस के नेताओ ने कहा बात करें पहले पीएम संसद में आकर दें बयान

Pm should come to Parliament and give statement : मणिपुर में हुई हैवानियत के बाद सड़कों से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.विपक्ष india लगातार प्रधानमंत्री मोदी से संसद में बयान देने की मांग पर अड़ा हुआ है.आज भी संसद भवन स्थित गांधी प्रतिमा पर विपक्ष के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया. जिसके बाद विपक्षी शीर्ष नेताओं की कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

India की मांग पीएम मोदी संसद में दे पहले बयान

दरअसल मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी मामले पर विपक्ष गठबन्धन india सरकार को घेर रहा है.कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि 140 करोड़ जनता के नेता बाहर मीडिया को बयान दे रहे हैं. सारे जनप्रतिनिधि संसद में बैठे हैं.वे अपना बयान सबके सामने आकर दें,उसके बाद हम अपना एक निर्णय लेंगे.

विपक्ष की मांग 267 रूल के तहत संसद में हो चर्चा

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विपक्ष का गठबंधन india चाहता है, कि रूल 267 के तहत बात की जाए.आपको बताना चाहेंगे कि 267 वह रूल होता है. जिसमें सारे कार्यो को रोक दिया जाता है.केवल एक प्रकरण पर ही चर्चा होती है.जबतक पूरी बहस नहीं होती तबतक कोई दूसरा प्रकरण नहीं लाया जाता.वहीं सरकार चाहती है केवल शार्ट ड्यूरेशन में ही चर्चा हो.उनका कहना है कि पहले प्रधानमंत्री जी का विस्तृत बयान हो.फिर 267 के तहत संसद में बहस हो.

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प्रधानमंत्री को दोनों सदनों में देना चाहिए व्यापक बयान

कांग्रेस के शीर्ष नेता जय राम रमेश व सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को दोनों सदनों में व्यापक बयान देना चाहिए.जिसके बाद इस गम्भीर मुद्दे पर विस्तृत रूप से चर्चा हो.उधर संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा हम इस प्रकरण पर लगातार बात करने को विपक्ष से कह रहे हैं. लेकिन पता नहीं विपक्ष बात करने से क्यों कतरा रहा है.हम आज भी इस गम्भीर प्रकरण पर बात करने को तैयार हैं.

24 Jul 2023 By Vishal Shukla

India Protest Manipur Violence : मणिपुर मामले पर INDIA का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन,प्रधानमंत्री पहले संसद में दें बयान,फिर होगी चर्चा


हाईलाइट्स

  • मणिपुर दरिंदगी मामले में विपक्ष का संसद भवन के बाहर प्रदर्शन
  • प्रधानमंत्री मोदी संसद भवन में आकर दें बयान,267 रूल पर हो चर्चा
  • कांग्रेस के नेताओ ने कहा बात करें पहले पीएम संसद में आकर दें बयान

Pm should come to Parliament and give statement : मणिपुर में हुई हैवानियत के बाद सड़कों से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है.विपक्ष india लगातार प्रधानमंत्री मोदी से संसद में बयान देने की मांग पर अड़ा हुआ है.आज भी संसद भवन स्थित गांधी प्रतिमा पर विपक्ष के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया. जिसके बाद विपक्षी शीर्ष नेताओं की कई प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.

India की मांग पीएम मोदी संसद में दे पहले बयान

दरअसल मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई दरिंदगी मामले पर विपक्ष गठबन्धन india सरकार को घेर रहा है.कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि 140 करोड़ जनता के नेता बाहर मीडिया को बयान दे रहे हैं. सारे जनप्रतिनिधि संसद में बैठे हैं.वे अपना बयान सबके सामने आकर दें,उसके बाद हम अपना एक निर्णय लेंगे.

विपक्ष की मांग 267 रूल के तहत संसद में हो चर्चा

विपक्ष का गठबंधन india चाहता है, कि रूल 267 के तहत बात की जाए.आपको बताना चाहेंगे कि 267 वह रूल होता है. जिसमें सारे कार्यो को रोक दिया जाता है.केवल एक प्रकरण पर ही चर्चा होती है.जबतक पूरी बहस नहीं होती तबतक कोई दूसरा प्रकरण नहीं लाया जाता.वहीं सरकार चाहती है केवल शार्ट ड्यूरेशन में ही चर्चा हो.उनका कहना है कि पहले प्रधानमंत्री जी का विस्तृत बयान हो.फिर 267 के तहत संसद में बहस हो.

प्रधानमंत्री को दोनों सदनों में देना चाहिए व्यापक बयान

कांग्रेस के शीर्ष नेता जय राम रमेश व सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को दोनों सदनों में व्यापक बयान देना चाहिए.जिसके बाद इस गम्भीर मुद्दे पर विस्तृत रूप से चर्चा हो.उधर संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा हम इस प्रकरण पर लगातार बात करने को विपक्ष से कह रहे हैं. लेकिन पता नहीं विपक्ष बात करने से क्यों कतरा रहा है.हम आज भी इस गम्भीर प्रकरण पर बात करने को तैयार हैं.

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