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Valentine Day पर बजरंग दल का विरोध आखिर क्यों

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पश्चिमी देशों से शुरू हुए वैलेंटाइन डे को अब भारत में भी मनाया जाने लगा है, लेकिन इस दिन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार प्रेमी जोड़े हो जातें हैं.युगान्तर प्रवाह की रिपोर्ट..

डेस्क:14 फ़रवरी यानी वैलेंटाइन डे जो पश्चिमी देशों से शुरू होकर कई सालों पहले भारत भी आ गया है।इंटरनेट के बढ़ते विस्तार के चलते भारत में यह केवल बड़े शहरों या महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है छोटे शहरों, कस्बों से होता हुआ गाँव देहात तक भी पहुँच गया है।लेकिन वैलेंटाइन के साथ ही चर्चा में एक और नाम आ जाता है बजरंग दल।बजरंग दल इस वैलेंटाइन का पुरजोर विरोध करता है इतना ही नही इस दल के कार्यकर्ता 14 फरवरी वाले दिन हाँथो में लाठी डंडे लेकर निकलते हैं जो भी प्रेमी जोड़ा पार्क, होटलों या धार्मिक स्थलों पर मिल जाता है उसके साथ नौबत मारपीट तक की आ जाती है।Valentine day

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वैलेंटाइन डे के किस्से..

वैलेंटाइन डे को लेकर पश्चिमी देशों में कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं।इन्ही कहानियों में से एक कहानी है कि इटली में वैलेंटाइन नामक एक युवा माली अपने मालिक की बेटी के प्रेम में था।यह बताने के लिये वह हर रोज़ एक गुलाब तोड़ता कि आज अपनी प्रेयसी से कह दूंगा, लेकिन सामाजिक भिन्नता के कारण कभी इज़हार नहीं कर पाता और उस गुलाब को एक संदूक में रख देता।लेकिन ना कह पाने की तकलीफ़ उसे अंदर ही अंदर खाये जा रही थी।अंततः उसने बिस्तर पकड़ लिया।जब वह कई दिनों तक वह नहीं दिखा तो मालिक की बेटी उसे ढूंढ़ते हुए उसके कमरे पर आई जहां दरवाज़े की तरफ़ नज़र गड़ाये उसका मृत शरीर हाथ में गुलाब का फ़ूल और एक चिट्ठी लिये पड़ा हुआ था।वह दिन चौदह फरवरी का था। इसलिये आज का दिन प्रेम के इज़हार दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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बजरंग दल का विरोध..

बजरंग दल सहित कई समाजिक संगठन शुरू से ही वैलेंटाइन डे के विरोधी रहें हैं।फ़रवरी का महीना शुरू होते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता एक्टिव हो जाते हैं और उनकी तरफ़ से वैलेंटाइन मनाने वालों के लिए चेतावनी भी जारी की जाने लगतीं हैं।इस सम्बंध में हमने कई बार बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से विरोध का कारण जानने की कोशिश की उनका सिर्फ़ इतना कहना रहता है कि यह पश्चिमी सभ्यता से आया है।इस दिन वैलेंटाइन के नाम पर पार्कों, धार्मिक स्थलों आदि पर अश्लीलता फैलाई जाती है।जो भारत की संस्कृति के लिए ठीक नही है।बस इसी वजह से हम लोग इसका विरोध करते हैं।


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