UP:डीएम के सख़्त निर्देशों के बावजूद फर्रुखाबाद में सरकारी डॉक्टरों की जारी है मनमानी..तड़पते रहते हैं मरीज़..!
यूपी के फर्रुखाबाद ज़िले में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल बहुत बुरा है।ताज़ा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद का है..पढ़ें पूरी खबर युगान्तर प्रवाह पर..
फर्रुखाबाद:कोरोना काल में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, डीएम मानवेंद्र सिंह के तमाम सख़्त निर्देशों के बावजूद जनपद के कुछ सरकारी डॉक्टर घोर लापरवाही करने में जुटे हुए हैं।ताज़ा मामला ज़िले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद का है।जहाँ रविवार को एक प्रसूता अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर स्टेचर में पड़ी हुई घण्टों तड़पती रही।सूचना के बावजूद अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर मौक़े पर नहीं पहुँची, मौक़े पर मौजूद एक महिला नर्स ने फोन पर तैनाती डॉक्टर से बात कर पूरी बात बताई लेकिन उन्होंने मौक़े पर आकर पीड़िता का हाल जानना मुनासिब नहीं समझा, इसके बाद मौजूद नर्स ने परिजनों से अस्पताल में बेहतर सुविधाएं न होने का हवाला देते हुए लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले जाने की बात कही।
ये भी पढ़ें-फर्रुखाबाद:भरी पंचायत में जमकर चले लाठी डंडे कई घायल..!
जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम शरीफपुर छिछनी मजरे मंझा की मड़ैया निवासी यतेंद्र कुमार की पत्नी अनीता जोकि गर्भवती है।उसे अचानक प्रसव पीड़ा हुई,परिजनो ने गांव की आशा बहू फूलमती से संपर्क किया।
आशा बहू ने गर्भवती महिला को स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद तक पहुचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस को फोन किया।लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो घबराए परिजन निजी वाहन से गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद लाए।
यहाँ तैनात महिला चिकित्सक डॉ सुनीता दिवाकर से गर्भवती महिला को देख लेने की परिजनों ने गुहार लगाई लेकिन महिला चिकित्सक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली।उसने कमरे से ही प्रसूता का हाल स्टाफ नर्स को फोन कर जाना।uttar pradesh farrukhabad letest news
इसके बाद स्टाफ नर्स ने प्रसूता के परिजनों को अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की मजबूरी बताकर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले जाने को कहा।इसके बाद परिजनों ने फिर से सरकारी एम्बुलेंस की मांग की।लेकिन एक घंटे बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस नही आई।इस बीच प्रसूता इमरजेंसी कक्ष के सामने स्ट्रेचर पर पड़ी दर्द से कराहती रही।लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी का दिल नहीं पसीजा।थक हारकर परिजन प्रसूता को प्राइवेट वाहन से फर्रुखाबाद ले गए जहां एक प्राइवेट नर्सिंग होम में महिला का उपचार जारी था। farrukhabad news
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वंदना सिंह ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है,फिर भी मैं महिला चिकित्सक से जानकारी करके पूरे मामले की जानकारी करतीं हूँ।इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
UP:डीएम के सख़्त निर्देशों के बावजूद फर्रुखाबाद में सरकारी डॉक्टरों की जारी है मनमानी..तड़पते रहते हैं मरीज़..!
फर्रुखाबाद:कोरोना काल में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल हैं, डीएम मानवेंद्र सिंह के तमाम सख़्त निर्देशों के बावजूद जनपद के कुछ सरकारी डॉक्टर घोर लापरवाही करने में जुटे हुए हैं।ताज़ा मामला ज़िले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद का है।जहाँ रविवार को एक प्रसूता अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर स्टेचर में पड़ी हुई घण्टों तड़पती रही।सूचना के बावजूद अस्पताल में तैनात महिला डॉक्टर मौक़े पर नहीं पहुँची, मौक़े पर मौजूद एक महिला नर्स ने फोन पर तैनाती डॉक्टर से बात कर पूरी बात बताई लेकिन उन्होंने मौक़े पर आकर पीड़िता का हाल जानना मुनासिब नहीं समझा, इसके बाद मौजूद नर्स ने परिजनों से अस्पताल में बेहतर सुविधाएं न होने का हवाला देते हुए लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले जाने की बात कही।
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जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम शरीफपुर छिछनी मजरे मंझा की मड़ैया निवासी यतेंद्र कुमार की पत्नी अनीता जोकि गर्भवती है।उसे अचानक प्रसव पीड़ा हुई,परिजनो ने गांव की आशा बहू फूलमती से संपर्क किया।
आशा बहू ने गर्भवती महिला को स्वास्थ्य केंद्र शमशाबाद तक पहुचाने के लिए सरकारी एंबुलेंस को फोन किया।लेकिन काफी समय गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो घबराए परिजन निजी वाहन से गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद लाए।
यहाँ तैनात महिला चिकित्सक डॉ सुनीता दिवाकर से गर्भवती महिला को देख लेने की परिजनों ने गुहार लगाई लेकिन महिला चिकित्सक अपने कमरे से बाहर नहीं निकली।उसने कमरे से ही प्रसूता का हाल स्टाफ नर्स को फोन कर जाना।uttar pradesh farrukhabad letest news
इसके बाद स्टाफ नर्स ने प्रसूता के परिजनों को अस्पताल में बुनियादी सुविधाएं नहीं होने की मजबूरी बताकर लोहिया अस्पताल फर्रुखाबाद ले जाने को कहा।इसके बाद परिजनों ने फिर से सरकारी एम्बुलेंस की मांग की।लेकिन एक घंटे बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस नही आई।इस बीच प्रसूता इमरजेंसी कक्ष के सामने स्ट्रेचर पर पड़ी दर्द से कराहती रही।लेकिन किसी भी स्वास्थ्य कर्मी का दिल नहीं पसीजा।थक हारकर परिजन प्रसूता को प्राइवेट वाहन से फर्रुखाबाद ले गए जहां एक प्राइवेट नर्सिंग होम में महिला का उपचार जारी था। farrukhabad news
इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वंदना सिंह ने बताया कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है,फिर भी मैं महिला चिकित्सक से जानकारी करके पूरे मामले की जानकारी करतीं हूँ।इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।