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राजनीति:यूपी में खोई कांग्रेस की सियासी ज़मीन की तलाश करती प्रियंका!'गंगा यात्रा'पर

राजनीति:यूपी में खोई कांग्रेस की सियासी ज़मीन की तलाश करती प्रियंका!'गंगा यात्रा'पर
फोटो साभार गूगल

कई दशकों से यूपी के सियासी गलियारों से लगभग ग़ायब हो चुकी कांग्रेस को अब प्रियंका गांधी के रूप में नया खेवनहार मिला है..प्रियंका गांधी ने प्रयागराज से बनारस तक की यात्रा की शुरुआत सोमवार को कर दी है...पढ़े इस यात्रा के सियासी मायने।

संपादकीय: लोकसभा चुनावों की तैयारियो में ज़ोर शोर से लगी सभी पार्टियों को यह पता है कि लुटियंस की दिल्ली तक जाने वाला रास्ता यूपी के लखनऊ से ही होकर जाता है यदि दिल्ली की सत्ता हासिल करनी है तो यूपी को फ़तह करना अति आवश्यक है बिना यूपी को जीते दिल्ली नहीं पहुंचा जा सकता है।

पिछले कई दशकों से यूपी में सुखा देख रही कांग्रेस के लिए इस बार के लोकसभा चुनावों में यूपी को फ़तह करना एक बड़ी व मुश्किल चुनौती से कम नहीं है।इसी को देखते हुए कांग्रेस में महासचिव का पद लेकर पूर्ण से सक्रिय राजनीति में आई गांधी नेहरू परिवार की बेटी प्रियंका गांधी को यूपी फ़तह की जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार को प्रियंका ने प्रयागराज पहुंच संगम तट पर गंगा जी की पूजा अर्चना की साथ ही संगम तट के करीब ही स्थित लेटे हुए हनुमानजी के मंदिर में दर्शन कर अपनी तीन दिन की चुनावी यात्रा की शुरुआत की।

स्टीमर से यात्रा...

तीन दिन की यात्रा में निकली प्रियंका गांधी प्रयागराज के मनैया घाट से स्टीमर में सवार होकर निकली।यह यात्रा गंगा किनारे बसे गांवो में रुकती हुई बनारस के अस्सी घाट में समाप्त होगी।

Read More: Suvendu Adhikari CM Oath: ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री, जानिए क्यों अब तक नहीं की शादी

अति पिछड़ी जातियों को जोड़ने की कोशिश...

एक ज़माने में दलित, ब्राह्मण व मुस्लिम कांग्रेस का कोर वोटर हुआ करता था पर समय के साथ दलित मायावती के साथ,मुसलमान सपा के साथ तो ब्राह्मण भी छिटक कर भाजपा के साथ पहुंच गया जिसके चलते कांग्रेस दिनों दिन यूपी में कमजोर होती चली गई।इस यात्रा को सियासी नजरिए से देखे तो पता चलता है कि चुनावी बोट से यात्रा कर रही प्रियंका पूर्वी उत्तर प्रदेस में गैर यादव व गैर जाटव आदि पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश कर रही हैं ख़ासकर गंगा किनारे बसे निषाद,केवट,कुम्हार, कहार,मछुआरों का पूर्वी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर,भदोही, मिर्जापुर व प्रयागराज सहित करीब दर्जन भर लोकसभा सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव है।गौरतलब है कि पिछले कई चुनावों से इन जातियों का वोट भाजपा अपने पक्ष में करने में कामयाब रही है।प्रियंका की यह यात्रा कंही न कंही इन जातियों को कांग्रेस की ओर मोड़ सकती है औऱ आगामी लोकसभा चुनाव में इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।

सॉफ्ट हिंदुत्व की छवि...

पिछले कुछ सालों में कांग्रेस के ऊपर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगता रहा है जिसके चलते कांग्रेस को यूपी में भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है।इस चुनावी यात्रा की शुरुआत प्रियंका ने गंगा जी की पूजा व हनुमान मंदिर में दर्शन के साथ स्टीमर से की। जिससे प्रियंका ने कांग्रेस की हिन्दू विरोधी छवि को तोड़ सॉफ्ट हिंदुत्व के रूप में पेश होने की कोसिस की है।अब यह तो आने वाली तेईस मई को ही पता चल पायेगा की प्रियंका की इस यात्रा का कांग्रेस को कितना फ़ायदा पहुंचा है।

18 Mar 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

राजनीति:यूपी में खोई कांग्रेस की सियासी ज़मीन की तलाश करती प्रियंका!'गंगा यात्रा'पर

संपादकीय: लोकसभा चुनावों की तैयारियो में ज़ोर शोर से लगी सभी पार्टियों को यह पता है कि लुटियंस की दिल्ली तक जाने वाला रास्ता यूपी के लखनऊ से ही होकर जाता है यदि दिल्ली की सत्ता हासिल करनी है तो यूपी को फ़तह करना अति आवश्यक है बिना यूपी को जीते दिल्ली नहीं पहुंचा जा सकता है।

पिछले कई दशकों से यूपी में सुखा देख रही कांग्रेस के लिए इस बार के लोकसभा चुनावों में यूपी को फ़तह करना एक बड़ी व मुश्किल चुनौती से कम नहीं है।इसी को देखते हुए कांग्रेस में महासचिव का पद लेकर पूर्ण से सक्रिय राजनीति में आई गांधी नेहरू परिवार की बेटी प्रियंका गांधी को यूपी फ़तह की जिम्मेदारी दी गई है। मंगलवार को प्रियंका ने प्रयागराज पहुंच संगम तट पर गंगा जी की पूजा अर्चना की साथ ही संगम तट के करीब ही स्थित लेटे हुए हनुमानजी के मंदिर में दर्शन कर अपनी तीन दिन की चुनावी यात्रा की शुरुआत की।

स्टीमर से यात्रा...

तीन दिन की यात्रा में निकली प्रियंका गांधी प्रयागराज के मनैया घाट से स्टीमर में सवार होकर निकली।यह यात्रा गंगा किनारे बसे गांवो में रुकती हुई बनारस के अस्सी घाट में समाप्त होगी।

अति पिछड़ी जातियों को जोड़ने की कोशिश...

एक ज़माने में दलित, ब्राह्मण व मुस्लिम कांग्रेस का कोर वोटर हुआ करता था पर समय के साथ दलित मायावती के साथ,मुसलमान सपा के साथ तो ब्राह्मण भी छिटक कर भाजपा के साथ पहुंच गया जिसके चलते कांग्रेस दिनों दिन यूपी में कमजोर होती चली गई।इस यात्रा को सियासी नजरिए से देखे तो पता चलता है कि चुनावी बोट से यात्रा कर रही प्रियंका पूर्वी उत्तर प्रदेस में गैर यादव व गैर जाटव आदि पिछड़ी जातियों को साधने की कोशिश कर रही हैं ख़ासकर गंगा किनारे बसे निषाद,केवट,कुम्हार, कहार,मछुआरों का पूर्वी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर,भदोही, मिर्जापुर व प्रयागराज सहित करीब दर्जन भर लोकसभा सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव है।गौरतलब है कि पिछले कई चुनावों से इन जातियों का वोट भाजपा अपने पक्ष में करने में कामयाब रही है।प्रियंका की यह यात्रा कंही न कंही इन जातियों को कांग्रेस की ओर मोड़ सकती है औऱ आगामी लोकसभा चुनाव में इसका फायदा कांग्रेस को मिल सकता है।

सॉफ्ट हिंदुत्व की छवि...

पिछले कुछ सालों में कांग्रेस के ऊपर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगता रहा है जिसके चलते कांग्रेस को यूपी में भारी नुकसान भी उठाना पड़ा है।इस चुनावी यात्रा की शुरुआत प्रियंका ने गंगा जी की पूजा व हनुमान मंदिर में दर्शन के साथ स्टीमर से की। जिससे प्रियंका ने कांग्रेस की हिन्दू विरोधी छवि को तोड़ सॉफ्ट हिंदुत्व के रूप में पेश होने की कोसिस की है।अब यह तो आने वाली तेईस मई को ही पता चल पायेगा की प्रियंका की इस यात्रा का कांग्रेस को कितना फ़ायदा पहुंचा है।

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