Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

Dimpal Yadav Mainpuri 2022 : ऐतिहासिक जीत की ओर डिम्पल यादव जानें उनका राजनीतिक जीवन

Dimpal Yadav Mainpuri 2022 : ऐतिहासिक जीत की ओर डिम्पल यादव जानें उनका राजनीतिक जीवन
डिम्पल यादव

मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने डिम्पल यादव का जमकर साथ दिया है, जारी मतगणना में अब तक वह क़रीब पौने दो लाख वोटों से भाजपा उम्मीदवार से आगे चल रहीं हैं.आइए जानते हैं डिम्पल के राजनीतिक करियर के बारे में.

Dimpal Yadav Mainpuri 2022 : मुलायम सिंह यादव की मृत्यु के बाद रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए. समाजवादी पार्टी की तरफ से मुलायम सिंह यादव की बहू डिम्पल यादव चुनावी मैदान में उतरी,भाजपा ने रघुराज शाक्य को चुनावी मैदान में उतारा था.बीजेपी ने इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रखी थी बावजूद इसके जनता का समर्थन सपा को मिला औऱ सिर्फ़ मिला ही नहीं भरपूर मिला.

आठ दिसम्बर को सुबह से शुरु हुई मतगणना में डिम्पल ने शुरु से ही लीड बना ली थी.खबर लिखे जाने तक वह क़रीब पौने दो लाख वोटों से आगे चल रहीं हैं.जिसके बाद अब यह माना जा रहा है कि डिम्पल की जीत तय है.पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरु कर दिया है.

समाजवादी पार्टी ने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि-"मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर!"

डिम्पल यादव का राजनीतिक सफ़र..

Read More: Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी

डिम्पल यादव का विवाह 1999 में अखिलेश यादव के साथ हुआ था.2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा की तरफ़ से पहली बार डिम्पल चुनावी मैदान में उतरी थी.लेकिन उन्हें निराशा हाँथ लगी थी.तब कांग्रेस के राजबब्बर ने चुनाव जीता था.दरअसल अखिलेश यादव ने लोकसभा 2009 का चुनाव दो सीटों से लड़ा था.दोनों सीटों से उन्हें जीत मिली थी.तब उन्होंने कन्नौज सीट से चुनी थी औऱ फिरोजाबाद को छोड़ दिया था.लेकिन डिम्पल चुनाव हार गईं थीं. 

Read More: UP Chunav 2027: क्या मायावती एक बार फिर लगाएंगी ब्राह्मणों पर दांव, 2007 दोहराने की है तैयारी, जानिए रणनीति

निर्विरोध सांसद चुनी गईं...

2012 में विधानसभा चुनावो में सपा को ऐतिहासिक जीत मिली, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, उन्हें विधानपरिषद जाना पड़ा,जिसके चलते उन्होंने लोकसभा से इस्तीफ़ा दिया.इस बार कन्नौज उपचुनाव में डिम्पल यादव ने निर्विरोध जीत दर्ज की.उनके सामने कोई भी प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं उतरा था.

2014 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज से ही उन्होंने भारी जीत दर्ज की. लेकिन 2019 में उन्हें फिर हार का स्वाद चखना पड़ा.भाजपा के सुब्रत पाठक ने उन्हें 10 हज़ार से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराया था.

मुलायम की विरासत को आगे बढाएंगीं डिम्पल..

मुलायम सिंह यादव की मौत के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट से डिम्पल यादव चुनावी मैदान में उतरी हैं.मुलायम की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब जनता ने डिम्पल को सौंप दी है.डिम्पल ने उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है

08 Dec 2022 By Shubham Mishra

Dimpal Yadav Mainpuri 2022 : ऐतिहासिक जीत की ओर डिम्पल यादव जानें उनका राजनीतिक जीवन

Dimpal Yadav Mainpuri 2022 : मुलायम सिंह यादव की मृत्यु के बाद रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुए. समाजवादी पार्टी की तरफ से मुलायम सिंह यादव की बहू डिम्पल यादव चुनावी मैदान में उतरी,भाजपा ने रघुराज शाक्य को चुनावी मैदान में उतारा था.बीजेपी ने इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रखी थी बावजूद इसके जनता का समर्थन सपा को मिला औऱ सिर्फ़ मिला ही नहीं भरपूर मिला.

आठ दिसम्बर को सुबह से शुरु हुई मतगणना में डिम्पल ने शुरु से ही लीड बना ली थी.खबर लिखे जाने तक वह क़रीब पौने दो लाख वोटों से आगे चल रहीं हैं.जिसके बाद अब यह माना जा रहा है कि डिम्पल की जीत तय है.पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरु कर दिया है.

समाजवादी पार्टी ने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि-"मैनपुरी में समाजवादी पार्टी ऐतिहासिक जीत की ओर अग्रसर!"

डिम्पल यादव का राजनीतिक सफ़र..

डिम्पल यादव का विवाह 1999 में अखिलेश यादव के साथ हुआ था.2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सपा की तरफ़ से पहली बार डिम्पल चुनावी मैदान में उतरी थी.लेकिन उन्हें निराशा हाँथ लगी थी.तब कांग्रेस के राजबब्बर ने चुनाव जीता था.दरअसल अखिलेश यादव ने लोकसभा 2009 का चुनाव दो सीटों से लड़ा था.दोनों सीटों से उन्हें जीत मिली थी.तब उन्होंने कन्नौज सीट से चुनी थी औऱ फिरोजाबाद को छोड़ दिया था.लेकिन डिम्पल चुनाव हार गईं थीं. 

निर्विरोध सांसद चुनी गईं...

2012 में विधानसभा चुनावो में सपा को ऐतिहासिक जीत मिली, अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, उन्हें विधानपरिषद जाना पड़ा,जिसके चलते उन्होंने लोकसभा से इस्तीफ़ा दिया.इस बार कन्नौज उपचुनाव में डिम्पल यादव ने निर्विरोध जीत दर्ज की.उनके सामने कोई भी प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं उतरा था.

2014 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज से ही उन्होंने भारी जीत दर्ज की. लेकिन 2019 में उन्हें फिर हार का स्वाद चखना पड़ा.भाजपा के सुब्रत पाठक ने उन्हें 10 हज़ार से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराया था.

मुलायम की विरासत को आगे बढाएंगीं डिम्पल..

मुलायम सिंह यादव की मौत के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट से डिम्पल यादव चुनावी मैदान में उतरी हैं.मुलायम की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब जनता ने डिम्पल को सौंप दी है.डिम्पल ने उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है

Tags:

Latest News

Fatehpur News: पत्नी को पद दिलाने के लिए मुखलाल पाल को दिए थे 25 लाख, DIOS से लेकर शिक्षक संघ अध्यक्ष तक लगे आरोप Fatehpur News: पत्नी को पद दिलाने के लिए मुखलाल पाल को दिए थे 25 लाख, DIOS से लेकर शिक्षक संघ अध्यक्ष तक लगे आरोप
फतेहपुर में डीआईओएस दफ्तर के बाबू के आत्महत्या प्रयास के बाद सुसाइड नोट से बड़ा खुलासा हुआ है. पूर्व भाजपा...
चैत्र नवरात्रि पारण 2026 कब है: 26 या 27 मार्च? जानिए सही तिथि, रामनवमी और व्रत पारण का पूरा नियम
Uttar Pradesh: फतेहपुर में अनोखी चोरी ! जेवर-नकदी के साथ पिंजरे समेत तोता भी ले गए चोर, पुलिस भी हैरान
आज का राशिफल (Aaj Ka Rashifal) 24 मार्च 2026: नवरात्र में मां कात्यायनी की कृपा से मिलेगा जीवनसाथी, जानिए दैनिक भाग्यफल
UP News: यूपी की इस मस्जिद को हटाने के लिए कैबिनेट मंत्री धरने पर बैठे, हाईवे हुआ जाम
UP Panchayat Ghotala: फतेहपुर की इस पंचायत में 1500000 का घोटाला, डीएम की नोटिस, क्या प्रधान सचिव पर होगी कार्रवाई?
1 अप्रैल 2026 से बदल जाएंगे 15 बड़े नियम: नए इनकम टैक्स कानून से लेकर टोल और बैंकिंग तक कितना पड़ेगा सीधा असर

Follow Us