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Adipurush Movie Review : ट्रेलर देखा तो मन में बसे राम,हॉल में देखा तो मुंह से निकला हाय राम-नहीं छोड़ पायी 'आदिपुरुष' छाप

Adipurush Movie Review : ट्रेलर देखा तो मन में बसे राम,हॉल में देखा तो मुंह से निकला हाय राम-नहीं छोड़ पायी 'आदिपुरुष' छाप
आदिपुरुष मूवी रिव्यू, फोटो सोशल मीडिया

बॉलीवुड फिल्मों में बीते काफी समय से बायोपिक और ऐतिहासिक फिल्मों का दौर इस कदर दर्शकों के सर चढ़कर बोल रहा है। की मेकर्स भी अब उनका ,टेस्ट जान चुके हैं. जिसका जीता-जागता उदाहरण साल 2015 में आई फिल्म बाहुबली ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, और इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई.अब 8 सालों के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर अभिनेता प्रभास द्वारा अभिनय की हुई फिल्म "आदिपुरुष" का लंबे समय से दर्शकों को इंतजार था. आज यह फिल्म रिलीज हो चुकी है. आइए जानते हैं यह फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आई और क्या कहानी.


हाईलाइट्स

  • आदिपुरुष फ़िल्म हुई रिलीज़, नहीं पसन्द आयी लोगों को मूवी
  • रिव्यू के मुताबिक सीन एकदम कार्टून जैसे थे,म्यूजिक अच्छा
  • 80 के दशक की थी और कुछ बात आज की आधुनिक रामायण में नहीं वो बात

Adipurush could not leave his mark : आदिपुरुष फ़िल्म रिलीज होने के बाद जो फ़िल्म का रिव्यू आया है. उससे फ़िल्म को कहीं न कहीं झटका जरूर लग सकता है. दरअसल मूवी का म्यूज़िक शानदार रहा लेकिन फ़िल्म का अंदाज़ लोगों के दिल में न उतर सका. फ़िल्म देखने के बाद लोगों के रियेक्शन आने लगे,जहां कुछ ने कहा फ़िल्म ठीक थी तो ज्यादातर लोगों में कहा फ़िल्म में वो बात नहीं रही.

रामायण से प्रेरित होकर बनाई गयी थी फ़िल्म

निर्माता ओम राउत की आदिपुरुष फिल्म रामायण से प्रेरित होकर बनाई गई है. फ़िल्म में प्रभास, कृति सेनन, सैफ अली ख़ान, सनी सिंह और देवदत्त नागे ने अहम किरदार निभाया है. रामायण का नाम जब-जब जुबां पर आता है. तो 80 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली रामानंद सागर की रामायण की याद जरूर सामने आती है. जिसने टीआरपी के मामले में जो रिकॉर्ड बनाये वह आज तक कोई भी नहीं तोड़ सका. यह वह धारावाहिक का इसे देखने के लिए लोग इंतजार करते थे. धारावाहिक के पात्रों को आज भी देखकर आस्था भरी आखों से लोग सर झुका लेते हैं.

फ़िल्म में ज्यादातर सीन बनावटी से लगे

Read More: Ghuskhor Pandit Vivad: मनोज बाजपेयी की फिल्म के टाइटल पर बवाल, सड़क से कोर्ट तक पहुंचा विवाद

वहीं इस फिल्म में भी मर्यादा पुरुषोत्तम राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण के पात्रों को दर्शाया गया है. आधुनिकता भरे इस समय में इस फिल्म में काफी कुछ ऐसा दिखाया गया है,जो काफी बनावटी सा लगता है. फिर चाहे वह एनिमेशन हो, या शीन्स लोकेशन शायद यही कारण है कि, इस बार दर्शकों को यह फिल्म उतनी पसंद नहीं आई है.

आधुनिक रामायण में नहीं दिखी वो बात

बात की जाए रामायण के पात्रों की तो सबसे पहले पात्रों की सहजता शुद्ध हिंदी और उनके द्वारा धारण किए हुए वस्त्र मुकुट को देख दर्शकों में एक आस्था जाग उठती थी .फिर चाहे वह सीता हरण हो, राम सेतु निर्माण या राम रावण का युद्ध लेकिन जब इन्हीं सारे दृश्यों को एक बार फिर से इस आधुनिक युग में दर्शाया गया तो वह काफी बनावटी देखने को लग रहा था एक बार तो ऐसा लगा यह कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं बल्कि कोई हॉलीवुड मूवी का सीन चल रहा हो.

डायलॉग डिलीवरी भी इतनी खास देखने को नहीं मिली क्योंकि डायलॉग में आदि काल से लेकर वर्तमान झलक देखने को मिलती है.जो दर्शकों को हजम नहीं हो रही है दर्शकों का ऐसा मानना है कि पौराणिक कथा के साथ खिलवाड़ किया गया है क्योंकि जितना मॉडर्न इस फिल्म में पात्रों को दिखाया गया है सच में भगवान श्री राम रामायण का कोई भी पात्र इस तरह का नहीं था कहीं-कहीं तो दर्शकों की नाराजगी भी देखने को मिली.

 भगवान राम का नाम सबसे ऊपर

दर्शकों ने यहां तक कह डाला कि इस मूवी को आज के आज ही उतार देना चाहिए क्योंकि यह ऐसी मूवी है जिसे बच्चों को भी नहीं दिखा सकते हैं क्योंकि यह हमारी आस्था से जुड़ी हुई है रामायण और हनुमान से जुड़े कई एनिमेटेड कार्टून्स भी बच्चों के लिए बनाए गए हैं जिससे बच्चों ने काफी कुछ सीखा और हमारी संस्कृति को पहचाना है.

 क्योंकि भगवान राम एक ऐसा शब्द है जिसे जीते जी और मरने के बाद भी याद किया जाता है. यहां पर पूरी तरह से आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है. अच्छी फिल्म बनाने के एवज में ऐसी फिल्म बना डाली ऐसे लोग भी नहीं बोल सकते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं हमारी आस्था से भी जुड़ी हुई है.

फ़िल्म को 5 भाषाओं में स्क्रीन पर उतारा गया

फिल्म आदिपुरुष के मेकर्स ने इस फिल्म को 5 भाषाओं हिंदी, तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम के साथ 6200 स्क्रीन पर रिलीज किया था. 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई इस फिल्म ने पहले दिन 85 से 90 करोड़ की ओपनिंग तो की है लेकिन दर्शकों का ऐसा मानना है कि सरकार को एक ऐसा नियम भी लाना चाहिए कि जिस तरह से मूवी देखने आए दर्शकों से मनोरंजन कर के रूप में टिकट की कमाई का एक था टैक्स के रूप में लिया जाता है यदि फिल्म अच्छी ना हो तो दर्शकों को सौ फीसदी रिफण्ड भी दिया जाना चाहिए.

फ़िल्म देखें या नहीं (Adipurush Twitter Review)

फ़िल्म क्यों देखे-- यदि आप अभिनेता प्रभास के बड़े वाले फैन हैं तो यह फिल्म जरूर आपके लिए है.

फ़िल्म क्यों न देखे-- यदि आप अपने बच्चों को लेकर मॉडर्न रामायण दिखाने जा रहे हैं तो मत जाएं

कहां पर हुई चूंक-- फिल्म में इतना ज्यादा VFX का यूज किया गया है, कि दर्शकों को लगा फिल्म नहीं कोई बल्कि कार्टून सीरीज देख रहे हैं.

इस फिल्म को लेकर सारे रिव्यू दर्शकों द्वारा दिए गए है.आपको भी यह फिल्म कैसी लगी हमें जरूर बताएं और अपने अनुभव जरूर साझा करें.

16 Jun 2023 By Vishal Shukla

Adipurush Movie Review : ट्रेलर देखा तो मन में बसे राम,हॉल में देखा तो मुंह से निकला हाय राम-नहीं छोड़ पायी 'आदिपुरुष' छाप


हाईलाइट्स

  • आदिपुरुष फ़िल्म हुई रिलीज़, नहीं पसन्द आयी लोगों को मूवी
  • रिव्यू के मुताबिक सीन एकदम कार्टून जैसे थे,म्यूजिक अच्छा
  • 80 के दशक की थी और कुछ बात आज की आधुनिक रामायण में नहीं वो बात

Adipurush could not leave his mark : आदिपुरुष फ़िल्म रिलीज होने के बाद जो फ़िल्म का रिव्यू आया है. उससे फ़िल्म को कहीं न कहीं झटका जरूर लग सकता है. दरअसल मूवी का म्यूज़िक शानदार रहा लेकिन फ़िल्म का अंदाज़ लोगों के दिल में न उतर सका. फ़िल्म देखने के बाद लोगों के रियेक्शन आने लगे,जहां कुछ ने कहा फ़िल्म ठीक थी तो ज्यादातर लोगों में कहा फ़िल्म में वो बात नहीं रही.

रामायण से प्रेरित होकर बनाई गयी थी फ़िल्म

निर्माता ओम राउत की आदिपुरुष फिल्म रामायण से प्रेरित होकर बनाई गई है. फ़िल्म में प्रभास, कृति सेनन, सैफ अली ख़ान, सनी सिंह और देवदत्त नागे ने अहम किरदार निभाया है. रामायण का नाम जब-जब जुबां पर आता है. तो 80 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाली रामानंद सागर की रामायण की याद जरूर सामने आती है. जिसने टीआरपी के मामले में जो रिकॉर्ड बनाये वह आज तक कोई भी नहीं तोड़ सका. यह वह धारावाहिक का इसे देखने के लिए लोग इंतजार करते थे. धारावाहिक के पात्रों को आज भी देखकर आस्था भरी आखों से लोग सर झुका लेते हैं.

फ़िल्म में ज्यादातर सीन बनावटी से लगे

वहीं इस फिल्म में भी मर्यादा पुरुषोत्तम राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण के पात्रों को दर्शाया गया है. आधुनिकता भरे इस समय में इस फिल्म में काफी कुछ ऐसा दिखाया गया है,जो काफी बनावटी सा लगता है. फिर चाहे वह एनिमेशन हो, या शीन्स लोकेशन शायद यही कारण है कि, इस बार दर्शकों को यह फिल्म उतनी पसंद नहीं आई है.

आधुनिक रामायण में नहीं दिखी वो बात

बात की जाए रामायण के पात्रों की तो सबसे पहले पात्रों की सहजता शुद्ध हिंदी और उनके द्वारा धारण किए हुए वस्त्र मुकुट को देख दर्शकों में एक आस्था जाग उठती थी .फिर चाहे वह सीता हरण हो, राम सेतु निर्माण या राम रावण का युद्ध लेकिन जब इन्हीं सारे दृश्यों को एक बार फिर से इस आधुनिक युग में दर्शाया गया तो वह काफी बनावटी देखने को लग रहा था एक बार तो ऐसा लगा यह कोई बॉलीवुड फिल्म नहीं बल्कि कोई हॉलीवुड मूवी का सीन चल रहा हो.

डायलॉग डिलीवरी भी इतनी खास देखने को नहीं मिली क्योंकि डायलॉग में आदि काल से लेकर वर्तमान झलक देखने को मिलती है.जो दर्शकों को हजम नहीं हो रही है दर्शकों का ऐसा मानना है कि पौराणिक कथा के साथ खिलवाड़ किया गया है क्योंकि जितना मॉडर्न इस फिल्म में पात्रों को दिखाया गया है सच में भगवान श्री राम रामायण का कोई भी पात्र इस तरह का नहीं था कहीं-कहीं तो दर्शकों की नाराजगी भी देखने को मिली.

 भगवान राम का नाम सबसे ऊपर

दर्शकों ने यहां तक कह डाला कि इस मूवी को आज के आज ही उतार देना चाहिए क्योंकि यह ऐसी मूवी है जिसे बच्चों को भी नहीं दिखा सकते हैं क्योंकि यह हमारी आस्था से जुड़ी हुई है रामायण और हनुमान से जुड़े कई एनिमेटेड कार्टून्स भी बच्चों के लिए बनाए गए हैं जिससे बच्चों ने काफी कुछ सीखा और हमारी संस्कृति को पहचाना है.

 क्योंकि भगवान राम एक ऐसा शब्द है जिसे जीते जी और मरने के बाद भी याद किया जाता है. यहां पर पूरी तरह से आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है. अच्छी फिल्म बनाने के एवज में ऐसी फिल्म बना डाली ऐसे लोग भी नहीं बोल सकते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं हमारी आस्था से भी जुड़ी हुई है.

फ़िल्म को 5 भाषाओं में स्क्रीन पर उतारा गया

फिल्म आदिपुरुष के मेकर्स ने इस फिल्म को 5 भाषाओं हिंदी, तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और मलयालम के साथ 6200 स्क्रीन पर रिलीज किया था. 500 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई इस फिल्म ने पहले दिन 85 से 90 करोड़ की ओपनिंग तो की है लेकिन दर्शकों का ऐसा मानना है कि सरकार को एक ऐसा नियम भी लाना चाहिए कि जिस तरह से मूवी देखने आए दर्शकों से मनोरंजन कर के रूप में टिकट की कमाई का एक था टैक्स के रूप में लिया जाता है यदि फिल्म अच्छी ना हो तो दर्शकों को सौ फीसदी रिफण्ड भी दिया जाना चाहिए.

फ़िल्म देखें या नहीं (Adipurush Twitter Review)

फ़िल्म क्यों देखे-- यदि आप अभिनेता प्रभास के बड़े वाले फैन हैं तो यह फिल्म जरूर आपके लिए है.

फ़िल्म क्यों न देखे-- यदि आप अपने बच्चों को लेकर मॉडर्न रामायण दिखाने जा रहे हैं तो मत जाएं

कहां पर हुई चूंक-- फिल्म में इतना ज्यादा VFX का यूज किया गया है, कि दर्शकों को लगा फिल्म नहीं कोई बल्कि कार्टून सीरीज देख रहे हैं.

इस फिल्म को लेकर सारे रिव्यू दर्शकों द्वारा दिए गए है.आपको भी यह फिल्म कैसी लगी हमें जरूर बताएं और अपने अनुभव जरूर साझा करें.

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