Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

फतेहपुर:खागा ट्रिपल मर्डर-15 को उम्रकैद की सज़ा..क्रॉस केस में सभी बरी..ज़िले के दो बड़े रसूखदार परिवारों से जुड़ा है मामला.!

फतेहपुर:खागा ट्रिपल मर्डर-15 को उम्रकैद की सज़ा..क्रॉस केस में सभी बरी..ज़िले के दो बड़े रसूखदार परिवारों से जुड़ा है मामला.!
फ़ोटो युगान्तर प्रवाह

साल 1996 में खागा क़स्बे में दो प्रभावशाली गुटों के बीच हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हुई थी,और कई घायल हुए थे..इस बहुचर्चित हत्याकांड का फ़ैसला सोमवार को अपर जिला जज कोर्ट नम्बर 3 द्वारा सुनाया गया..जिसमें एक पक्ष के 15 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई..वहीं दूसरे पक्ष के सभी आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया..पढ़ें युगान्तर प्रवाह पर पूरी खबर.

फतेहपुर:खागा कस्बे में 24 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड का फ़ैसला अपर जिला जज की कोर्ट नम्बर-3 द्वारा सोमवार को सुनाया गया।जिसमें 302 औऱ 307 के मामले में एक पक्ष के 15 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।वहीं 307 में नामज़द हुए दूसरे पक्ष के सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए बरी कर दिया गया।Fatehpur khaga tripal murder case

क्या था पूरा मामला..

साल था 1996 तारीख़ थी 6 अगस्त उस दिन दिनदहाड़े क़स्बे के बस स्टॉप में ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।फायरिंग की ख़बर से पूरे ज़िले में हड़कम्प मच गया था।गोलीबारी में एक ही पक्ष के तीन लोगों की मौत हुई थी,औऱ दोंनो पक्षों से कई लोग घायल हुए थे।विवाद ज़िले के दो रसूखदार परिवारों के बीच था इसकी गूंज फतेहपुर से लेकर लखनऊ औऱ दिल्ली तक सुनाई दी थी।yugraj singh pandey family khaga

एक पक्ष खागा का पांडेय परिवार औऱ दूसरा पक्ष युगराज सिंह परिवार था।दोनों परिवारों के बीच लम्बे समय से तनातनी चल रही थी लेकिन 6 अगस्त 1996 को मामला गोलीबारी तक पहुँच गया।जिसमें 302 औऱ 307 के मामले में एक पक्ष के 18 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी, साथ ही दूसरे पक्ष से भी 307 के मामले में क्रॉस एफआईआर हुई थी।

15 को हुई उम्रकैद की सज़ा..

खागा के बहुचर्चित तिहरा हत्याकांड का फ़ैसला क़रीब 24 वर्षों बाद सोमवार को आया।हत्या के मामले में आरोपी 18 लोगों में से दो लोगों की मामले की सुनवाई के बीच मौत हो चुकी है।जबकि एक आरोपी को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर करते हुए शेष 15 को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जिनके नाम हैं, ताराचंद्र पांडेय, पूर्णानन्द पांडेय, नीरज पांडेय, नवल पांडेय, ज्ञान सिंह, बड़कू पांडेय, राजेन्द्र सिंह नोनिहा, संजय मिश्रा, कमल पांडेय, विजय कुमार, सन्तोष कुमार, राम आसरे सिंह, प्रमोद पांडेय, कुलदीप पांडेय, प्रकाश पांडेय।khaga tripal murder case

इस मामले में पांडेय पक्ष से घायल हुए ज्ञान सिंह आदि के मामले में ब्रह्मदेव पांडेय ने वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष पति अभय प्रताप सिंह उर्फ़ पप्पू सिंह, उदय प्रताप उर्फ़ मुन्ना सिंह पुत्रगण युगराज सिंह, सुनील सिंह, मन्ना सिंह, राम निरंजन सिंह, बड़का तिवारी, राकेश सिंह व गुड्डा उर्फ़ अरविंद सिंह के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।इन आरोपियों में राम निरंजन सिंह व सुनील सिंह की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है बाकी शेष अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

एकपक्षीय है निर्णय..

हत्या के मामले में वादी पक्ष के वक़ील बालिराज उमराव ने फ़ैसले पर खुशी जताते हुए कहा है कोर्ट ने न्याय किया है।हत्यारों को उनके किए की सजा मिली है।

वहीं बचाव पक्ष के वक़ील शरीफुल गफ्फार ने कहा कि फ़ैसला एकपक्षीय है इसके विरोध में हाईकोर्ट जाएंगे जहाँ ये फैसला पूरी तरह पलट जाएगा ऐसी उम्मीद है।khaga tripal murder case judgment

अधिवक्ता शरीफुल गफ़्फ़ार ने कहा कि पप्पू सिंह और मुन्ना सिंह बसों से गुंडा टैक्स वसूलते थे जिसके विरोध में गोलीबारी हुई है।दूसरे पक्ष से भी लोग घायल हुए थे 307 में क्रॉस एफआईआर भी दर्ज हुई थी लेकिन माननीय जज ने सारे तथ्यों को दरकिनार करते हुए एकपक्षीय निर्णय दिया है।

19 Oct 2020 By Shubham Mishra

फतेहपुर:खागा ट्रिपल मर्डर-15 को उम्रकैद की सज़ा..क्रॉस केस में सभी बरी..ज़िले के दो बड़े रसूखदार परिवारों से जुड़ा है मामला.!

फतेहपुर:खागा कस्बे में 24 साल पहले हुए तिहरे हत्याकांड का फ़ैसला अपर जिला जज की कोर्ट नम्बर-3 द्वारा सोमवार को सुनाया गया।जिसमें 302 औऱ 307 के मामले में एक पक्ष के 15 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।वहीं 307 में नामज़द हुए दूसरे पक्ष के सभी पांचों आरोपियों को कोर्ट द्वारा साक्ष्यों के अभाव का हवाला देते हुए बरी कर दिया गया।Fatehpur khaga tripal murder case

क्या था पूरा मामला..

साल था 1996 तारीख़ थी 6 अगस्त उस दिन दिनदहाड़े क़स्बे के बस स्टॉप में ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।फायरिंग की ख़बर से पूरे ज़िले में हड़कम्प मच गया था।गोलीबारी में एक ही पक्ष के तीन लोगों की मौत हुई थी,औऱ दोंनो पक्षों से कई लोग घायल हुए थे।विवाद ज़िले के दो रसूखदार परिवारों के बीच था इसकी गूंज फतेहपुर से लेकर लखनऊ औऱ दिल्ली तक सुनाई दी थी।yugraj singh pandey family khaga

एक पक्ष खागा का पांडेय परिवार औऱ दूसरा पक्ष युगराज सिंह परिवार था।दोनों परिवारों के बीच लम्बे समय से तनातनी चल रही थी लेकिन 6 अगस्त 1996 को मामला गोलीबारी तक पहुँच गया।जिसमें 302 औऱ 307 के मामले में एक पक्ष के 18 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी, साथ ही दूसरे पक्ष से भी 307 के मामले में क्रॉस एफआईआर हुई थी।

15 को हुई उम्रकैद की सज़ा..

खागा के बहुचर्चित तिहरा हत्याकांड का फ़ैसला क़रीब 24 वर्षों बाद सोमवार को आया।हत्या के मामले में आरोपी 18 लोगों में से दो लोगों की मामले की सुनवाई के बीच मौत हो चुकी है।जबकि एक आरोपी को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर करते हुए शेष 15 को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जिनके नाम हैं, ताराचंद्र पांडेय, पूर्णानन्द पांडेय, नीरज पांडेय, नवल पांडेय, ज्ञान सिंह, बड़कू पांडेय, राजेन्द्र सिंह नोनिहा, संजय मिश्रा, कमल पांडेय, विजय कुमार, सन्तोष कुमार, राम आसरे सिंह, प्रमोद पांडेय, कुलदीप पांडेय, प्रकाश पांडेय।khaga tripal murder case

इस मामले में पांडेय पक्ष से घायल हुए ज्ञान सिंह आदि के मामले में ब्रह्मदेव पांडेय ने वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष पति अभय प्रताप सिंह उर्फ़ पप्पू सिंह, उदय प्रताप उर्फ़ मुन्ना सिंह पुत्रगण युगराज सिंह, सुनील सिंह, मन्ना सिंह, राम निरंजन सिंह, बड़का तिवारी, राकेश सिंह व गुड्डा उर्फ़ अरविंद सिंह के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया था।इन आरोपियों में राम निरंजन सिंह व सुनील सिंह की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है बाकी शेष अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

एकपक्षीय है निर्णय..

हत्या के मामले में वादी पक्ष के वक़ील बालिराज उमराव ने फ़ैसले पर खुशी जताते हुए कहा है कोर्ट ने न्याय किया है।हत्यारों को उनके किए की सजा मिली है।

वहीं बचाव पक्ष के वक़ील शरीफुल गफ्फार ने कहा कि फ़ैसला एकपक्षीय है इसके विरोध में हाईकोर्ट जाएंगे जहाँ ये फैसला पूरी तरह पलट जाएगा ऐसी उम्मीद है।khaga tripal murder case judgment

अधिवक्ता शरीफुल गफ़्फ़ार ने कहा कि पप्पू सिंह और मुन्ना सिंह बसों से गुंडा टैक्स वसूलते थे जिसके विरोध में गोलीबारी हुई है।दूसरे पक्ष से भी लोग घायल हुए थे 307 में क्रॉस एफआईआर भी दर्ज हुई थी लेकिन माननीय जज ने सारे तथ्यों को दरकिनार करते हुए एकपक्षीय निर्णय दिया है।

Tags:

Related Posts

Latest News

CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर CBSE Board Results 2026: फतेहपुर में सीबीएसई बोर्ड का जलवा, 99% अंक लाकर अर्पिता सिंह बनीं जिले की टॉपर
सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा परिणाम में फतेहपुर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया. जयपुरिया विद्यालय की अर्पिता सिंह ने 99% अंक...
फतेहपुर में एसपी का सख्त एक्शन: जोनिहां चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, कारखास नेटवर्क पर भी गिरी गाज, 10 कांस्टेबल हटाए गए
आज का राशिफल 15 अप्रैल 2026: कर्क, सिंह और मकर राशि के लिए खास संकेत, जानिए आपका दिन कैसा रहेगा
Bihar Politics: बिहार की राजनीति से समाप्त हुआ नीतीश युग! 20 साल बाद सत्ता से विदा हुए कुमार, जानिए पूरा राजनीतिक सफर
Fatehpur News: फतेहपुर में गजब मामला ! कपड़े बेचने वाला निकला करोड़पति, जांच में खुली सच्चाई
Fatehpur News: मंच पर डिप्टी सीएम के स्वास्थ्य के दावे, चंद कदम दूर महिला अस्पताल की ओटी एक महीने से बंद
Asha Bhosle Biography: संघर्ष, सुर और सिसकियों की कहानी, 16 की उम्र में शादी, बेटी की मौत और 12,000 गानों की विरासत

Follow Us