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वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!

वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!
फोटो साभार गूगल

बनारस लोकसभा सीट से गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाख़िल करने वाले जवान तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द हो गया है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में पूरी खबर।

वाराणसी: मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दोबारा चर्चा में आए बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है।

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आपको बता दे कि पहले तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था इसके बाद सपा बसपा गठबंधन ने शालिनी यादव का टिकट काट तेजबहादुर को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था।हालांकि गठबंधन की तरफ़ से शालनी यादव ने भी अपना नामांकन कर दिया था जिससे अब तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद वह फ़िर से गठबंधन की उम्मीदवार हो गई हैं।

नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी हमलावर...

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प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तेज़ बहादुर का गठबंधन का उम्मीदवार बनना लोगों के बीच खासा चर्चा में था औऱ पूरे देश की निगाहें वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में लगीं हुई थीं।लेक़िन तेज बहादुर के नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी दलों को एक बार फ़िर मोदी व भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।

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आख़िर क्यों हुआ नामांकन रद्द.?

तेज बहादुर ने नामांकन के दो हलफनामों में अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी दो अलग-अलग जानकारी दी थीं।उन्होंने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 24 अप्रैल को वाराणसी से नामांकन किया था।इसके साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेना से उन्हें बर्खास्त किया गया, लेकिन बाद में जब समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन (29 अप्रैल) के वक्त तेज बहादुर ने जो हलफनामा दायर किया उसमें इस जानकारी को छुपा लिया गया।

यह भी पढ़े: बाँदा आए अखिलेश जनसभा में भारी भीड़ देख हुए गदगद..जमकर मोदी सरकार पर किया हमला.!

वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी तथ्य को आधार बनाते हुए तेज बहादुर यादव से सफाई मांगी थी। बुधवार सुबह 11 बजे तक उनको अपना जवाब दाखिल करना था। संतुष्टि भरा जवाब ना देने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की गई।

नामांकन रद्द कर की गई तानाशाही-तेजबहादुर...

नामांकन रद्द होने के बाद सपा प्रत्याशी तेज बहादुर यादव ने कहा, 'मेरा नामांकन रद्द हुआ, जो पूरी तरह से गलत था।प्रशासन का तर्क है कि जो सबूत मांगा गया था, वह आप पेश नहीं कर पाए, जबकि हमसे जो सबूत मांगे गए थे, वह शाम को 6.15 बजे मांगे गए थे, मैंने कहा कि मैं कोई अंबानी या अडाणी नहीं हूं, जो चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जाऊंगा, लेकिन फिर भी मैंने कोशिश की और हमारे सबूत भी आ गए, लेकिन मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया, जो कि तानाशाही रवैया है'उन्होंने और उनके वकील ने यह भी कहा कि वह नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

01 May 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!

वाराणसी: मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दोबारा चर्चा में आए बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है।

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आपको बता दे कि पहले तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था इसके बाद सपा बसपा गठबंधन ने शालिनी यादव का टिकट काट तेजबहादुर को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था।हालांकि गठबंधन की तरफ़ से शालनी यादव ने भी अपना नामांकन कर दिया था जिससे अब तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद वह फ़िर से गठबंधन की उम्मीदवार हो गई हैं।

नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी हमलावर...

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तेज़ बहादुर का गठबंधन का उम्मीदवार बनना लोगों के बीच खासा चर्चा में था औऱ पूरे देश की निगाहें वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में लगीं हुई थीं।लेक़िन तेज बहादुर के नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी दलों को एक बार फ़िर मोदी व भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।

आख़िर क्यों हुआ नामांकन रद्द.?

तेज बहादुर ने नामांकन के दो हलफनामों में अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी दो अलग-अलग जानकारी दी थीं।उन्होंने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 24 अप्रैल को वाराणसी से नामांकन किया था।इसके साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेना से उन्हें बर्खास्त किया गया, लेकिन बाद में जब समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन (29 अप्रैल) के वक्त तेज बहादुर ने जो हलफनामा दायर किया उसमें इस जानकारी को छुपा लिया गया।

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वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी तथ्य को आधार बनाते हुए तेज बहादुर यादव से सफाई मांगी थी। बुधवार सुबह 11 बजे तक उनको अपना जवाब दाखिल करना था। संतुष्टि भरा जवाब ना देने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की गई।

नामांकन रद्द कर की गई तानाशाही-तेजबहादुर...

नामांकन रद्द होने के बाद सपा प्रत्याशी तेज बहादुर यादव ने कहा, 'मेरा नामांकन रद्द हुआ, जो पूरी तरह से गलत था।प्रशासन का तर्क है कि जो सबूत मांगा गया था, वह आप पेश नहीं कर पाए, जबकि हमसे जो सबूत मांगे गए थे, वह शाम को 6.15 बजे मांगे गए थे, मैंने कहा कि मैं कोई अंबानी या अडाणी नहीं हूं, जो चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जाऊंगा, लेकिन फिर भी मैंने कोशिश की और हमारे सबूत भी आ गए, लेकिन मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया, जो कि तानाशाही रवैया है'उन्होंने और उनके वकील ने यह भी कहा कि वह नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

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