Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!

वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!
फोटो साभार गूगल

बनारस लोकसभा सीट से गठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाख़िल करने वाले जवान तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द हो गया है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की इस रिपोर्ट में पूरी खबर।

वाराणसी: मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दोबारा चर्चा में आए बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है।

यह भी पढ़े: फ़तेहपुर कांटों भरी है सुखदेव की राह-अपनी पार्टी का प्रत्याशी न पाकर भारी संख्या में सपाई सचान के लिए कांग्रेसी बने.!

आपको बता दे कि पहले तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था इसके बाद सपा बसपा गठबंधन ने शालिनी यादव का टिकट काट तेजबहादुर को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था।हालांकि गठबंधन की तरफ़ से शालनी यादव ने भी अपना नामांकन कर दिया था जिससे अब तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद वह फ़िर से गठबंधन की उम्मीदवार हो गई हैं।

नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी हमलावर...

Read More: Suvendu Adhikari CM Oath: ममता बनर्जी को हराने वाले शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री, जानिए क्यों अब तक नहीं की शादी

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तेज़ बहादुर का गठबंधन का उम्मीदवार बनना लोगों के बीच खासा चर्चा में था औऱ पूरे देश की निगाहें वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में लगीं हुई थीं।लेक़िन तेज बहादुर के नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी दलों को एक बार फ़िर मोदी व भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।

Read More: Rahul Gandhi Detained: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर पीएम आवास पर धरना ! राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव हिरासत में

आख़िर क्यों हुआ नामांकन रद्द.?

तेज बहादुर ने नामांकन के दो हलफनामों में अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी दो अलग-अलग जानकारी दी थीं।उन्होंने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 24 अप्रैल को वाराणसी से नामांकन किया था।इसके साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेना से उन्हें बर्खास्त किया गया, लेकिन बाद में जब समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन (29 अप्रैल) के वक्त तेज बहादुर ने जो हलफनामा दायर किया उसमें इस जानकारी को छुपा लिया गया।

यह भी पढ़े: बाँदा आए अखिलेश जनसभा में भारी भीड़ देख हुए गदगद..जमकर मोदी सरकार पर किया हमला.!

वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी तथ्य को आधार बनाते हुए तेज बहादुर यादव से सफाई मांगी थी। बुधवार सुबह 11 बजे तक उनको अपना जवाब दाखिल करना था। संतुष्टि भरा जवाब ना देने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की गई।

नामांकन रद्द कर की गई तानाशाही-तेजबहादुर...

नामांकन रद्द होने के बाद सपा प्रत्याशी तेज बहादुर यादव ने कहा, 'मेरा नामांकन रद्द हुआ, जो पूरी तरह से गलत था।प्रशासन का तर्क है कि जो सबूत मांगा गया था, वह आप पेश नहीं कर पाए, जबकि हमसे जो सबूत मांगे गए थे, वह शाम को 6.15 बजे मांगे गए थे, मैंने कहा कि मैं कोई अंबानी या अडाणी नहीं हूं, जो चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जाऊंगा, लेकिन फिर भी मैंने कोशिश की और हमारे सबूत भी आ गए, लेकिन मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया, जो कि तानाशाही रवैया है'उन्होंने और उनके वकील ने यह भी कहा कि वह नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

01 May 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

वाराणसी:तेज़ बहादुर का नामांकन रद्द होने के पीछे ये वजह बताई जा रही है.लेक़िन तेज़ बहादुर इसे मोदी की तानाशाही बता रहे हैं!

वाराणसी: मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दोबारा चर्चा में आए बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर का नामांकन जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया गया है।

यह भी पढ़े: फ़तेहपुर कांटों भरी है सुखदेव की राह-अपनी पार्टी का प्रत्याशी न पाकर भारी संख्या में सपाई सचान के लिए कांग्रेसी बने.!

आपको बता दे कि पहले तेज बहादुर ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा था इसके बाद सपा बसपा गठबंधन ने शालिनी यादव का टिकट काट तेजबहादुर को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था।हालांकि गठबंधन की तरफ़ से शालनी यादव ने भी अपना नामांकन कर दिया था जिससे अब तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद वह फ़िर से गठबंधन की उम्मीदवार हो गई हैं।

नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी हमलावर...

प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तेज़ बहादुर का गठबंधन का उम्मीदवार बनना लोगों के बीच खासा चर्चा में था औऱ पूरे देश की निगाहें वाराणसी लोकसभा क्षेत्र में लगीं हुई थीं।लेक़िन तेज बहादुर के नामांकन रद्द होने के बाद विपक्षी दलों को एक बार फ़िर मोदी व भाजपा को घेरने का मौका मिल गया है।

आख़िर क्यों हुआ नामांकन रद्द.?

तेज बहादुर ने नामांकन के दो हलफनामों में अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी दो अलग-अलग जानकारी दी थीं।उन्होंने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 24 अप्रैल को वाराणसी से नामांकन किया था।इसके साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेना से उन्हें बर्खास्त किया गया, लेकिन बाद में जब समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन (29 अप्रैल) के वक्त तेज बहादुर ने जो हलफनामा दायर किया उसमें इस जानकारी को छुपा लिया गया।

यह भी पढ़े: बाँदा आए अखिलेश जनसभा में भारी भीड़ देख हुए गदगद..जमकर मोदी सरकार पर किया हमला.!

वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी तथ्य को आधार बनाते हुए तेज बहादुर यादव से सफाई मांगी थी। बुधवार सुबह 11 बजे तक उनको अपना जवाब दाखिल करना था। संतुष्टि भरा जवाब ना देने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की गई।

नामांकन रद्द कर की गई तानाशाही-तेजबहादुर...

नामांकन रद्द होने के बाद सपा प्रत्याशी तेज बहादुर यादव ने कहा, 'मेरा नामांकन रद्द हुआ, जो पूरी तरह से गलत था।प्रशासन का तर्क है कि जो सबूत मांगा गया था, वह आप पेश नहीं कर पाए, जबकि हमसे जो सबूत मांगे गए थे, वह शाम को 6.15 बजे मांगे गए थे, मैंने कहा कि मैं कोई अंबानी या अडाणी नहीं हूं, जो चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली जाऊंगा, लेकिन फिर भी मैंने कोशिश की और हमारे सबूत भी आ गए, लेकिन मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया, जो कि तानाशाही रवैया है'उन्होंने और उनके वकील ने यह भी कहा कि वह नामांकन रद्द होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे।

Tags:

Latest News

Fatehpur News: फतेहपुर में गूंजा गो सम्मान आवाह्न अभियान ! लाखों हस्ताक्षरों के साथ डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन Fatehpur News: फतेहपुर में गूंजा गो सम्मान आवाह्न अभियान ! लाखों हस्ताक्षरों के साथ डीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन
गो सम्मान आवाह्न अभियान के द्वितीय चरण के तहत 27 जुलाई को फतेहपुर में भव्य प्रार्थना यात्रा निकाली जाएगी. अभियान...
Fatehpur News: बहुआ के लदिगवां में इंडियन ऑयल के धरम स्मार्ट स्टेशन का शुभारंभ, पूर्व विधायक विक्रम सिंह ने किया उद्घाटन
फतेहपुर में फायर सुरक्षा अभियान: गैस सिलेंडर में आग लगने पर क्या करें? लाइव डेमो से लोगों को किया गया जागरूक
गौशाला के नाम पर 32 करोड़ की ठगी: कई राज्यों से 178 शिकायतें, कानपुर पुलिस ने फतेहपुर से किया गिरफ्तार
Fatehpur News: चाचा-भतीजे की जोड़ी ने जमकर डाली डकैती ! सैफई बन गया था सिंडीकेट का अड्डा, नाच-गाने में खर्च हुआ विकास का पैसा
Dharmendra Pradhan Resigns: कॉकरोच के चक्रव्यूह में फंसे धर्मेंद्र प्रधान ! मंत्री पद से दिया इस्तीफा, साझा किया संदेश
NTA News: पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त, परीक्षा प्रणाली में होंगे व्यापक सुधार

Follow Us