Please enable JavaScript to support our website by allowing ads.

फतेहपुर:विकास से अछूते ग्रामीणों का साध्वी के खिलाफ फूटा गुस्सा..कहा-'कुछ नहीं दे सकते तो मौत दे दो'

फतेहपुर:विकास से अछूते ग्रामीणों का साध्वी के खिलाफ फूटा गुस्सा..कहा-'कुछ नहीं दे सकते तो मौत दे दो'
फोटो-युगान्तर प्रवाह

ज़िले में अभी भी बड़ी संख्या में ऐसे गाँव हैं..जो मोदी सरकार के विकास मॉडल की पोल खोलने के लिए काफ़ी है..ऐसे हालातों में साध्वी की राह आसान नहीं दिख रही है..पढ़े युगान्तर प्रवाह की एक्सक्लुसिव रिपोर्ट।

फ़तेहपुर: विकास मॉडल और मोदी मैजिक के सहारे लोकसभा चुनाव जीतने की चाहत रखने वाले भाजपा प्रत्याशियों को सावधान होने की जरूरत है!

पांचवें चरण के चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।ज़िले की मौजूदा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बुधवार को मुहूर्त के अनुसार एक सेट में पर्चा दाख़िल किया साथ ही गुरुवार को दोबारा पूरे लाव लश्कर के साथ तीन सेटों में पर्चा भरा।लेक़िन क्या इस बार ज्योति की राह 2014 जैसीे ही आसान होगी?

यह भी पढ़े: कैराना में वोटिंग के दौरान फायरिंग बिना आईडी कार्ड वोट डालने को लेकर हुआ बवाल.!

अभी के हालातों को देखकर तो ऐसा बिल्कुल भी कह पाना मुश्किल है। क्योंकि जिस विकास मॉडल की बात कर साध्वी चुनाव मैदान में उतरीं हैं उसकी ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। इसको जानने के लिए आपको ले चलते हैं हंसवा विकास खण्ड के आशिक़पुर औरेइया गाँव। इस गाँव में अभी भी कई दर्जन घरों को मोदी सरकार की लाभकारी योजनाओं की दरकार है। जो बीते पांच बरस में केवल आस बनकर रह गई हैं।

Read More: UP Chunav 2027: क्या मायावती एक बार फिर लगाएंगी ब्राह्मणों पर दांव, 2007 दोहराने की है तैयारी, जानिए रणनीति

Read More: Mahoba News: बीच सड़क जलशक्ति मंत्री और भाजपा विधायक में तीखा विवाद ! काफिला रोकने से मचा बवाल, अखिलेश ने ली चुटकी

गाँव में लगे वोट बहिष्कार के पोस्टर...

आशिक़पुर औरेइया गाँव में लगे पोस्टर साध्वी की मुश्किलें बढ़ा सकतीं हैं। आपको बतादें कि  पिछले लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र पूरी तरह से ज्योति का गढ़ रहा है लेक़िन इस बार जिस तरह से ब्राह्मणों ने अपने घरों के बाहर साध्वी के विरोध में पोस्टर लगाएं हैं उससे कहीं न कहीं साध्वी को तगड़ा झटका लगने से इंकार नहीं किया जा सकता।

ब्राह्मणों ने लगाया उपेक्षाओं का आरोप...

आशिकपुर के लोग पूरी तरह से साध्वी की उपेक्षापूर्ण नीति से दुःखी हैं उन्होंने कहा कि बीते पांच बरस में न तो ज्योति को इस गाँव की याद आई और न कभी भी यह जानने की कोशिश की है कि हम ग़रीबो का क्या हाल है?
गाँव के ही रहने वाले राम विलाश त्रिवेदी ने कहा कि बीते कई सालों से वह अपने गिरे हुए टूटे मकान में रहने को मजबूर हैं पर उनको आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ नहीं मिल पाया है इतना ही नहीं किसी भी तरह का सरकारी लाभ न मिलने का उन्होंने दावा किया।
कमोबेश ऐसी ही स्थित गाँव में रहने वाले ज़्यादातर लोगों की देखने को मिली। लोग कच्ची कोठरियों में रहने को मजबूर हैं,बड़ी तादात में लोग अभी भी शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं क्योंकि उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिलने वाले शौचालय अभी भी नहीं मिले।

ऐसे में बड़ा सवाल यह भी क्या साध्वी ऐसे हालतों में दोबारा फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत पाएंगी.? ये तो आगामी 23 मई को आने वाले परिणामों के बाद ही पता चलेगा।

11 Apr 2019 By Vishwa Deepak Awasthi

फतेहपुर:विकास से अछूते ग्रामीणों का साध्वी के खिलाफ फूटा गुस्सा..कहा-'कुछ नहीं दे सकते तो मौत दे दो'

फ़तेहपुर: विकास मॉडल और मोदी मैजिक के सहारे लोकसभा चुनाव जीतने की चाहत रखने वाले भाजपा प्रत्याशियों को सावधान होने की जरूरत है!

पांचवें चरण के चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया चल रही है।ज़िले की मौजूदा सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने बुधवार को मुहूर्त के अनुसार एक सेट में पर्चा दाख़िल किया साथ ही गुरुवार को दोबारा पूरे लाव लश्कर के साथ तीन सेटों में पर्चा भरा।लेक़िन क्या इस बार ज्योति की राह 2014 जैसीे ही आसान होगी?

यह भी पढ़े: कैराना में वोटिंग के दौरान फायरिंग बिना आईडी कार्ड वोट डालने को लेकर हुआ बवाल.!

अभी के हालातों को देखकर तो ऐसा बिल्कुल भी कह पाना मुश्किल है। क्योंकि जिस विकास मॉडल की बात कर साध्वी चुनाव मैदान में उतरीं हैं उसकी ज़मीनी हकीकत कुछ और ही है। इसको जानने के लिए आपको ले चलते हैं हंसवा विकास खण्ड के आशिक़पुर औरेइया गाँव। इस गाँव में अभी भी कई दर्जन घरों को मोदी सरकार की लाभकारी योजनाओं की दरकार है। जो बीते पांच बरस में केवल आस बनकर रह गई हैं।

गाँव में लगे वोट बहिष्कार के पोस्टर...

आशिक़पुर औरेइया गाँव में लगे पोस्टर साध्वी की मुश्किलें बढ़ा सकतीं हैं। आपको बतादें कि  पिछले लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र पूरी तरह से ज्योति का गढ़ रहा है लेक़िन इस बार जिस तरह से ब्राह्मणों ने अपने घरों के बाहर साध्वी के विरोध में पोस्टर लगाएं हैं उससे कहीं न कहीं साध्वी को तगड़ा झटका लगने से इंकार नहीं किया जा सकता।

ब्राह्मणों ने लगाया उपेक्षाओं का आरोप...

आशिकपुर के लोग पूरी तरह से साध्वी की उपेक्षापूर्ण नीति से दुःखी हैं उन्होंने कहा कि बीते पांच बरस में न तो ज्योति को इस गाँव की याद आई और न कभी भी यह जानने की कोशिश की है कि हम ग़रीबो का क्या हाल है?
गाँव के ही रहने वाले राम विलाश त्रिवेदी ने कहा कि बीते कई सालों से वह अपने गिरे हुए टूटे मकान में रहने को मजबूर हैं पर उनको आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ नहीं मिल पाया है इतना ही नहीं किसी भी तरह का सरकारी लाभ न मिलने का उन्होंने दावा किया।
कमोबेश ऐसी ही स्थित गाँव में रहने वाले ज़्यादातर लोगों की देखने को मिली। लोग कच्ची कोठरियों में रहने को मजबूर हैं,बड़ी तादात में लोग अभी भी शौच के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं क्योंकि उन्हें स्वच्छ भारत मिशन के तहत मिलने वाले शौचालय अभी भी नहीं मिले।

ऐसे में बड़ा सवाल यह भी क्या साध्वी ऐसे हालतों में दोबारा फतेहपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीत पाएंगी.? ये तो आगामी 23 मई को आने वाले परिणामों के बाद ही पता चलेगा।

Tags:

Latest News

Pan Card New Rules: 1 अप्रैल से इन लोगों का बंद हो जाएगा पैन कार्ड, जल्द करें ये काम Pan Card New Rules: 1 अप्रैल से इन लोगों का बंद हो जाएगा पैन कार्ड, जल्द करें ये काम
1 अप्रैल से पैन कार्ड को लेकर नया नियम लागू हो रहा है जिसमें आधार और पैन में नाम का...
UP Weather Update: यूपी में मौसम ने ली करवट, फतेहपुर समेत 50 जिलों में बारिश-बिजली का अलर्ट
आज का राशिफल (Aaj Ka Rashifal) 28 मार्च 2026: इन 5 राशियों का चमकेगा भाग्य, कर्क और मीन राशि वालों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण
LPG Crisis In India: गैस किल्लत की आहट ! योगी सरकार बांटेगी लकड़ी, एक माह में इतनी मिलेगी, जानिए क्या है तैयारी
कौशांबी में दर्दनाक हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे फतेहपुर के परिवार की पिकअप ट्रेलर से भिड़ी, 8 की मौत, 20 घायल
Fatehpur News: फतेहपुर में बाबू कांड ने पकड़ा तूल ! पत्नी ने DIOS और पूर्व BJP जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर, डीएम ने बैठाई जांच
Fatehpur News: पत्नी को पद दिलाने के लिए मुखलाल पाल को दिए थे 25 लाख, DIOS से लेकर शिक्षक संघ अध्यक्ष तक लगे आरोप

Follow Us